पहली बार “महिला किसान चौपाल” का आयोजन, अब खेती में महिलाओं की आवाज बनेगी ताकत
सीधी जिले के कुसमी क्षेत्र में पहली बार “महिला किसान चौपाल” आयोजित कर महिला किसानों को सशक्त मंच दिया गया। इस पहल से महिलाओं की खेती में भूमिका मजबूत हुई और उन्हें नवाचार व योजनाओं की जानकारी मिली।
सीधी जिले के आदिवासी अंचल कुसमी के पोड़ी ग्राम में जिला प्रशासन की पहल पर पहली बार “महिला किसान चौपाल” लगाई गई। किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिला कृषकों को सशक्त मंच प्रदान करना, उनके अनुभवों को साझा करना तथा खेती-किसानी में उनकी भूमिका को और अधिक मजबूत बनाना रहा।

कार्यक्रम में सांसद राजेश मिश्रा, विधायक धौहनी कुंवर सिंह टेकाम द्वारा महिला कृषकों का पुष्पवर्षा कर सम्मान किया गया। पिछले महीने पदस्थ किए गए कलेक्टर विकास मिश्रा ने सहजता और सरलता से शासन की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमारे देश और प्रदेश में कृषि की रीढ़ महिलाओं पर आश्रित है, तो ऐसा कहना अतिशयोक्ति नहीं है।
चौपाल में महिला कृषकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और जैविक कृषि, प्राकृतिक खेती, बीज बैंक तथा पारंपरिक कृषि पद्धतियों के संबंध में अपने अनुभव साझा किए। उनके अनुभवों ने अन्य किसानों को भी नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान महिला कृषकों को मूंग के बीज वितरित किए गए, जिससे उन्हें बेहतर उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला कृषकों को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।
यह आयोजन न केवल महिला किसानों के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला साबित हुआ, बल्कि खेती में उनकी सहभागिता को एक नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ। जिला प्रशासन की यह पहल ग्रामीण अंचलों में महिला सशक्तिकरण और कृषि नवाचार को नई गति देने वाली मानी जा रही है।


