MP में भी एनालॉग पनीर बैन, CM ने दिए कार्रवाई के निर्देश
नकली पनीर पर मध्यप्रदेश सरकार की सख्ती। सरकार ने राज्य में महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ के बाद लगाया प्रतिबंध। होटल-रेस्टोरेंट में इस्तेमाल पर लगेगी रोक।
Madhya Pradesh में भी एनालॉग पनीर की बिक्री और इस्तेमाल पर सरकार ने रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने अधिकारियों को इस संबंध में जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं को दूध से बना शुद्ध पनीर मिले और दूसरे पदार्थों से तैयार उत्पाद को असली पनीर बताकर बेचने की स्थिति न बने।

खाद्य सुरक्षा अभियान भी तेज
प्रदेश में त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अभियान तेज कर दिया गया है। हाल ही में स्वास्थ्य राज्य मंत्री Narendra Shivaji Patel ने Indore में कहा था कि दूध, मावा और दूध से बने दूसरे उत्पादों की शुद्धता पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि 20 जुलाई से लगातार खाद्य सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है।

स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में त्योहारों के कारण दूध और उससे बने उत्पादों की मांग बढ़ेगी। ऐसे में लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी क्रम में एनालॉग पनीर के खिलाफ भी कड़े कदम उठाने की तैयारी है।
क्या होता है एनालॉग पनीर?
एनालॉग पनीर देखने और इस्तेमाल करने में सामान्य पनीर जैसा हो सकता है, लेकिन यह पूरी तरह दूध से तैयार नहीं होता। इसे बनाने में वनस्पति तेल या फैट, स्टार्च, मिल्क प्रोटीन और कुछ अन्य गैर-डेयरी सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसकी लागत आमतौर पर दूध से बने पारंपरिक पनीर से कम हो सकती है। इसी वजह से होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार में इसके इस्तेमाल को लेकर सवाल उठते रहे हैं। समस्या तब ज्यादा गंभीर होती है, जब ग्राहक को इसकी सही जानकारी दिए बिना इसे सामान्य पनीर के तौर पर बेचा जाता है।
ग्राहक के लिए पहचान करना मुश्किल
एनालॉग पनीर और दूध से बने पनीर में अंतर आम ग्राहक के लिए आसानी से पहचानना मुश्किल हो सकता है। दोनों का रंग और आकार काफी हद तक एक जैसा दिखाई दे सकता है। ऐसे में उत्पाद की सही जानकारी और लेबलिंग बेहद जरूरी हो जाती है। राज्य सरकार का मानना है कि उपभोक्ता को यह स्पष्ट रूप से पता होना चाहिए कि वह दूध से बना पनीर खरीद रहा है या किसी अन्य सामग्री से तैयार उत्पाद।

दूसरे राज्यों का भी दिया उदाहरण
स्वास्थ्य राज्य मंत्री Narendra Shivaji Patel ने बताया कि Maharashtra, Chhattisgarh और Gujarat में एनालॉग पनीर को लेकर प्रतिबंधात्मक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में भी इसे लेकर जल्द सख्त फैसला लिया जाएगा।

सरकार की एक चिंता यह भी है कि जिन राज्यों में एनालॉग पनीर पर रोक है, वहां से इसकी आपूर्ति मध्य प्रदेश में बढ़ सकती है। प्रस्तावित कार्रवाई का उद्देश्य ऐसी स्थिति को रोकना और उपभोक्ताओं को शुद्ध खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराना है।
प्राकृतिक दूध उत्पादन पर जोर
मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने कहा है कि सरकार का प्रयास प्राकृतिक रूप से दूध उत्पादन बढ़ाने का होगा। इससे दूध की उपलब्धता बढ़ेगी और उसी से प्राकृतिक पनीर का निर्माण किया जा सकेगा। फिलहाल, सरकार की ओर से एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। अंतिम नियम और कार्रवाई का तरीका संबंधित विभागों के फैसले के बाद स्पष्ट होगा।

Varsha Shrivastava 
