बंगाल में हिंसा: सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या, BJP के आरोपों के बाद TMC ने की CBI जांच की मांग
मध्यमग्राम में ताबड़तोड़ फायरिंग, सुवेंदु अधिकारी के पीए को 4 गोलियां मारी, बशीरहाट में एक और भाजपा कार्यकर्ता पर फायरिंग
पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद जारी राजनीतिक हिंसा की घटनाएं बढ़ते ही जा रही है। 6 मई बुधवार रात नॉर्थ 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
हमले में उनके साथ मौजूद ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुए हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और भाजपा ने TMC पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि TMC ने इन आरोपों को खारिज करते हुए मामले की CBI जांच की मांग की है।
हमलावर ने बेहद करीब से गोलियां चलाईं
जानकारी के मुताबिक, चंद्रनाथ रथ बुधवार रात करीब 10.30 बजे स्कॉर्पियो गाड़ी से मध्यमग्राम के डोलतला इलाके से होकर अपने घर जा रहे थे। वह फ्रंट सीट पर ड्राइवर के बगल में बैठे थे। गाड़ी में ड्राइवर और पीछे की सीट पर एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था।

बताया जा रहा है कि इसी दौरान पीछे से आई एक कार ने उनकी स्कॉर्पियो को ओवरटेक कर रास्ता रोक लिया। इसके तुरंत बाद बाइक पर सवार एक हमलावर वहां पहुंचा और गाड़ी के बाईं ओर से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। हमलावर ने बेहद करीब से गोलियां चलाईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पूरी घटना कुछ ही सेकंड में हुई। फायरिंग के बाद हमलावर बाइक से फरार हो गया, जबकि रास्ता रोकने वाली कार मौके पर छोड़ दी गई।
चंद्रनाथ रथ को लगीं चार गोलियां
हमले में चंद्रनाथ रथ को चार गोलियां लगीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो गोलियां उनके सीने को चीरते हुए आर-पार निकल गईं, जबकि एक गोली पेट में लगी। ड्राइवर और पीछे बैठे व्यक्ति को भी गोली के छर्रे लगे हैं।

घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को नजदीकी विवासिटी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि डॉक्टरों ने चंद्रनाथ रथ को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का इलाज जारी है। पुलिस को घटनास्थल से जिंदा कारतूस और खाली खोखे मिले हैं। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि हमले में ऑस्ट्रेलियन ग्लॉक पिस्टल जैसे आधुनिक हथियार का इस्तेमाल किया गया।
‘पूरी तरह प्लान किया गया हमला’
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने अपने PA की हत्या को प्री-प्लान्ड मर्डर बताया है। अस्पताल पहुंचने के बाद उन्होंने कहा कि हमलावरों ने 2-3 दिनों तक रेकी करने के बाद इस वारदात को अंजाम दिया।

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन साथ ही कहा कि भाजपा बंगाल में “गुंडों की सफाई” का अभियान चलाएगी।
NH-12 पर प्रदर्शन, एनकाउंटर की मांग
घटना की सूचना मिलते ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार समेत कई वरिष्ठ नेता अस्पताल पहुंचे। इसके बाद बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। हत्या के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने NH-12 पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और एनकाउंटर की मांग की।
इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कुछ जगहों पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच बहस भी हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और फरार हमलावरों की तलाश की जा रही है।
TMC ने आरोपों से किया इनकार
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी ने बयान जारी कर कहा कि वह चंद्रनाथ रथ की हत्या की कड़ी निंदा करती है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहती है।
TMC ने कहा कि इस मामले की कोर्ट की निगरानी में CBI जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। पार्टी ने यह भी मांग की कि हाल के दिनों में भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं की हुई सभी हत्याओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

बशीरहाट में भाजपा कार्यकर्ता पर भी फायरिंग
चंद्रनाथ रथ की हत्या के करीब एक घंटे बाद बशीरहाट जिले में भी एक भाजपा कार्यकर्ता पर हमला हुआ। जानकारी के अनुसार, रोहित रॉय नाम के भाजपा कार्यकर्ता पर देर रात फायरिंग की गई। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
लगातार सामने आ रही हिंसक घटनाओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भाजपा का आरोप है कि चुनाव नतीजों के बाद राज्य में विपक्षी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
चुनाव नतीजों के बाद बढ़ी हिंसा
पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आने के बाद से राजनीतिक हिंसा की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 4 मई के बाद अब तक कम से कम 5 लोगों की हत्या हो चुकी है। इनमें 3 भाजपा और 2 TMC के कार्यकर्ता हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में बढ़ती हिंसा आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकती है। भाजपा लगातार कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोल रही है, जबकि TMC विपक्ष पर माहौल खराब करने का आरोप लगा रही है।
Varsha Shrivastava 
