NEET UG 2026 Exam: बायोमेट्रिक फेल होने पर भी मिलेगी एंट्री, भोपाल में 33 केंद्रों पर 14 हजार अभ्यर्थी देंगे परीक्षा
भोपाल में NEET UG 2026 की सख्त तैयारियां: भोपाल में 14 हजार अभ्यर्थी होंगे शामिल, 33 केंद्रों पर लागू होंगे कड़े सुरक्षा और ड्रेस कोड नियम
भोपाल। NEET UG 2026 परीक्षा को लेकर भोपाल में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शहर में इस बार 33 परीक्षा केंद्रों पर करीब 14 हजार अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा रविवार, 3 मई को दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक ऑफलाइन (पेन-पेपर) मोड में आयोजित की जाएगी। प्रशासन ने परीक्षा की पारदर्शिता, सुरक्षा और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए सख्त गाइडलाइन लागू की हैं।
परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश प्रक्रिया सुबह 11 बजे से शुरू हुई। इसके लिए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई कि वे समय से पहले केंद्र पर पहुंचें ताकि अंतिम समय की भीड़ और परेशानी से बचा जा सके। दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समय पालन अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
एडमिट कार्ड और जरूरी सामान की सूची
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को केवल कुछ जरूरी वस्तुएं ही साथ लाने की अनुमति दी गई है। इनमें एडमिट कार्ड, वैध पहचान पत्र, काला बॉल पेन और पारदर्शी पानी की बोतल शामिल हैं। इसके अलावा किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैग या अतिरिक्त सामान पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। एडमिट कार्ड पर दिए गए सभी निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।
इस बार परीक्षा के लिए सख्त ड्रेस कोड लागू किया गया है। अभ्यर्थियों को केवल हल्के और हाफ स्लीव कपड़े पहनकर आने की अनुमति होगी। जूते पहनने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है, जबकि चप्पल या सैंडल पहनकर आने की अनुमति है। इसका उद्देश्य सुरक्षा जांच को आसान बनाना और किसी भी प्रकार की अनुचित सामग्री की एंट्री रोकना है। परीक्षा केंद्रों पर फ्रिस्किंग और सुरक्षा जांच को और कड़ा किया गया है। हर केंद्र पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की गहन तलाशी ली जाएगी।
बायोमेट्रिक फेल होने पर भी मिलेगी एंट्री
एंट्री के दौरान सभी अभ्यर्थियों के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। हालांकि, यदि तकनीकी कारणों जैसे मशीन खराब होना, नेटवर्क समस्या या UIDAI से कनेक्टिविटी फेल होने पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं हो पाता है, तो भी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। ऐसी स्थिति में उन्हें लिखित अंडरटेकिंग देना होगा, जिसका फॉर्मेट केंद्र पर उपलब्ध रहेगा।
वही, परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ नियंत्रण के लिए सख्त व्यवस्था की गई है। अभ्यर्थियों के परिजनों को परीक्षा केंद्र से 100 मीटर पहले ही रोक दिया जाएगा। इसके अलावा छात्रों के बैग और अन्य सामान भी केंद्र से दूर निर्धारित स्थान पर जमा कराए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य केंद्रों के भीतर अनुशासन और शांति बनाए रखना है।
मेडिकल और आपातकालीन सेवाएं अलर्ट पर
गर्मी और संभावित स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष इंतजाम किए हैं। पूरे शहर में 66 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहेगा। इसके अलावा 108 एम्बुलेंस सेवाओं को क्विक रिस्पॉन्स मोड में रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके। सभी केंद्रों पर ओआरएस और आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
हर परीक्षा केंद्र पर दो-दो इंटर्न डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। उनके मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संपर्क किया जा सके। जोनल स्तर पर मेडिकल टीमें भी तैनात की गई हैं जो विभिन्न केंद्रों के बीच समन्वय बनाए रखेंगी।
Varsha Shrivastava 
