वसूली और हत्या के मामले में गलत कार्रवाई की जांच शुरू, छिना थानों का प्रभार

कटनी CSP नेहा पच्चीसिया पर ट्रांसपोर्टर से कथित अवैध वसूली और विभागीय लापरवाही के आरोपों की जांच जबलपुर ASP अनु बेनीवाल को सौंपी गई है।

वसूली और हत्या के मामले में गलत कार्रवाई की जांच शुरू, छिना थानों का प्रभार

कटनी की सीएसपी नेहा पच्चीसिया के खिलाफ ट्रांसपोर्टर से कथित अवैध वसूली समेत गंभीर आरोपों की जांच अब जबलपुर स्थानांतरित कर दी गई है। आईजी के निर्देश पर दोनों प्रमुख मामलों की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल को सौंपी गई है 

कटनी। कटनी नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया इन दिनों गंभीर प्रशासनिक और विभागीय जांच के केंद्र में हैं। उन पर एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी से कथित तौर पर अवैध वसूली करने, विभागीय लापरवाही बरतने और एक हत्या के मामले में जांच संबंधी गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। इन मामलों के सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय और जिला पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जबलपुर की एडिशनल एसपी अनु बेनीवाल को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही नेहा पच्चीसिया से कटनी शहर के तीन महत्वपूर्ण थानों का प्रभार भी वापस ले लिया गया है।

ट्रांसपोर्टर ने लगाए 30 हजार रुपये की अवैध वसूली के आरोप

पूरा मामला 21 जुलाई की रात का बताया जा रहा है। शिकायत के अनुसार, कटनी के ट्रांसपोर्ट व्यवसायी महेंद्र जैन, जिनकी कई हाईवा गाड़ियां रेत और डोलोमाइट परिवहन में लगी हैं, ने आरोप लगाया कि चेकिंग अभियान के दौरान उनकी एक गाड़ी को रोककर 30 हजार रुपये की मांग की गई।

महेंद्र जैन ने 22 जुलाई को पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि मौके पर 25 हजार रुपये नकद लिए गए, जबकि शेष 5 हजार रुपये अगले दिन चालक के माध्यम से देने की बात कही गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि यदि राशि नहीं दी जाती तो वाहन को थाने में खड़ा कर कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

एसपी की त्वरित कार्रवाई, चालक निलंबित

शिकायत मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच शुरू कराई। शुरुआती तथ्यों के आधार पर CSP नेहा पच्चीसिया के चालक एवं आरक्षक केशव सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

इसके साथ ही प्रशासनिक फेरबदल करते हुए नेहा पच्चीसिया के अधिकार क्षेत्र से कुठला, माधवनगर और रंगनाथ नगर थाना हटा दिए गए। इन तीनों थानों का प्रभार अजाक डीएसपी शिवा पाठक को सौंप दिया गया। इस कार्रवाई को पुलिस प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हत्या के मामले में भी बढ़ीं मुश्किलें

अवैध वसूली के आरोपों के बीच एक और मामला सामने आने से नेहा पच्चीसिया की परेशानियां और बढ़ गई हैं। जानकारी के अनुसार, हत्या के एक गंभीर प्रकरण में निर्धारित 90 दिनों की वैधानिक समय सीमा के भीतर न्यायालय में चालान पेश नहीं किया जा सका। इसके चलते आरोपी को डिफॉल्ट बेल का लाभ मिल गया।

पुलिस विभाग इस मामले को गंभीर विभागीय लापरवाही मानकर जांच कर रहा है। आरोप है कि समय पर चालान प्रस्तुत न करने के कारण आरोपी को कानूनी राहत मिली, जिससे जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठे हैं।

जमीन सौदे को लेकर भी लगाए गए आरोप

इसी हत्या के मामले में आरोपी पक्ष ने न्यायालय में एक परिवाद दायर किया है। उसमें आरोप लगाया गया है कि मामले में कानूनी लाभ पहुंचाने के बदले उसकी कीमती जमीन को बेहद कम कीमत पर बेचने और खुर्द-बुर्द करने की साजिश रची गई।

हालांकि इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें लेकर विभागीय जांच जारी है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

जबलपुर ASP अनु बेनीवाल करेंगी जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने दोनों मामलों की विभागीय जांच जबलपुर की एडिशनल एसपी अनु बेनीवाल को सौंप दी है। जांच अधिकारी शिकायतकर्ता, संबंधित पुलिसकर्मियों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज कर रही हैं। उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जा रहा है।

कटनी पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी तथा रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस प्रशासन ने कहा- जांच के बाद होगी कार्रवाई

कटनी पुलिस प्रशासन के अनुसार, शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित नियमों के अनुसार विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि आरोप सिद्ध नहीं होते हैं तो उसी आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

एयर होस्टेस से पुलिस अधिकारी बनने तक का सफर

नेहा पच्चीसिया मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की पचोर तहसील की रहने वाली हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एविएशन क्षेत्र से की थी। 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एविएशन में डिप्लोमा किया और एयर इंडिया में एयर होस्टेस के रूप में कार्य किया। बाद में उन्होंने कई प्रतिष्ठित मल्टीनेशनल कंपनियों में भी सेवाएं दीं।

इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का निर्णय लिया। लगातार कई वर्षों की तैयारी के बाद उन्होंने MPPSC-2012 परीक्षा के अंतिम परिणाम (2016) में प्रदेशभर में 20वीं रैंक हासिल की। पुलिस विभाग में आने से पहले उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग में भी कुछ समय तक सेवाएं दी थीं। बाद में उन्हें राज्य पुलिस सेवा में नियुक्ति मिली और उन्होंने विभिन्न जिलों में जिम्मेदारियां संभालीं।

जांच पर टिकी हैं सबकी निगाहें

कटनी में सामने आए इन आरोपों ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। एक ओर ट्रांसपोर्टर से कथित अवैध वसूली का मामला है, वहीं दूसरी ओर हत्या के प्रकरण में जांच संबंधी लापरवाही और जमीन सौदे के आरोप भी सामने आए हैं। फिलहाल सभी आरोप जांच के दायरे में हैं और अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है।

अब पूरे मामले की निगाहें एडिशनल एसपी अनु बेनीवाल की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर यह तय होगा कि नेहा पच्चीसिया के खिलाफ विभागीय या कानूनी कार्रवाई की जाएगी या उन्हें आरोपों से राहत मिलेगी। तब तक यह मामला प्रदेश के सबसे चर्चित पुलिस विभागीय मामलों में शामिल बना हुआ है।