Exclusive पब्लिक वाणी के खुफिया कैमरे में कैद लापरवाही: जिला शिक्षा केंद्र में 10 बजे के बाद भी खाली मिली कुर्सियां
भोपाल के जिला शिक्षा केंद्र में समय पालन में लापरवाही सामने आई। पब्लिक वाणी के स्टिंग ऑपरेशन में सुबह 10 बजे के बाद भी कई कर्मचारी और खुद डीपीसी रवीश श्रीवास्तव कार्यालय में मौजूद नहीं मिले। सरकारी कार्यालयों में मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद भी स्थिति खराब है।
भोपाल: राजधानी में शासकीय कार्यालयों में समय पालन को लेकर सरकार की सख्ती के बावजूद लापरवाही सामने आ रही है। मंगलवार को जिला शिक्षा केंद्र (डीईसी) कार्यालय का जायजा लेने पर कई कर्मचारी और अधिकारी तय समय पर मौजूद नहीं मिले। सुबह 10 बजे का निर्धारित समय होने के बावजूद भी 10.30 से 11 बजे तक भी कई कर्मचारी कार्यालय नहीं पहुंचे थे। जब हम वहां कुछ देर रुके तो कार्यालय में काम करने वाले कुछ ही कर्मचारी 11 बजे के बाद तक कार्यालय में पहुंचें।
जिला शिक्षा केंद्र में नहीं दिखे कई कर्मचारी
पब्लिक वाणी की टीम ने जिला शिक्षा केंद्र कार्यालय का खुफिया कैमरे से स्टिंग ऑपरेशन किया। इस दौरान कई कर्मचारियों की कुर्सियां खाली मिलीं। तय समय के बाद भी कर्मचारियों की अनुपस्थिति से कार्यालयीन कामकाज प्रभावित होता नजर आया। शिक्षा विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य इसी कार्यालय से संचालित होते हैं, ऐसे में कर्मचारियों की देरी से उपस्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।
डीपीसी रविश श्रीवास्तव भी कार्यालय में नहीं मिले
निरीक्षण के दौरान जिला परियोजना समन्वयक (प्रभारी डीपीसी) रवीश श्रीवास्तव भी कार्यालय में मौजूद नहीं मिले। जब उनसे इस संबंध में प्रतिक्रिया लेने और समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने के संबंध में फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। ऐसे में विभागीय जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
सीएम के निर्देश के बाद भी नहीं सुधर रही व्यवस्था
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी शासकीय कार्यालयों में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक अनिवार्य उपस्थिति के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर हाल ही में अधिकारियों की टीम ने वल्लभ भवन, सतपुड़ा भवन और विंध्याचल भवन में औचक निरीक्षण कर देरी से आने वाले कर्मचारियों सख्त चेतावनी दी थी। लेकिन इसके बावजूद कई विभागों में समय पालन को लेकर लापरवाही जारी है।
sanjay patidar 
