जल सुरक्षा की दिशा में Indore की बड़ी पहल, 1600 करोड़ की जल परियोजना के लिए ब्लू बॉन्ड जारी करने की तैयारी

ग्रीन बॉन्ड के बाद अब ब्लू बॉन्ड की तैयारी में इंदौर नगर निगम, नर्मदा परियोजना और जल प्रबंधन को मिलेगी नई रफ्तार

जल सुरक्षा की दिशा में Indore की बड़ी पहल, 1600 करोड़ की जल परियोजना के लिए ब्लू बॉन्ड जारी करने की तैयारी

इंदौर नगर निगम करीब 1600 करोड़ रुपये की जल अधोसंरचना परियोजना के लिए ब्लू बॉन्ड जारी करने की तैयारी में है। इस योजना के तहत लगभग 1000 करोड़ रुपये केंद्र सरकार से मिलेंगे, जबकि 600 करोड़ रुपये ब्लू बॉन्ड के जरिए जुटाए जाएंगे।

इस राशि का उपयोग नर्मदा परियोजना के चौथे चरण, नई पेयजल पाइपलाइन, सीवेज ट्रीटमेंट, वॉटर रिसाइक्लिंग और जल संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं पर किया जाएगा। इससे शहर की जल आपूर्ति और जल प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।

इंदौर नगर निगम अब करीब 1600 करोड़ रुपये की जल परियोजना के लिए ब्लू बॉन्ड जारी करने की तैयारी में है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत शहर की पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने, नर्मदा परियोजना के चौथे चरण, नई पेयजल पाइपलाइन, सीवेज ट्रीटमेंट, वॉटर रिसाइक्लिंग और जल संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं पर निवेश किया जाएगा।

प्रस्तावित वित्तीय मॉडल के अनुसार, लगभग 100 करोड़ रुपये केंद्र सरकार से प्राप्त होंगे, जबकि शेष 1500 करोड़ रुपये ब्लू बॉन्ड के माध्यम से जुटाए जाएंगे। इंदौर नगर निगम का उद्देश्य पारंपरिक सरकारी फंडिंग पर निर्भरता कम करते हुए पूंजी बाजार के जरिए जल प्रबंधन की दीर्घकालीन परियोजनाओं को गति देना है।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि देश का पहला सफल ग्रीन बॉन्ड जारी करने के बाद अब निगम ब्लू बॉन्ड की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य शहर की जल संबंधी अधोसंरचना को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत बनाना और जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है। नगर निगम ने इससे पहले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से ग्रीन बॉन्ड जारी कर 244 करोड़ रुपये जुटाए थे, जिससे खरगोन जिले के जलूद में 60 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट स्थापित किया गया।

महापौर ने स्पष्ट किया कि ग्रीन बॉन्ड और ब्लू बॉन्ड के उद्देश्य अलग-अलग हैं। ग्रीन बॉन्ड का उपयोग अक्षय ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण जैसी हरित परियोजनाओं के लिए किया जाता है, जबकि ब्लू बॉन्ड पूरी तरह जल संरक्षण, पेयजल आपूर्ति, सीवेज ट्रीटमेंट, वॉटर रिसाइक्लिंग, वर्षा जल संचयन तथा नदी-तालाबों के संरक्षण जैसी परियोजनाओं के लिए समर्पित होगा। उनका कहना है कि यह पहल इंदौर को जल प्रबंधन और सतत विकास के क्षेत्र में भी देश का अग्रणी शहर बनाएगी।