BJP नेताओं ने डकैत ददुआ को बताया 'दस्यु हृदय सम्राट', श्रद्धांजलि पोस्ट से मचा बवाल
रामपुर बघेलान जनपद अध्यक्ष समेत कई नेताओं की सोशल मीडिया पोस्ट वायरल; सैकड़ों हत्याओं के आरोपी रहे ददुआ के महिमामंडन पर उठे सवाल
Satna। जिले में BJP नेताओं की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। रामपुर बघेलान जनपद अध्यक्ष रावेंद्र सिंह पटेल, भाजपा जिला उपाध्यक्ष गीतेश्वर सिंह पटेल, पूर्व मंत्री रामखेलावन पटेल के भाई विजय पटेल, जिला मंत्री वसुंधरा सिंह के चाचा सिद्धार्थ सिंह पटेल सहित कई भाजपा नेताओं ने कुख्यात डकैत शिवकुमार कुर्मी उर्फ ददुआ की पुण्यतिथि पर सोशल मीडिया में श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें "दस्यु हृदय सम्राट" और "पुण्यात्मा" बताया। पोस्ट वायरल होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

ददुआ बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में वर्षों तक आतंक का पर्याय रहा। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, लूट और रंगदारी समेत 200 से अधिक संगीन मामले दर्ज रहे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके गिरोह पर कई पुलिस मुखबिरों और आम नागरिकों की निर्मम हत्याओं के आरोप थे। ऐसे अपराधी के महिमामंडन को लेकर अब भाजपा नेताओं की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
वायरल पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स भी तीखी टिप्पणियां कर रहे हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि ददुआ का जीवन "संघर्ष" का प्रतीक था तो क्या उसकी लूट, हत्याएं और आतंक को भी संघर्ष माना जाएगा? कई लोगों ने यह भी लिखा कि यदि भाजपा नेता उसे इतना सम्मान देते हैं तो फिर उसकी पुण्यतिथि पार्टी कार्यालय में भी मनानी चाहिए।

मामले ने जिले की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। आदर्श और सिद्धांतों की राजनीति का दावा करने वाली भाजपा के नेताओं द्वारा एक कुख्यात डकैत का सार्वजनिक महिमा मंडन विपक्ष के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
उधर, इस पोस्ट को लेकर कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा डब्बू ने कहा कि ऐसे लोग जातिवाद की राजनीति करते है। इनकी विचारधारा ही तय नहीं है। उन्होंने कहा कि हम लोग अहिंसा वादी लोग है कभी भी हिंसा का पर्याय रहे इंसान का समर्थन नहीं करेंगे। विधायक ने कहा कि परिस्थितियां कुछ भी रहे लेकिन हथियार उठा लेने वाले व्यक्ति का महिमा मंडन कतई सही नहीं है।

इस पूरे मामले को संज्ञान में ले कर भाजपा जिलाध्यक्ष भगवती प्रसाद पांडेय ने कहा कि पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा दुर्दांत डकैत रह चुके आदमी के लिए इस तरह बोलना और शब्दावली का प्रयोग करना निंदनीय है। जिन भी लोगों ने ऐसा किया है, उनको नोटिस जारी कर उनसे जवाब तलब किया जाएगा।
Varsha Shrivastava 
