ट्रम्प की चेतावनी: ईरान ने गलती की तो फिर हमला, 14-पॉइंट प्रस्ताव पर संदेह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी है कि गलती करने पर फिर हमला होगा। ईरान के 14-पॉइंट प्रस्ताव पर अमेरिका सख्त रुख में है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, होर्मुज स्ट्रेट संकट और OPEC+ बैठक के बीच हालात गंभीर बने हुए हैं।

ट्रम्प की चेतावनी: ईरान ने गलती की तो फिर हमला, 14-पॉइंट प्रस्ताव पर संदेह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को साफ चेतावनी दी है कि अगर तेहरान ने कोई गलती की तो अमेरिका फिर से हमले कर सकता है। फ्लोरिडा में पत्रकारों से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका फिलहाल मजबूत स्थिति में है, जबकि ईरान दबाव में है और समझौते की कोशिश कर रहा है। ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए उन्होंने पाकिस्तान की मध्यस्थता से मिले ईरान के 14-पॉइंट प्रस्ताव का जिक्र किया, लेकिन साफ कहा कि यह स्वीकार्य नहीं लगता।

ट्रम्प ने कहा, मुझे नहीं लगता कि यह स्वीकार्य होगा। क्योंकि ईरान ने पिछले 47 वर्षों में मानवता और दुनिया के साथ जो किया है, उसकी अभी तक बड़ी कीमत नहीं चुकाई है। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव का विस्तृत ड्राफ्ट आने वाला है और उसकी समीक्षा चल रही है।

ईरान का 14-पॉइंट प्रस्ताव: क्या है मांग..
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के 25 अप्रैल को पाकिस्तान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री शहबाज शरिफ से मुलाकात के बाद यह प्रस्ताव आया है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह अमेरिका के 9-पॉइंट प्लान का जवाब है।
प्रस्ताव में प्रमुख मांगें शामिल हैं..

  • 30 दिनों के भीतर सभी मुद्दों का समाधान
  • भविष्य में हमलों के खिलाफ गारंटी
  • क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी
  • फ्रीज किए गए ईरानी एसेट्स की रिहाई
  • प्रतिबंधों को हटाना
  • युद्ध का मुआवजा

इसके अलावा, होर्मुज स्ट्रेट के लिए नया मैकेनिज्म, अमेरिकी नेवल नाकेबंदी खत्म करना, क्षेत्रीय संघर्षों का अंत और समझौते के बाद परमाणु कार्यक्रम पर अलग बातचीत का प्रस्ताव भी है। ईरान चाहता है कि पहले होर्मुज खोला जाए और नाकेबंदी हटे, परमाणु मुद्दे पर बाद में चर्चा हो।


तनाव के बीच अपडेट्स..
पिछले 24 घंटों में मिडिल ईस्ट में हालात और बिगड़ते नजर आए। ईरानी अधिकारी मोहम्मद जाफर असदी ने चेतावनी दी कि अमेरिका के साथ फिर युद्ध हो सकता है और ईरानी सेना पूरी तरह तैयार है। अमेरिका का दावा है कि पिछले 20 दिनों में 48 जहाजों ने ईरान के बंदरगाहों से रास्ता बदल लिया। वहीं ईरान का कहना है कि उसका एक सुपरटैंकर “ह्यूज” अमेरिकी नाकेबंदी तोड़कर एशिया-प्रशांत पहुंच गया है, जिसमें 1.9 मिलियन बैरल तेल है। ईरान के दर्जनों जहाज इस नाकेबंदी को पार कर चुके हैं।

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव चरम पर है। ईरान नया कानून लाने की तैयारी कर रहा है, जिसमें इजराइल के जहाजों को गुजरने की इजाजत नहीं होगी। दुश्मन देशों को युद्ध मुआवजा देना होगा और अन्य देशों को ईरान की अनुमति लेनी होगी। ईरानी संसद के उपाध्यक्ष हमीदरेजा हाजी-बाबाई ने कहा कि युद्ध के बाद होर्मुज में आवाजाही पहले जैसी नहीं रहेगी।

लेबनान में इजराइली कार्रवाई तेज..
दक्षिण लेबनान में इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) ने 12 कस्बों और गांवों के लोगों को घर छोड़ने का आदेश दिया है। IDF ने लोगों से कम से कम 1,000 मीटर दूर खुले इलाकों में शिफ्ट होने को कहा है। हिजबुल्लाह के खिलाफ ऑपरेशन के तहत लगातार बमबारी और ड्रोन हमले जारी हैं। चिहिने और अल-तुफाह इलाकों में बड़े धमाके हुए।


अमेरिका की हथियार सप्लाई और अन्य कदम..
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने मिडिल ईस्ट के सहयोगी देशों को 8.6 अरब डॉलर के हथियारों की बिक्री मंजूर की है। इसमें इजराइल, कुवैत, कतर और UAE शामिल हैं। कतर को पैट्रियट सिस्टम, कुवैत को बैटल कमांड सिस्टम और इजराइल-UAE को प्रिसिजन किल वेपन सिस्टम मिलेंगे। ट्रम्प ने जर्मनी से 5,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिकों की वापसी का ऐलान किया। पेंटागन पहले ही इसकी घोषणा कर चुका है।


वैश्विक प्रभाव और विकल्प..
होर्मुज ब्लॉक होने के बाद सीरिया नया ऊर्जा कॉरिडोर बन रहा है। इराकी तेल टैंकर सड़क मार्ग से सीरिया के बनियास पोर्ट पहुंच रहे हैं। हालांकि यह महंगा रूट है, लेकिन ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए जरूरी है। OPEC+ की बैठक आज हो रही है, जिसमें उत्पादन बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है। UAE ने OPEC+ से अलग होने की घोषणा कर दी है।
भारत के लिए अच्छी खबर है कि LPG कैरियर ‘MT सर्व शक्ति’ होर्मुज से सुरक्षित निकल गया है। यह 13 मई को विशाखापत्तनम पहुंचेगा। खाड़ी क्षेत्र से अब तक 2,922 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।


UN की आलोचना और अन्य मुद्दे..
संयुक्त राष्ट्र की विशेष रिपोर्टर फ्रांसेस्का अल्बानेसे ने अंतरराष्ट्रीय जल में इजराइली कार्रवाई को अपराध बताया। ग्लोबल सुमूद फ्लोटिला को रोके जाने की घटना पर उन्होंने कड़ी निंदा की। ट्रम्प ने क्यूबा पर कब्जे की भी बात कही, जो ईरान युद्ध के बाद हो सकता है। CNN रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध में ईरान ने 8 देशों में 16 अमेरिकी ठिकानों को नुकसान पहुंचाया।


आगे क्या..
मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। ट्रम्प की चेतावनी और ईरान का प्रस्ताव दोनों पक्षों की मजबूत स्थिति दिखाते हैं, लेकिन समझौते की संभावना कम नजर आ रही है। होर्मुज स्ट्रेट, लेबनान और परमाणु मुद्दे वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। तेल कीमतें, शिपिंग रूट्स और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गहरी नजर रखी जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता एक सकारात्मक कदम है, लेकिन पिछले 47 सालों का इतिहास ट्रम्प की आशंकाओं को जायज ठहराता है। दुनिया अब ईरान-अमेरिका के अगले कदम का इंतजार कर रही है।