नागौद राजघराने गोलीकांड में नया खुलासा: फायरिंग से पहले हुई बाबा राजा की जमकर पिटाई

परसमनिया गढ़ी गोलीकांड में आया नया मोड़: मारपीट के बाद चली गोली, साले समेत 3 लोगों पर FIR दर्ज

नागौद राजघराने गोलीकांड में नया खुलासा: फायरिंग से पहले हुई बाबा राजा की जमकर पिटाई

सतना। नागौद राजघराने के परसमनिया गढ़ी में राज परिवार के सदस्य की महिला मित्र द्वारा उनकी पत्नी को गोली मारने की सनसनीखेज घटना में नया मोड़ सामने आया है। तीन वीडियो सामने आए हैं, जिनमें राज परिवार के सदस्य रूपेन्द्र सिंह बाबा राजा के साथ जमकर मारपीट की जा रही है। उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए। बताया गया कि पुलिस जब परसमनिया गढ़ी पहुंची, उस वक्त रूपेन्द्र सिंह बाबा राजा फटे कपड़ों में लहूलुहान हालत में पाए गए।

वीडियो में गोली चलने की आवाज

परसमनिया गढ़ी में हुए गोलीकांड के तीन वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए।

पहले वीडियो में रूपेन्द्र सिंह बाबा राजा के साथ उनके ससुराल वाले जमकर मारपीट करते नजर आ रहे हैं। मारपीट किए जाने की वजह से बाबा राजा के कपड़े पूरी तरह फट चुके हैं। इस वीडियो में गोलियां चलने की आवाज साफ सुनाई दे रही है। एक गोली दीवार पर लगने के बाद उठता धुआं भी दिखाई दे रहा है।

दूसरे वीडियो में परसमनिया गढ़ी की गैलरी के फर्श पर जगह-जगह खून के धब्बे और कांच के टूटे हुए टुकड़े बिखरे पड़े नजर आ रहे हैं। ये कांच के टुकड़े राजघराने के पूर्वजों के फोटो वाले फ्रेम के बताए गए हैं। बताया गया कि बाबा राजा पर उनके ससुराल पक्ष के लोगों ने फोटो फ्रेम से सिर पर हमला किया, जिससे उनके सिर पर भी चोट आई और खून बहने लगा।

तीसरा वीडियो परसमनिया गढ़ी के ठीक बगल में स्थित पेट्रोल पंप का बताया गया है। यहां भी सामान टूटा-फूटा जमीन पर बिखरा पड़ा हुआ है। वीडियो में एक युवक बाबा राजा को पकड़े हुए है। यह युवक बाबा राजा का इकलौता बेटा पृथू देव सिंह बताया जा रहा है। यह युवक बंद कमरे के अंदर से गोली चला रही सुनीता को अपशब्द कहते हुए सुनाई दे रहा है। चर्चा है कि बाबा राजा पर पत्नी योगिता और बेटे पृथू देव की मौजूदगी में ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा पहले मारपीट की गई। बाबा राजा को बचाने के लिए उनकी महिला मित्र सुनीता सिंह, जिसे कमरे में बंद कर दिया गया था, उसने खिड़की से लाइसेंसी राइफल से फायरिंग की।

साले और दो अन्य पर एफआईआर दर्ज

उचेहरा थाना के परसमनिया चौकी अंतर्गत परसमनिया गढ़ी निवासी रूपेन्द्र सिंह उर्फ बाबा राजा द्वारा मारपीट किए जाने की शिकायत शुक्रवार को उचेहरा थाना में की गई। बाबा राजा की शिकायत पर उचेहरा थाना में अपराध क्रमांक 257/26, धारा 296बी, 115(2), 351(3), 3(5) के तहत उनके साले नागेन्द्र सिंह राठौर पिता जीत सिंह राठौर निवासी उदयपुर, राजस्थान और दो अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।

शिकायती आवेदन में बाबा राजा ने बताया कि गुरुवार 11 जून की दोपहर तीन बजे वह घर के सामने पोर्च पर बैठे थे। उसी समय उनका साला नागेन्द्र सिंह राठौर और उसके दो साथी आए। पुरानी रंजिश को लेकर मां-बहन की गालियां देने लगे। गाली देने से मना किया तो गैलरी में लगी हुई कांच की फोटो एवं लाइट में लगे झूमर (चैंडेलियर) के कवर को तोड़कर और स्टील की बोतल से साले सहित उसके दो साथियों ने मारपीट शुरू कर दी। मदद के लिए गुहार लगाने पर अरुण सिंह तोमर और आकर्ष सिंह आदि लोगों ने पहुंचकर बीच-बचाव किया। मारपीट में बाएं हाथ की कलाई, दाएं कान, सिर के पीछे, सीने व पसली, गर्दन तथा दोनों पैरों में चोट आई है। बाबा राजा ने आरोप लगाया कि साले और उसके साथियों ने जान से मारने की धमकी दी है।

जिला अस्पताल में कराया गया मेडिकल

मारपीट में घायल बाबा राजा को शनिवार को जिला अस्पताल मेडिकल टेस्ट के लिए लाया गया, जहां उनका एक्स-रे और सीटी स्कैन कराया गया। इस दौरान बाबा राजा ने कहा कि उन पर किए गए हमले को देख गढ़ी में मौजूद सुनीता सिंह परिहार द्वारा प्वाइंट-22 की राइफल से फायरिंग की गई। सुनीता ने हवाई फायरिंग की। इसी दौरान एक गोली योगिता सिंह को लग गई।

अब जानें की पूरा मामला है क्या?

 नागौद विधायक नागेन्द्र सिंह के भतीजे रूपेन्द्र सिंह बाबा राजा का अपनी पत्नी के साथ विवाद चल रहा है। 11 जून को बाबा राजा की पत्नी योगिता सिंह, बेटे पृथू देव सिंह, भाई नरेन्द्र सिंह राठौर, मां नरेन्द्र कुमारी और ससुराल के अन्य लोगों के साथ नागौद किला से परसमनिया गढ़ी पहुंचीं। यहां सुनीता को देखकर विवाद शुरू हुआ। विवाद बढ़ने पर कमरे में बंद सुनीता द्वारा खिड़की से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी गई। एक गोली योगिता सिंह के पेट में लगी। योगिता सिंह को रीवा ले जाया गया, जहां ऑपरेशन कर पेट में धंसी गोली को डॉक्टरों द्वारा निकाला गया। गोली लगने से घायल योगिता सिंह की तबीयत अब खतरे से बाहर है।

योगिता सिंह की शिकायत पर हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर उचेहरा पुलिस ने आरोपी सुनीता सिंह परिहार को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लाइसेंसी राइफल, 8 जिंदा कारतूस और 4 खाली खोखे बरामद किए थे। शुक्रवार को ही आरोपी सुनीता सिंह परिहार निवासी सेमरी को जेल भेज दिया गया था।

सुनीता से रिश्ते के कारण गढ़ी से निकाल दिए गए थे बाबा राजा

नागौद राजघराने के सदस्य रूपेन्द्र सिंह उर्फ बाबा राजा का विवाह साल 2000 में राजस्थान के उदयपुर निवासी योगिता सिंह के साथ सम्पन्न हुआ। दोनों का 25 साल का बेटा पृथू देव सिंह है। तकरीबन एक दशक पहले सेमरी निवासी सुनीता सिंह परिहार का परसमनिया गढ़ी में आना-जाना शुरू हुआ। दरअसल, सुनीता एनजीओ से जुड़कर काम करती थी। जल्द ही सुनीता और बाबा राजा के नजदीकी संबंध बन गए।

इस बात की जानकारी बाबा राजा के पिता कांतिदेव सिंह को लगी तो उन्होंने इस रिश्ते का कड़ा विरोध किया। सुनीता से रिश्ता न तोड़ने पर कांतिदेव सिंह ने बाबा राजा को परसमनिया गढ़ी से निकाल दिया, जिसके बाद बाबा राजा सुनीता के साथ सतना शहर में पहले केपटाउन सिटी, फिर पेप्टेक सिटी में मकान लेकर रहने लगे। सुनीता के साथ मिलकर बाबा राजा ने राजशाही किचेन सेंटर खोला।

कांतिदेव सिंह के असमय निधन के बाद बाबा राजा ने सुनीता को लेकर परसमनिया गढ़ी में रहना शुरू कर दिया। सुनीता की जिंदगी में आने से योगिता सिंह का वैवाहिक जीवन टूटने लगा। योगिता सिंह परसमनिया गढ़ी छोड़कर नागौद किला में रहने लगीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुनीता और बाबा राजा के रिश्ते के कारण राज परिवार के सदस्यों ने उनसे दूरी बना ली थी। राज परिवार के सदस्यों ने इस रिश्ते को गलत ठहराया, लेकिन बाबा राजा किसी भी सूरत में सुनीता से नाता तोड़ने को तैयार नहीं थे। इस वजह से राज परिवार के अन्य लोगों ने एक तरह से बाबा राजा को अपने से बहिष्कृत कर रखा था।

पति, पत्नी और वो की वजह से टूटा परिवार

योगिता सिंह राजनीति में सक्रिय रही हैं। वे परसमनिया ग्राम पंचायत की सरपंच रह चुकी हैं। भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी भी रह चुकी हैं। तकरीबन 7-8 साल पहले योगिता और रूपेन्द्र सिंह बाबा राजा के वैवाहिक रिश्ते में दरार आनी शुरू हुई। दरार की वजह रूपेन्द्र सिंह बाबा राजा के जीवन में सुनीता सिंह परिहार का आना रहा। इसी वजह से बाबा राजा और योगिता के बीच दूरियां बढ़ने लगीं और इनके बीच विवाद गहराता चला गया।

बाबा राजा पर आरोप है कि उनके इशारे पर 1.5 साल पहले सुनीता ने योगिता सिंह का गला दबाकर मारने का प्रयास किया था। इसकी शिकायत उचेहरा थाना में की गई थी। सुनीता द्वारा योगिता को परसमनिया गढ़ी में प्रवेश नहीं करने दिया जाता था। योगिता सिंह को परसमनिया गढ़ी में जाने के लिए कई बार पुलिस की मदद लेनी पड़ी।