हाईवे पर जगह-जगह खुले डिवाइडर, अधूरे निर्माण कार्य और खराब सड़क प्रबंधन के कारण बढ़ रहा दुर्घटनाओं का ग्राफ

मऊगंज और रीवा में कागजों पर हाईवे की व्यवस्था, नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां। जिम्मेदारों की अनदेखी से रीवा हनुमना और मनगवा चाकघाट में आए दिन हो रही दुर्घटनाएं।

हाईवे पर जगह-जगह खुले डिवाइडर, अधूरे निर्माण कार्य और खराब सड़क प्रबंधन के कारण बढ़ रहा दुर्घटनाओं का ग्राफ

मऊगंज से राजेंद्र पयासी की रिपोर्ट। मऊगंज और रीवा जिले से गुजरने वाली रीवा हनुमना और मनगवा चाकघाट मार्ग में आए दिन दुर्घटनाएं घट रही है। जिस गति से इन दोनों हाईवे पर दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ा है। इसकी जमीनी हकीकत देखी जाए तो कहीं ना कहीं नियमों की अनदेखी साफ झलकती है। जगह-जगह कटे डिवाइडर, अधूरे पड़े निर्माण कार्य, ओवर ब्रिज के पास सर्विस रोड का कई जगह निर्माण न कराया जाना आदि ऐसे कारण है, जिनके कारण खून के छीटों से नेशनल हाईवे लाल हो रही है।

​एक तरफ देश की सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि हाइवे पर सुरक्षित सफर हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। हाईवे पर जगह-जगह डिवाइडर के अवैध कट को सुधार के निर्देश दिए हैं। वहीं दूसरी ओर मनगवां से चाकघाट और रीवा से हनुमना राष्ट्रीय मार्ग के बीच की तस्वीरें प्रशासन के दावों की पोल खोल रही हैं।

हाईवे के हालात कुछ इस कदर है कि जगह-जगह ​कटे डिवाइडर और अधूरी सर्विस रोड मौत को खुला निमंत्रण देती नजर आती है। लेकिन आए दिन घट रही इतनी दुर्घटनाओं के बाद भी आज तक उस हकीकत की ओर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान नहीं गया, जहां और जिनके के कारण आए दिन दुर्घटनाएं घट रही है।

​रीवा और नवगठित मऊगंज जिले के अंतर्गत आने वाले इस हाईवे पर सबसे बड़ी समस्या अवैध रूप से काटे और उखड़े हुए डिवाइडर हैं। बिना किसी सांकेतिक चिन्ह के जगह-जगह से डिवाइडर खुले छोड़ दिए गए हैं, जो रात के अंधेरे में काल बन रहे हैं। अधूरी सर्विस रोड के कारण स्थानीय यातायात मुख्य मार्ग पर आने को मजबूर है। जिससे तेज रफ्तार वाहनों और स्थानीय वाहनों के बीच टक्कर आम बात हो गई है।

​अवैध पार्किंग भी बन रही दुर्घटनाओं का कारण

नेशनल हाईवे के किनारे संचालित होटलों के सामने खड़ी गाड़ियों की लंबी कतारें आए दिन दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि हाईवे के 'राइट ऑफ वे यानी आरओडब्लू में कोई अवैध पार्किंग बर्दाश्त नहीं होगी। इसके बावजूद रीवा से लेकर हनुमना तक और मनगवां से लेकर चाकघाट तक हाईवे किनारे स्थित होटलों के सामने भारी वाहनों का जमघट लगा रहता है। नेशनल हाईवे के किनारे संचालित होटलों और उनके सामने खड़े नियम विरुद्ध वाहन न केवल यातायात बाधित करते हैं, बल्कि सुरक्षा मानकों को पूरी तरह दरकिनार कर रहे हैं।

​निराश्रित मवेशी और प्रशासनिक अनदेखी

​हाईवे पर चहल कदमी करते या फिर पेड़ो की छांव में आराम फरमाते निराश्रित मवेशी और आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे मृत पशु एक बड़ी चुनौती बन चुके हैं। रात के समय वाहनों की लाइट से चौंधियाकर या अचानक सामने आने वाले पशुओं के कारण भीषण दुर्घटनाएं हो रही हैं। मृत पशुओं को सड़क से समय पर न हटाना प्रशासन की घोर लापरवाही को दर्शाता है, जिससे टकराकर कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। लेकिन इतने बड़े गंभीर विषय पर आज तक गंभीरता के साथ विचार नहीं किया गया। वहीं जगह-जगह अवैध रूप से काटे गए डिवाइडर अधूरे पड़े निर्माण कार्य संकेतकों की कमी, भारी वाहनों की ओवरलोडिंग सहित खराब सड़क की स्थिति के कारण मऊगंज और रीवा जिले से गुजरने वाली नेशनल हाईवे पर दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ा है।​