विधवा को ससुर से मिलेगा गुजारा भत्ता, जानिए हाई कोर्ट का अहम फैसला और शर्तें

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने विधवा महिलाओं के गुजारा भत्ता को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। जानिए किन परिस्थितियों में विधवा अपने ससुर से मेंटेनेंस मांग सकती है और कब नहीं मिलेगा यह अधिकार।

विधवा को ससुर से मिलेगा गुजारा भत्ता, जानिए हाई कोर्ट का अहम फैसला और शर्तें

Allahabad High Court ने विधवा महिलाओं के अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने साफ कहा कि पति की अपनी पत्नी के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उसकी मृत्यु के बाद भी समाप्त नहीं होती। ऐसे में, विधवा महिला को ससुर से गुजारा भत्ता मांगने का अधिकार है- लेकिन कुछ शर्तों के साथ।

क्या कहता है कानून:
Hindu Adoption and Maintenance Act, 1956 के तहत:
यदि विधवा महिला अपने पति की संपत्ति से गुजारा नहीं कर पा रही है,और उसे अपने माता-पिता या बच्चों से भी आर्थिक सहायता नहीं मिल रही, तो वह अपने ससुर या उनकी संपत्ति से मेंटेनेंस (गुजारा भत्ता) का दावा कर सकती है

कोर्ट ने क्या कहा:
हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में कहा:
पति का पत्नी के भरण-पोषण का दायित्व मौत के बाद भी जारी रहता है, विधवा को आर्थिक सुरक्षा देना परिवार की जिम्मेदारी है, यदि पत्नी की आय साबित नहीं होती, तो उसे गुजारा भत्ता मिल सकता है

कब नहीं मिलेगा गुजारा भत्ता:
कानून के अनुसार, इन परिस्थितियों में विधवा को ससुर से मेंटेनेंस नहीं मिलेगा:

  • यदि महिला दूसरी शादी कर लेती है
  • यदि वह खुद आर्थिक रूप से सक्षम है
  • यदि पति की संपत्ति से ही उसका गुजारा हो सकता है

केस से जुड़ी अहम बातें:
 पति ने पत्नी पर आय छिपाने का आरोप लगाया
 पत्नी के पास FDR होने की बात कही गई

लेकिन कोर्ट ने पाया कि:
आरोप साबित करने के लिए ठोस सबूत नहीं थे, FDR के पैसे महिला ने अपनी जरूरतों में खर्च कर दिए थे, इसलिए कोर्ट ने पति की अपील खारिज कर दी

क्यों है यह फैसला अहम:
यह निर्णय विधवा महिलाओं के आर्थिक अधिकारों को मजबूत करता है और यह स्पष्ट करता है कि परिवार की जिम्मेदारी केवल पति तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी मृत्यु के बाद भी जारी रहती है।