महाराष्ट्र में ये क्या? BJP और कांग्रेस में गठबंधन, एकनाथ शिंदे को झटका
महाराष्ट्र की राजनीति में एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। यहां एक- दूसरे की कट्टर विरोधी पार्टी बीजेपी और कांग्रेस ने स्थानीय निकाय चुनाव में साथ आने का फैसला किया है।
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। यहां एक- दूसरे की कट्टर विरोधी पार्टी बीजेपी और कांग्रेस ने स्थानीय निकाय चुनाव में साथ आने का फैसला किया है। इस अप्रत्याशित गठबंधन का मकसद शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) को सत्ता से बाहर रखना बताया जा रहा है। बीजेपी-कांग्रेस की यह जुगलबंदी फिलहाल राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
दरअसल, यह मामला महाराष्ट्र के ठाणे जिले की अंबरनाथ नगर परिषद का है, जहां कुल 59 पार्षदों की सीटें हैं। चुनाव में शिवसेना (शिंदे गुट) को सबसे ज्यादा 28 सीटें मिलीं, जबकि बीजेपी को 15, कांग्रेस को 12 और अजित पवार गुट की एनसीपी को 4 सीटें हासिल हुईं। किसी भी पार्टी के पास अकेले बहुमत नहीं होने के कारण गठबंधन जरूरी हो गया। ऐसे में बीजेपी ने शिवसेना (शिंदे) के बजाय कांग्रेस के साथ हाथ मिलाकर नया समीकरण बना दिया।
बीजेपी और कांग्रेस ने मिलकर “अंबरनाथ विकास अघाड़ी” नाम से गठबंधन बनाया, जिसके पास कुल 31 पार्षद हो गए, यानी बहुमत से एक ज्यादा। इस गठबंधन के तहत बीजेपी की तेजक्षी करंजुले अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने में सफल रहीं। इसके साथ ही लंबे समय से नगर परिषद पर काबिज रही शिवसेना को सत्ता से बाहर कर दिया गया है।
बीजेपी ने पीठ में छुरा घोंपा
इस गठबंधन से शिवसेना (शिंदे गुट) में नाराजगी साफ नजर आ रही है। पार्टी नेताओं ने बीजेपी पर धोखा देने का आरोप लगाया है। शिवसेना विधायक डॉ. बालाजी किनीकर ने इसे पीठ में छुरा घोंपने जैसा बताया। वहीं बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अपना बचाव किया है।
कुल मिलाकर,अंबरनाथ नगर परिषद में बीजेपी-कांग्रेस के इस अप्रत्याशित गठबंधन ने महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है और इसके दूरगामी राजनीतिक असर पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
pushpendra 
