लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे देश के नए सेना प्रमुख, 30 जून को संभालेंगे कमान

केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया है। वर्तमान में वह उप सेना प्रमुख के पद पर कार्यरत हैं और जनरल उपेंद्र द्विवेदी की जगह लेंगे।

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे देश के नए सेना प्रमुख, 30 जून को संभालेंगे कमान

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला प्रमुख (Chief of Army Staff) नियुक्त किया है, वह वर्तमान में उप सेना प्रमुख (Vice Chief of Army Staff) के पद पर हैं, और मौजूदा आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी की जगह लेंगे.

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 30 जून 2024 को आर्मी चीफ की कमान संभाली थी. उनका कार्यकाल जून 2026 तक है. भारतीय सेना में चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ का कार्यकाल तीन सालों या 62 की उम्र तक होता है.

दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कोर की प्रतिष्ठित सेकेंड लांसर्स रेजिमेंट में कमीशन प्राप्त करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ के पास लगभग 40 वर्षों का सैन्य अनुभव है. उन्होंने रेगिस्तानी क्षेत्रों, स्ट्राइक फॉर्मेशन और जम्मू-कश्मीर में कई महत्वपूर्ण अभियानों का नेतृत्व किया है.

उन्हें उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (UYSM) और अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) से सम्मानित किया जा चुका है.

धीरज सेठ का कार्यकाल 31 अगस्त, 2028 तक होगा

रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला प्रमुख नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है. वह जनरल के स्थायी रैंक के साथ 30 जून, 2026 को वर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे. बयान में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नए सेना प्रमुख के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ का कार्यकाल 31 अगस्त, 2028 तक होगा.

जनरल उपेंद्र द्विवेदी का कार्यकाल जून 2026 तक निर्धारित है. उन्होंने 30 जून 2024 को भारतीय सेना के प्रमुख (आर्मी चीफ) के रूप में पदभार संभाला था. नियमों के अनुसार, आर्मी चीफ का कार्यकाल तीन वर्ष या 62 वर्ष की आयु- इन दोनों में से जो भी पहले पूरा हो, तक ही सीमित होता है.

धीरज सेठ के बारे में

धीरज सेठ पुणे स्थित खड़कवासला राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र हैं. दिसंबर 1986 में उन्हें बख्तरबंद कोर में कमीशन मिला था. उन्होंने रेगिस्तानी क्षेत्र में बख्तरबंद रेजिमेंट, विकसित क्षेत्र में बख्तरबंद ब्रिगेड और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-विरोधी बल की कमान संभाली है. लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नति के बाद, उन्होंने सुदर्शन चक्र कोर की कमान संभाली और बाद में दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में कार्य किया, जहां उन्होंने प्रमुख राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अभियानों की देखरेख की.

जनरल ऑफिसर ने अर्ध-विकसित भू-भाग में एक इन्फैंट्री बटालियन की कमान संभाली है. साथ ही दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन में भी सेवाएं दी हैं. उन्होंने स्ट्राइक कोर में एक इन्फैंट्री ब्रिगेड, काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स और उत्तरी कमान में एक पिवट कोर की कमान संभाली है. उनके संचालन संबंधी अनुभव में ऑपरेशन पवन में भागीदारी, इथियोपिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन में सैन्य पर्यवेक्षक के रूप में सेवा और नियंत्रण रेखा और उत्तर-पूर्व में अत्‍यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों और आतंकवाद विरोधी अभियानों में कई कार्यकाल शामिल हैं. वे महार रेजिमेंट के कर्नल भी रहे हैं.