Bhopal Master Plan : भोपालवासियों का इंतजार खत्म, नए मास्टर प्लान 2047 का प्रारूप जारी; जानिए कैसी होगी सिटी

Bhopal Master Plan : प्रशासन ने भोपाल विकास योजना-2047 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। यह योजना चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है।

Bhopal Master Plan : भोपालवासियों का इंतजार खत्म, नए मास्टर प्लान 2047 का प्रारूप जारी; जानिए कैसी होगी सिटी

Bhopal Master Plan : भोपाल। राजधानीवासियों का इन्तजार अब ख़त्म हो गया है। भोपाल के नियोजित विकास के लिए अटके नए मास्टर प्लान का प्रारूप जारी कर दिया गया है। यह मास्टर प्लान ड्राफ्ट चार प्रमुख स्तंभों पर बनाया गया है। इन चार स्तंभों में प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण, आधुनिक दृष्टिकोण एवं नागरिक हितैषी नियोजन, सुधारोन्मुख एवं परिवर्तनकारी नियोजन और आत्मनिर्भर एवं आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने वाला विकास शामिल हैं। 

सीएम ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी

इस ड्राफ्ट को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'गणेश अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर लंबे अंतराल के बाद भोपाल विकास योजना-2047 के प्रारूप का प्रकाशन किया गया है। यह योजना भोपाल की प्राकृतिक धरोहर-भोजताल, वन क्षेत्रों एवं बाघ भ्रमण क्षेत्र- के संरक्षण के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, सुगम मोबिलिटी और आर्थिक विकास के अवसर उपलब्ध कराने की दृष्टि से तैयार की गई है। 

योजना में हरित TDR का प्रावधान किया गया है, जिससे हरित क्षेत्र में आने वाली भूमि के स्वामियों की क्षतिपूर्ति के साथ विकासकर्ताओं को TDR के माध्यम से अतिरिक्त विकास की सुविधा मिल सकेगी। समृद्ध, सुगम और विकसित भोपाल के संकल्प की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रकाशित प्रारूप पर नागरिक अपने आपत्ति एवं सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं।'

 

भोपाल मास्टर प्लान के ड्राफ्ट की विशेषताएं

भोपाल मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में प्राकृतिक संवेदनशीलता सम्मत नियोजन किया है। इसके तहत भोज ताल और इसके जलग्रहण क्षेत्र को संरक्षित रखने की अवधारणा को आधारभूत रखते हुए योजना तैयार की गई है। इसके अतिरिक्त पहाड़ियों, वन क्षेत्रों, तालाबो एवं जलाशयों, बाघ भ्रमण क्षेत्रों के संरक्षण के भी समुचित प्रावधान ड्राफ्ट में किए गए हैं। 

मास्टर प्लान ड्राफ्ट में आर्थिक विकास एवं रोजगार सृजन सम्बन्धी प्रस्ताव हैं। इसे विकास योजना इस दृष्टिकोण के साथ तैयार किया गया है कि पर्यावरणीय संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक विकास किया जा सके। वर्तमान परिदृश्य के साथ साथ अगली पीढ़ी को शहर में पर्याप्त अवसर प्राप्त हो सकें। इसके लिए लगभग 3000 हेक्टर भूमि ग्रोथ कॉरीडोर के अंतर्गत प्रस्तावित की गई है। 

मास्टर प्लान ड्राफ्ट में महानगरीय अवधारणा भोपाल विकास योजना-2047 के प्रस्ताव इस प्रकार रखे गए हैं कि भोपाल मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के साथ इसका सामंजस्य सहज रूप से हो सके और शहर में होने वाले विकास तथा मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के संसाधनों से परस्पर लाभान्वित हो सके।

आर्थिक विकास और ग्रोथ कॉरिडोर पर फोकस

ड्राफ्ट में पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक विकास और रोजगार सृजन पर जोर दिया गया है। लगभग 3000 हेक्टेयर भूमि ग्रोथ कॉरिडोर के अंतर्गत प्रस्तावित है। 51 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में एजुकेशन नॉलेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिटी, एयरपोर्ट, प्रस्तावित सीएमयू, लॉजिस्टिक क्षेत्र और विभिन्न उपनगर जुड़ेंगे। यहां मिश्रित उपयोग के साथ उच्च घनत्व विकास होगा।

बीआरटीएस कॉरिडोर प्रस्तावित है जिसे आगे एमआरटीएस में बदला जा सकेगा। होटल, स्वास्थ्य सेवा, आईटी, एआई, डेटा सेंटर, मॉल और एजुकेशन हब जैसी गतिविधियां विकसित की जाएंगी। असीमित एफएआर का प्रावधान रखा गया है।

मिश्रित उपयोग और सरलीकृत मापदंड

मिश्रित भूमि उपयोग के प्रस्ताव राज्य की टीओडी नीति के अनुरूप हैं। मार्ग की चौड़ाई के आधार पर मिक्स लैंड यूज प्रस्तावित किया गया है। इससे कार्यस्थल और आवास में बेहतर सामंजस्य बनेगा। अधिक चौड़े मार्गों पर स्थित भूमियों को एफएआर और भवन ऊंचाई की सीमा से मुक्त रखा गया है। विकास मापदंडों को सरल बनाया गया है। भूतल कवरेज हटाया गया है ताकि नागरिकों और विकासकर्ताओं को डिजाइन के अधिक विकल्प मिल सकें।

हरित क्षेत्र बढ़ाने और पुनर्विकास के प्रावधान

पुराने मास्टर प्लान में हरित क्षेत्र 16 प्रतिशत था। अब इसे बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। भानपुर खंती के पुनर्विकास के लिए गोल्फ कोर्स प्रस्तावित है। कॉलोनी स्तर पर खुला क्षेत्र 10 से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किया गया है। सर्विस एरिया के लिए दो प्रतिशत क्षेत्र रखना अनिवार्य होगा।

क्रिएटिव रीडेवलपमेंट के जरिए भूखंडों के संविलयन और बेस एफएआर में छूट दी गई है। 70 प्रतिशत रहवासियों की सहमति पर आरडब्ल्यूए अपार्टमेंट का पुनर्विकास कर सकेगी। हरित टीडीआर और हेरिटेज टीडीआर के प्रावधान भी रखे गए हैं।

सुरक्षा, पार्किंग और शिक्षा पर विशेष ध्यान

डिजिटल ट्विन सिटी की व्यवस्था से रियल टाइम निगरानी संभव होगी। सार्वजनिक स्थानों पर निजी सीसीटीवी की नेटवर्किंग और पारदर्शी बाउंड्री वॉल के प्रावधान हैं। मल्टीलेवल पार्किंग, मैकेनाइज्ड पार्किंग और फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग की व्यवस्था रखी गई है। भौंरी क्षेत्र में एजुकेशन हब यानी ईकेएआई सिटी की परिकल्पना की गई है। चैरिटेबल गतिविधियों जैसे अनाथ आश्रम, मूक-बधिर विद्यालय और वृद्धाश्रम को एफएआर खरीदने की बाध्यता से मुक्त रखा गया है।

नया निवेश क्षेत्र और शहर की पहचान

नया मास्टर प्लान 1016.90 वर्ग किलोमीटर के निवेश क्षेत्र के लिए तैयार किया गया है। इसमें 254 ग्राम शामिल हैं और यह 45 लाख आबादी के लिए है। विकास योग्य क्षेत्र 61017.02 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। भोपाल झीलों और पहाड़ों की नगरी है। यहां रामसर साइट भोजताल, राष्ट्रीय उद्यान और बाघ भ्रमण क्षेत्र स्थित हैं। योजना इन प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ शहर को आधुनिक बनाने पर केंद्रित है।

यहां पढ़िए भोपाल मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट