मऊगंज में ‘बुलेट वाले नकली पटवारी’ की ठगी, कोरोना सहायता के नाम पर बुजुर्ग दंपती से सोने के जेवर लेकर फरार

मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र में सरकारी योजना के नाम पर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बुलेट पर सवार होकर आए एक शातिर ने खुद को पटवारी बताकर बुजुर्ग दंपती को झांसे में लिया और सोने का मंगलसूत्र, टॉप्स व अंगूठी लेकर फरार हो गया।

मऊगंज में ‘बुलेट वाले नकली पटवारी’ की ठगी, कोरोना सहायता के नाम पर बुजुर्ग दंपती से सोने के जेवर लेकर फरार
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रिपोर्टर- राजेंद्र पयासी-मऊगंज

घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार नईगढ़ी थाना क्षेत्र के शिवराजपुर गांव निवासी भैयालाल द्विवेदी, उम्र 72 वर्ष, के पास 6 जून को दोपहर 3 बजे हेलमेट लगाए एक युवक बुलेट से पहुंचा। उसने खुद को पटवारी बताते हुए कहा कि कोरोना काल में 70 साल से ऊपर के लोगों को सरकार 56,000 रुपये की सहायता दे रही है। उसी का सर्वे करने आया हूं।

भरोसा जीतने के बाद आरोपी ने आधार कार्ड, पहचान पत्र और पासबुक की फोटो कॉपी ले ली। फिर जेवर दिखाने को कहा। बुजुर्ग की पत्नी सावित्री देवी ने अपना मंगलसूत्र, टॉप्स और अंगूठी उतारकर दिखाई। आरोपी ने जेवर का नंबर नोट करने के लिए पेन मंगाया।

पानी पिलाने गए, पीछे से कर गया हाथ साफ
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि जैसे ही सावित्री देवी पेन लेने कमरे में गईं और भैयालाल द्विवेदी पानी लेने अंदर गए, आरोपी मौका पाकर सारे जेवर लेकर फरार हो गया। चलने-फिरने में असमर्थ भैयालाल कुछ नहीं कर पाए।

ठगी की दो दिन बाद दर्ज हुई एफआईआर
बुजुर्ग दंपती के बेटे रमेश द्विवेदी, जो दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं, को पिता ने फोन पर घटना बताई। रमेश 7 जून की रात दिल्ली से घर पहुंचे। रात होने और साधन न मिलने के कारण वे 8 जून को नईगढ़ी थाने पहुंचे और मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई।

घटना को लेकर पुलिस जांच में जुटी
थाना प्रभारी ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपी की तलाश के लिए आसपास के सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं। बुलेट गाड़ी और हेलमेट वाले हुलिए के आधार पर छानबीन शुरू कर दी गई है। पुलिस ने अपील की है कि कोई भी व्यक्ति सरकारी योजना के नाम पर घर आए और जेवर या दस्तावेज मांगे तो तुरंत उसका आईडी कार्ड चेक करें। किसी भी स्थिति में कीमती सामान किसी अनजान को न सौंपें और 112 पर कॉल करें।