रीवा में अवैध प्लाटिंग पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन, 20-30 एकड़ में विकसित कॉलोनी पर होगी FIR

रीवा के गडरिया क्षेत्र में 20-30 एकड़ में विकसित अवैध कॉलोनी पर कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने कार्रवाई करते हुए FIR के निर्देश दिए. मामले में संलिप्त कर्मचारियों पर भी होगी कार्रवाई.

रीवा में अवैध प्लाटिंग पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन, 20-30 एकड़ में विकसित कॉलोनी पर होगी FIR

रीवा। जिले में अवैध प्लाटिंग और बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने शहर से सटे गडरिया क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान करीब 20 से 30 एकड़ भूमि पर बिना वैधानिक अनुमति विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी मिली। मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने संबंधित कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जांच में संलिप्त पाए जाने वाले कर्मचारियों पर भी सख्त कार्रवाई की बात कही है।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि कृषि भूमि पर नियमों को दरकिनार कर प्लॉट काटे गए और उनकी बिक्री भी की जा रही थी। कॉलोनी में सड़क, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं थीं, इसके बावजूद प्लॉटों का सीमांकन और अन्य विकास कार्य शुरू कर दिए गए थे। हालात देखकर कलेक्टर ने मौके पर मौजूद पटवारी को कड़ी फटकार लगाई और पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए।

कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने स्पष्ट कहा कि जिले में अवैध प्लाटिंग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिना अनुमति कृषि भूमि का उपयोग बदलकर प्लॉट विकसित करने वालों के खिलाफ राजस्व और नगर प्रशासन के नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

निरीक्षण के दौरान कुछ विभागीय कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध नजर आई। इस पर कलेक्टर ने कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता अथवा लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि अवैध प्लाटिंग को संरक्षण देने या अनदेखी करने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

कलेक्टर की इस कार्रवाई के बाद जिले में अवैध कॉलोनियां विकसित करने वालों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन का कहना है कि आगे भी ऐसे मामलों में लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।