लोकसभा में राहुल गांधी का बड़ा हमला: "मोदी जी ट्रंप के दबाव में, Epstein Files और अडानी केस से डरे हुए, भारत बेच दिया!"

नेता प्रतिपक्ष ने PM पर गंभीर आरोप लगाए, ट्रेड डील को 'सरेंडर' बताया; रिजिजू ने सबूत मांगे, स्पीकर बोले- "मैंने नहीं मांगा"। Epstein Files का जिक्र कर सदन में भारी हंगामा

लोकसभा में राहुल गांधी का बड़ा हमला: "मोदी जी ट्रंप के दबाव में, Epstein Files और अडानी केस से डरे हुए, भारत बेच दिया!"

नई दिल्ली: लोकसभा के बजट सत्र में बुधवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ हाल ही में हुई ट्रेड डील को "भारत का सरेंडर" करार देते हुए आरोप लगाया कि PM मोदी डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में आकर देश को "बेच" रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि PM की आंखों में डर साफ दिखता है और वे "कंप्रोमाइज्ड" (समझौतावादी) हो चुके हैं। राहुल गांधी ने कहा, आपने भारत को बेच दिया है, हमारी मां, भारत माता को बेच दिया, क्या आपको शर्म नहीं आती। उन्होंने आगे कहा, सामान्य परिस्थितियों में PM ऐसा नहीं करते, लेकिन ट्रंप उनका गला घोंट रहे हैं, गर्दन पकड़ रखी है।



ट्रेड डील पर हमला: 
राहुल ने कहा कि डील में भारतीय किसानों का खून-पसीना बेच दिया गया। अमेरिका का आयात 46 अरब से बढ़कर 146 अरब डॉलर हो जाएगा, जबकि हमारा टैरिफ 3% से 18% हो गया और उनका 16% से जीरो। गरीब किसानों को कुचलने का रास्ता खोल दिया गया।

भारतीय डेटा का खेल: 
उन्होंने AI और डेटा को "पेट्रोल" बताया और कहा कि अमेरिका और चीन की नजर भारत के 140 करोड़ लोगों के डेटा पर है। अमेरिका को सुपरपावर बने रहने के लिए भारतीय डेटा चाहिए। हम होते तो कहते - डेटा हमारा सबसे बड़ा हथियार है।
Epstein Files का जिक्र: 
राहुल ने Jeffrey Epstein Files का नाम लिया और पूछा कि फाइल्स में क्या राज़ हैं जो अभी तक रिलीज नहीं हुए। उन्होंने अडानी ग्रुप के अमेरिकी केस को भी PM और BJP की फाइनेंशियल स्ट्रक्चर से जोड़ा। ये दो प्रेशर पॉइंट्स हैं - अडानी केस और Epstein Files। PM कंप्रोमाइज्ड हैं।


एनर्जी सिक्योरिटी पर खतरा: 
डील से भारत की एनर्जी सिक्योरिटी अमेरिका को सौंप दी गई। "हमारे किसानों और लोगों का भविष्य दांव पर लगा दिया गया।"


सदन में हंगामा:
जब राहुल ने Epstein Files और PM पर आरोप लगाए तो केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, PM पर आरोप लगाया, सबूत दें! राहुल ने जवाब दिया, अभी दे रहा हूं! लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने हस्तक्षेप कर कहा, मैंने सबूत नहीं मांगा! इसके बाद सदन में भारी हंगामा हुआ और कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी।
राहुल गांधी ने जियोपॉलिटिकल कॉन्फ्लिक्ट का उदाहरण देते हुए कहा, हम युद्ध के दौर में हैं - गाजा, यूक्रेन, ऑपरेशन सिंदूर। ऊर्जा और फाइनेंस को हथियार बनाया जा रहा है।"

सरकार की प्रतिक्रिया:
सरकार ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन BJP सांसदों ने इसे राजनीतिक स्टंट बताया। ट्रेड डील को दोनों देशों के लिए फायदेमंद करार दिया जा रहा है।
देश में इस बहस से राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। क्या ये आरोप साबित होंगे या सिर्फ विपक्ष का हमला?