प्रियंका गांधी के आरोपों से लेकर नेहरू पर टिप्पणी तक सदन में मचा हंगामा,Anti-Paper Leak Bill पर लोकसभा में तीखी बह
लोकसभा में Anti-Paper Leak Bill पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी के आरोप, शिक्षा व्यवस्था पर सवाल, नेहरू पर टिप्पणी और किरण रिजिजू के तंज से सदन में जमकर हंगामा हुआ.
लोकसभा में Anti-Paper Leak Bill पर चर्चा के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली. चर्चा की शुरुआत परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक जैसे अहम मुद्दों से हुई, लेकिन कुछ ही देर में बहस छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप, संसदीय नियमों और ऐतिहासिक टिप्पणियों तक पहुंच गई. पूरे घटनाक्रम के दौरान कई ऐसे बयान सामने आए, जिनकी चर्चा अब संसद से लेकर सोशल मीडिया तक हो रही है.
घायल छात्रा का जिक्र कर प्रियंका गांधी ने सरकार पर उठाए सवाल
बहस की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने उस छात्रा का जिक्र किया, जो हाल के छात्र प्रदर्शन के दौरान घायल हुई थी और अस्पताल में भर्ती है. उन्होंने कहा कि अस्पताल में छात्रा की मां ने नेताओं की लगातार आवाजाही पर नाराजगी जताई और कहा कि उन्हें राजनीतिक सहानुभूति नहीं, बल्कि न्याय चाहिए.
इसके बाद प्रियंका गांधी ने सरकार से सवाल किया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ इतना बल प्रयोग क्यों किया गया. उन्होंने पूछा कि आंसू गैस, लाठीचार्ज, वाटर कैनन और कथित तौर पर पेलेट गन का इस्तेमाल क्यों हुआ और ऐसे आदेश किस स्तर पर दिए गए. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से इस पर जवाब देने की मांग की.
Watch | Delhi: Congress General Secretary and Wayanad MP Priyanka Gandhi Vadra said, "I wish to ask the honorable Prime Minister and the honorable Home Minister, what was the need to unleash such repression upon an innocent girl? What was the need to have tear gas fired at those… pic.twitter.com/cZHdnKhU1w
— United News of India (@uniindianews) July 28, 2026
शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक पर सरकार को घेरा
प्रियंका गांधी ने कहा कि देशभर में लाखों परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए बड़ी आर्थिक कुर्बानियां देते हैं, लेकिन परीक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है.
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में कई पेपर लीक की घटनाएं सामने आईं, जिनसे करोड़ों छात्र प्रभावित हुए, लेकिन बड़े स्तर पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग सिर्फ इतनी है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, परीक्षा व्यवस्था पारदर्शी बने, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो और छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता पर सरकार जवाब दे.
शिक्षा बजट, बेरोजगारी और नई शिक्षा नीति पर भी उठाए सवाल
अपने भाषण में प्रियंका गांधी ने शिक्षा बजट, महंगी पढ़ाई, बेरोजगारी और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि पढ़ाई पर खर्च लगातार बढ़ रहा है, जबकि रोजगार की गारंटी नहीं है.
उन्होंने सरकार से नई शिक्षा नीति की समीक्षा करने, शिक्षा विशेषज्ञों, शिक्षकों और छात्रों के सुझावों के आधार पर सुधार करने, मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने और रोजगार के अवसरों पर गंभीरता से काम करने की अपील की.
प्रह्लाद जोशी पर आरोप से सदन में बढ़ा विवाद
भाषण के दौरान प्रियंका गांधी ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने बिलकिस बानो मामले में दोषियों की रिहाई का समर्थन किया था. इस बयान पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया.
प्रह्लाद जोशी ने इस आरोप को निराधार बताते हुए स्पीकर से इसे रिकॉर्ड से हटाने की मांग की और कहा कि बिना प्रमाण इतने गंभीर आरोप नहीं लगाए जा सकते. इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नियम 353 का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाने से पहले निर्धारित प्रक्रिया का पालन आवश्यक है. प्रियंका गांधी ने कहा कि उनके पास अपने दावे के समर्थन में सामग्री उपलब्ध है और आवश्यकता पड़ने पर उसे प्रस्तुत किया जा सकता है.
नेहरू पर निशिकांत दुबे की टिप्पणी पर भी हुआ हंगामा
बहस के दौरान बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने एक बार फिर जवाहरलाल नेहरू पर अपनी पुरानी टिप्पणी दोहराते हुए कहा कि वह अपने बयान पर कायम हैं और उसके समर्थन में पुस्तक का हवाला देने को तैयार हैं.
इस टिप्पणी के बाद विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया, जबकि सत्ता पक्ष अपनी बात पर अड़ा रहा. लोकसभा अध्यक्ष लगातार सदस्यों से मूल विधेयक पर चर्चा करने की अपील करते रहे, लेकिन कुछ समय तक सदन में शोर-शराबा जारी रहा.
"अय्याश थे नेहरू तो अय्याश थे!"
— Political Kida (@PoliticalKida) July 28, 2026
Nishikant Dubey giving sleepless nights to Congressis! ???? pic.twitter.com/3S9UkLpfOU
किरण रिजिजू के तंज ने सोशल मीडिया पर पकड़ी रफ्तार
प्रियंका गांधी का भाषण समाप्त होने के बाद केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने तंज कसते हुए कहा कि "प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी का स्पीच चोरी कर लिया है."
उनकी यह टिप्पणी भी जल्द ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई और संसद की बहस का नया राजनीतिक पहलू बनकर सामने आई.
असली मुद्दा फिर भी परीक्षा व्यवस्था ही रही
हालांकि पूरे घटनाक्रम के दौरान कई राजनीतिक आरोप और तीखे बयान सामने आए, लेकिन बहस का मूल विषय Anti-Paper Leak Bill और परीक्षा व्यवस्था में सुधार ही था.
सरकार का कहना है कि नया कानून पेपर लीक जैसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा, जबकि विपक्ष का तर्क है कि केवल कानून कड़ा करने से समस्या का समाधान नहीं होगा. विपक्ष का कहना है कि पारदर्शी परीक्षा प्रणाली, जवाबदेही और युवाओं का भरोसा बहाल करना भी उतना ही जरूरी है.
अब देखना होगा कि संसद में हुई इस तीखी राजनीतिक बहस के बाद चर्चा फिर से छात्रों, परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक जैसे मूल मुद्दों पर लौटती है या राजनीतिक बयानबाजी ही आगे भी सुर्खियों में बनी रहती है.
Anubhav Dubey 
