एथेनॉल विवाद पर रीवा सांसद का बयान गरमाया, कांग्रेस नेता आकाश सिंह बोले- ‘क्या बाप शब्द कहना जरूरी था?
पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलावट को लेकर रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा के कथित बयान पर विवाद बढ़ा। कांग्रेस नेता आकाश सिंह चौहान ने बयान की निंदा करते हुए भाषा की मर्यादा पर सवाल उठाए।
सीधी/रीवा। पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल की मिलावट को लेकर मध्य प्रदेश के में विंध्य में सियासत गरमा गई है. सीधी जिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्ञान सिंह द्वारा शुद्ध पेट्रोल को लेकर रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा से बातचीत किए जाने के बाद सांसद के बयान पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है, कांग्रेस नेता आकाश सिंह चौहान ने सांसद के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन भाषा की मर्यादा और पिता के सम्मान का ध्यान रखना चाहिए.
बयान जिसने बढ़ाई सियासत
रीवा एयरपोर्ट पर आयोजित कार्यक्रम में कोलकाता से 72 सीटर विमान रीवा पहुंचा और यहां से भोपाल के लिए रवाना हुआ. इस दौरान सांसद जनार्दन मिश्रा ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और बुनियादी ढांचे के विकास की सराहना की.अपने संबोधन में सांसद ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण की सरकारी नीति का जोरदार समर्थन किया. उन्होंने कहा कि ब्राजील जैसे देश में बड़े पैमाने पर इथेनॉल का इस्तेमाल हो रहा है और भारतीय वाहन भी पूरी तरह से इथेनॉल पर चलने में सक्षम हैं.
इथेनॉल मिश्रण के विरोध और शुद्ध पेट्रोल की मांग पर बोलते-बोलते सांसद जनार्दन मिश्रा के बोल बिगड़ गए. उन्होंने मंच से कहा, ''शुद्ध पेट्रोल क्या तुम्हार बाप के यहां से आएगा. बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, और राजनीती ने रफ्तार पकड़ लिया. सांसद के इस बयान का सीधी कांग्रेस जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने जमकर निंदा की, जिसके बाद राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई.
‘क्या बाप शब्द का इस्तेमाल करना जरूरी था?’
कांग्रेस नेता आकाश सिंह ने कहा कि राजनीति अपनी जगह है और पिता का सम्मान अपनी जगह. उन्होंने सांसद के बयान की घोर निंदा करते हुए कहा कि किसी मुद्दे पर असहमति हो सकती है, लेकिन विरोध जताने के लिए शब्दों की मर्यादा नहीं लांघी जानी चाहिए.
आकाश सिंह ने एथेनॉल की पेट्रोल में मिलावट को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अगर एथेनॉल मिलाना जरूरी है तो इसके पीछे सरकार और विशेषज्ञों का क्या तर्क है, इस पर स्पष्ट बातचीत होनी चाहिए. जनता के सवालों का जवाब देने के बजाय विवादित भाषा का इस्तेमाल करना उचित नहीं है.
ओछी राजनीति पर आकाश सिंह ने बीजेपी को घेरा
राजनीति में लगातार गिरते भाषा के स्तर और विरोधियों के खिलाफ अमर्यादित शब्दों के इस्तेमाल को लेकर उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में राजनीति का स्तर गिरता जा रहा है और विरोधियों के खिलाफ शब्दों की मर्यादा लांघकर बयान दिए जा रहे हैं. आकाश सिंह के मुताबिक, बीजेपी नेताओं की ओर से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल लगातार देखने को मिलता है. उन्होंने जनार्दन मिश्रा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब सांसद ने इस तरह का बयान दिया हो. उनके अनुसार, सांसद आए दिन अलग-अलग मुद्दों पर “उटपटांग बयान” देते रहते हैं.
‘बीजेपी अहंकार में डूबी हुई पार्टी’
आकाश सिंह ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “बीजेपी पूरी तरह अहंकार में डूबी हुई पार्टी है. उन्होंने कहा कि बीजेपी नेताओं को यह समझ नहीं आ रहा कि किस मौके पर क्या बोलना चाहिए और क्या नहीं.
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि बीजेपी नेताओं की ओर से जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है, वही आगे चलकर पार्टी के पतन का कारण बनेगा. उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ समझ चुकी है और अब बीजेपी की विदाई का समय आ गया है.
एथेनॉल के मुद्दे पर भी सियासत तेज
पेट्रोल में एथेनॉल की मिलावट को लेकर पहले से ही अलग-अलग राजनीतिक दलों की ओर से सवाल उठाए जाते रहे हैं. इसी बीच सीधी में शुद्ध पेट्रोल को लेकर हुई बातचीत और रीवा सांसद के कथित बयान ने इस मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है.
कांग्रेस नेता आकाश सिंह ने कहा कि पेट्रोल की कीमत, उसकी गुणवत्ता और एथेनॉल मिश्रण जैसे मुद्दों पर जनता को स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक संवाद में भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है.

