मऊगंज में किसान सम्मान निधि के नाम पर बुजुर्ग की जमीन हड़पने का आरोप, कलेक्टर से जांच की मांग

मऊगंज के नईगढ़ी क्षेत्र में किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाने के नाम पर बुजुर्ग की पुश्तैनी जमीन रजिस्ट्री कराने का आरोप लगा है। पीड़ित ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

मऊगंज में किसान सम्मान निधि के नाम पर बुजुर्ग की जमीन हड़पने का आरोप, कलेक्टर से जांच की मांग

राजेंद्र पयासी मऊगंज

मऊगंज।
मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के नईगढ़ी क्षेत्र से सरकारी योजना के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां एक 80 वर्षीय बुजुर्ग ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनकी पुश्तैनी कृषि और आवासीय भूमि की रजिस्ट्री करा ली गई। पीड़ित ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपी है।

ग्राम हकरिया नंबर-1 निवासी जोखू जायसवाल ने आवेदन में बताया कि उन्हें किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने के नाम पर कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और अंगूठा लगवाया गया। उन्हें बताया गया कि यह योजना से जुड़ी औपचारिक प्रक्रिया है। लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि जिन दस्तावेजों पर उन्होंने भरोसे में हस्ताक्षर किए थे, वे उनकी पुश्तैनी आवासीय और कृषि भूमि की रजिस्ट्री से संबंधित थे।

पीड़ित का आरोप है कि ग्राम पंचायत के सरपंच ने बिना पूरी जानकारी दिए उनकी जमीन अपने नाम करा ली। उनका कहना है कि वृद्धावस्था और अशिक्षा के कारण वे दस्तावेजों की वास्तविक प्रकृति को समझ नहीं सके। अब उन्होंने प्रशासन से कथित फर्जी रजिस्ट्री निरस्त करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

इस मामले में सरपंच तरुण शुक्ला का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शिकायत प्राप्त हो चुकी है और मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों के विश्वास का दुरुपयोग किया जाएगा तो आमजन का सरकारी व्यवस्था से भरोसा कमजोर होगा। उनका मानना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।