Bhopal: CM हाउस का घेराव करने निकले किसानों को पुलिस ने रोका, मुख्यमंत्री बोले- किसानों से बात करेगी सरकार
नर्मदापुरम के 2 हजार किसान राजधानी में डटे, मूंग खरीदी और ई-टोकन मांगों को लेकर प्रदर्शन, मुख्यमंत्री निवास की सुरक्षा बढ़ाई गई; स्कूलों में छुट्टी, भारी सुरक्षाबल तैनात
मूंग खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था और अन्य मांगों को लेकर नर्मदापुरम संभाग के करीब दो हजार किसान भोपाल पहुंच गए हैं। मंगलवार रात किसानों ने सड़क पर ही समय बिताया। प्रशासन ने उन्हें बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के पास रोक दिया, जिसके कारण नए भोपाल की कई सड़कों पर देर रात तक जाम की स्थिति बनी रही।

किसान नेताओं ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि वे सीएम हाउस के सामने धरना देंगे और अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे। किसानों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं को लेकर भोपाल आए हैं तो खाली हाथ नहीं लौटेंगे।
किसानों से संवाद करेगी सरकार- CM मोहन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान आंदोलन को लेकर कहा कि प्रदेश में कृषि कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है। किसानों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए सरकार ने एक कमेटी बनाई है, जो किसानों से संवाद करेगी। उन्होंने कहा कि आज भी मंत्रियों का एक दल किसानों से बातचीत करेगा। सरकार किसानों के सकारात्मक सुझावों के साथ हमेशा खड़ी है। साथ ही यह भी जरूरी है कि आंदोलन के दौरान आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो।

कई स्कूलों की छुट्टी, भारी सुरक्षाबल तैनात
मंगलवार देर रात प्रशासनिक अधिकारियों और किसान प्रतिनिधियों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। हालांकि, बैठक में कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री निवास घेराव की बात दोहराई। प्रशासन ने किसानों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा इंतजाम बढ़ा दिए हैं।

फिलहाल, हालात को देखते हुए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने नर्मदापुरम रोड के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों की छुट्टी का आदेश जारी कर दिया है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
सीएम हाउस के आसपास बढ़ाई गई सुरक्षा
किसानों के आंदोलन को देखते हुए मुख्यमंत्री निवास और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कई प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है। सुरक्षा के लिए SAF, RAF और 20 से ज्यादा थानों के पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

पुलिस ने वाटर कैनन, वज्र वाहन और दंगा नियंत्रण उपकरण भी तैयार रखे हैं। वहीं, हालात को देखते हुए नर्मदापुरम रोड के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है।

बीच सड़क पर बनाई दाल-बाटी
जब रात सड़कों पर गुजारनी पड़ी तो किसानों ने बीच सड़क पर ही दाल-बाती बनाई और खाई भी।

मंगलवार रात नर्मदापुरम रोड पर ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा। होशंगाबाद रोड, एम्स, बंसल प्लाजा और कटारा हिल्स रोड पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। प्रशासन अब किसानों के आगे बढ़ने की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
Varsha Shrivastava 
