सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद एमपी में यूजीसी नियम लागू करने पर सवाल, सर्वजन न्याय मंच ने उठाई आपत्ति

यूजीसी के नए नियमों को लेकर देशभर में चल रही कानूनी बहस के बीच मध्यप्रदेश में इन्हें लागू करने के फैसले पर सवाल खड़े होने लगे हैं.

सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद एमपी में यूजीसी नियम लागू करने पर सवाल, सर्वजन न्याय मंच ने उठाई आपत्ति

यूजीसी के नए नियमों को लेकर देशभर में चल रही कानूनी बहस के बीच मध्यप्रदेश में इन्हें लागू करने के फैसले पर सवाल खड़े होने लगे हैं. म.प्र. सर्वजन न्याय मंच ने भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में राज्य सरकार के 2 फरवरी 2026 के आदेश पर गंभीर आपत्ति जताई.

मंच के प्रतिनिधियों ने कहा कि 13 जनवरी 2026 को यूजीसी ने ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस-2026’ जारी किए थे. इन नियमों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में तीन याचिकाएं दायर की गईं, जिनमें मृत्युंजय तिवारी, अधिवक्ता विनीत जिंदल, राहुल दीवान, संजय दीक्षित और रूबल पडलिया सहित अन्य याचिकाकर्ता शामिल हैं.

मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस ज्योमाल्या बागची की डबल बेंच ने 29 जनवरी 2026 को नए नियमों के कुछ प्रावधानों पर रोक लगा दी थी. कोर्ट ने केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 19 मार्च 2026 तय की है.

इसके बावजूद, सर्वजन न्याय मंच का आरोप है कि मध्यप्रदेश सरकार ने 2 फरवरी 2026 को एक आदेश जारी कर राज्य के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को यूजीसी के नए प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए. मंच ने सवाल उठाया कि जब मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है और रोक भी लगी हुई है, तब ऐसे में नियमों को लागू करने की जल्दबाजी क्यों की गई?

मंच ने यह भी कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट ने नियमों पर रोक लगाई है, तो उन्हें लागू करना न्यायालय की अवमानना के दायरे में आ सकता है. संगठन ने राज्य सरकार और सामान्य प्रशासन विभाग से इस संबंध में स्पष्ट जवाब देने की मांग की है.