Sonam Raghuvanshi की जमानत पर आज Supreme Court में फैसला, सरेंडर या राहत पर टिकी नजर
Raja Raghuvanshi हत्याकांड: Supreme Court में आज होगी Sonam Raghuvanshi की किस्मत का फैसला, पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दिया था सरेंडर का विकल्प
Indore के चर्चित Raja Raghuvanshi Murder Case में आरोपी Sonam Raghuvanshi की जमानत को लेकर आज Supreme Court में अहम सुनवाई होगी। अदालत यह तय करेगी कि Meghalaya High Court द्वारा दी गई जमानत बरकरार रहेगी या उसे निरस्त कर सोनम को आत्मसमर्पण करना होगा। इस मामले में Meghalaya Government ने हाईकोर्ट के जमानत आदेश को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया है।
इससे पहले 21 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान Justice MM Sundresh और Justice PB Varale की पीठ ने सोनम के वकील के सामने दो विकल्प रखे थे। पहला, अदालत मेघालय सरकार की अपील पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर अंतिम आदेश पारित कर सकती है। दूसरा, सोनम जांच एजेंसियों के समक्ष आत्मसमर्पण करे ताकि उससे पूछताछ हो सके और इसी दौरान जमानत के मुद्दे पर भी विचार किया जाए। अब आज की सुनवाई में इन दोनों विकल्पों में से किसी एक पर अंतिम फैसला होने की संभावना है।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने उठाए थे सवाल
पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सोनम के कानूनी तर्कों और वारदात के बाद उसके व्यवहार पर भी सवाल उठाए थे। अदालत ने पूछा था कि यदि गिरफ्तारी के समय कारण नहीं बताए गए थे, तो यह मुद्दा पहले क्यों नहीं उठाया गया। इस पर सोनम के वकील ने अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था और कहा था कि वे आवश्यक निर्देश लेकर अपना पक्ष स्पष्ट करेंगे।
Meghalaya सरकार ने जमानत का किया विरोध
सुनवाई के दौरान Solicitor General Tushar Mehta, जिन्होंने Meghalaya Government की ओर से पक्ष रखा, ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि सोनम ने स्वयं पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था। ऐसे में बाद में यह कहना कि गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए गए, कानूनी रूप से स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि गिरफ्तारी मेमो में कोई कमी है तो वह केवल एक लिपिकीय त्रुटि है और इससे गिरफ्तारी की वैधता प्रभावित नहीं होती।
आज के फैसले पर सबकी नजर
सरकार की ओर से यह भी दलील दी गई कि कानून के अनुसार यदि कोई आरोपी स्वयं पुलिस के सामने समर्पण करता है या रंगे हाथों पकड़ा जाता है, तो गिरफ्तारी के कारण अलग से बताने का प्रश्न नहीं उठता। अब पूरे मामले में निगाहें आज की सुनवाई पर टिकी हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यह स्पष्ट होगा कि Sonam Raghuvanshi को मिली जमानत जारी रहेगी या उसे जेल जाकर जांच में सहयोग करना होगा। यह फैसला बहुचर्चित Raja Raghuvanshi Murder Case की आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Varsha Shrivastava 
