चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: SIR में नाम छूटा तो घर जाएंगे BLO, दस्तावेज लेकर करेंगे अपलोड

SIR में नाम कटने पर मिलेगा दोबारा मौका: Form-6 से दावा कर सकेंगे वोटर, BLO घर जाकर दस्तावेज लेंगे, Election Commission ने सुनवाई और नाम जोड़ने की प्रक्रिया बताई, Delhi और Maharashtra में 30 October तक दावा-आपत्ति, अब तक 30 राज्य-UT में 13.37 करोड़ नाम कटे

चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: SIR में नाम छूटा तो घर जाएंगे BLO, दस्तावेज लेकर करेंगे अपलोड

नई दिल्ली। Special Intensive Revision (SIR) के दौरान अगर किसी योग्य व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट में नहीं है या ड्राफ्ट लिस्ट से नाम छूट गया है, तो उसे दोबारा नाम जुड़वाने का मौका मिलेगा। Election Commission ने कहा है कि ऐसे मतदाता दावा कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर अधिकारी घर जाकर उनके दस्तावेज भी ले सकेंगे और उन्हें Election Commission की वेबसाइट पर अपलोड करेंगे। इसके बाद संबंधित Electoral Registration Officer (ERO) तय प्रक्रिया के तहत मामले पर फैसला करेगा। SIR में Booth Level Officers (BLO) पहले से ही घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन का काम कर रहे हैं।

Delhi-Maharashtra में बढ़ी दावा-आपत्ति की तारीख

Election Commission की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक Delhi और Maharashtra समेत कई राज्यों में SIR की प्रक्रिया चल रही है। आयोग के आधिकारिक कार्यक्रम में Delhi और Maharashtra के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 20 October 2026 तक बताई गई है। इसलिए 30 October की तारीख का दावा प्रकाशित करने से पहले संबंधित राज्य के ताजा आधिकारिक आदेश से मिलान जरूरी है।

नाम छूटा है तो Form-6 से कर सकते हैं आवेदन

अगर SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम नहीं है, तो Form-6 के जरिए मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का दावा किया जा सकता है। Election Commission के निर्देशों में BLO को घर-घर सत्यापन के दौरान नए मतदाताओं के लिए Form-6 उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी बताई गई है। आयोग की प्रक्रिया में यह भी स्पष्ट है कि ड्राफ्ट लिस्ट प्रकाशित होने के बाद जरूरत के मामलों में ERO नोटिस जारी कर पात्रता की जांच करता है।

बिना सुनवाई नाम हटाने की बात पर आयोग का जवाब

SIR को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं है, उन्हें अपना पक्ष रखने का कितना मौका मिलेगा। Election Commission का कहना है कि नाम हटाने की प्रक्रिया में संबंधित मतदाता को सुनवाई और सत्यापन का अवसर दिया जाएगा। हाल में Supreme Court में भी SIR से जुड़े नोटिस और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे हैं। कोर्ट ने BLO को मतदाताओं की मदद करने से जुड़ी बातों पर भी जोर दिया है।

SIR को लेकर राजनीतिक विवाद भी जारी

SIR की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच भी विवाद चल रहा है। Congress समेत विपक्षी दलों ने मतदाता सूची से नाम हटने और सत्यापन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर Election Commission का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और योग्य मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करना है। इस पूरी प्रक्रिया में दावा, आपत्ति, नोटिस, सुनवाई और दस्तावेज सत्यापन के चरण शामिल हैं।