ममता बनर्जी बोलीं- जो TMC छोड़ना चाहता है छोड़ दे, जरूरत पड़ी तो खुद दफ्तर पेंट करूंगी
ममता बनर्जी ने कोलकाता में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए TMC संगठन को दोबारा मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह खुद पार्टी दफ्तरों को पेंट करेंगी। ममता ने चुनाव परिणामों को “जनादेश की लूट” बताया और कहा कि जो नेता पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे जाने के लिए स्वतंत्र हैं।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पार्टी की भारी चुनावी हार के बाद कार्यकर्ताओं को नया संदेश दिया है। शुक्रवार को कोलकाता स्थित अपने आवास पर TMC कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों की बैठक में ममता ने साफ कहा कि जो लोग पार्टी छोड़कर जाना चाहते हैं, वे पूरी आजादी के साथ जा सकते हैं। हम किसी को जबरदस्ती नहीं रोकेंगे। ममता ने कहा, जो TMC छोड़कर जाना चाहता है, जाए। मैं किसी को रोकने में यकीन नहीं रखती। लेकिन जो लोग इस मुश्किल वक्त में पार्टी के साथ खड़े रहेंगे, वे शुद्ध सोने की तरह होंगे। उनके साथ मिलकर हम तृणमूल कांग्रेस को फिर से मजबूत खड़ा करेंगे।
Today, our Hon'ble Chairperson @MamataOfficial and our Hon'ble National General Secretary @abhishekaitc met with our contesting candidates, at Kalighat.
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) May 15, 2026
They fought with unmatched courage despite facing unimaginable atrocities and relentless intimidation.
The Trinamool Congress… pic.twitter.com/u4Of6S1D4l
उन्होंने पार्टी संगठन को नई ऊर्जा देने की अपील की। ममता बोलीं, “हम पार्टी के दफ्तर दोबारा खोलेंगे, उन्हें रंगेंगे-धोएंगे और काम पर लौटेंगे। अगर जरूरत पड़ी तो मैं खुद दफ्तर पेंट करने के लिए तैयार हूं।” यह बयान पार्टी में हार के बाद बिखराव और बागी स्वरों के बीच आया है। बैठक में ममता के भतीजे और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य फोकस हालिया विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के कारणों का विश्लेषण और आगे की रणनीति था।

चुनाव नतीजों को जनादेश की लूट बताया..
ममता बनर्जी ने चुनाव नतीजों को जनादेश की लूट करार दिया। उन्होंने कहा कि भले ही TMC को महज 80 सीटें मिली हों, लेकिन यह असली जनादेश नहीं है। हार से उनका हौसला नहीं टूटा है। 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने भारी बहुमत हासिल करते हुए 207 सीटें जीतीं, जबकि TMC मात्र 80 सीटों पर सिमट गई। यह परिणाम TMC के 15 साल पुराने शासन का अंत माना जा रहा है। ममता खुद भवानीपुर सीट पर सुवेंदु अधिकारी से हार गईं। बैठक में 21 मई को फालता विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के उम्मीदवार भी शामिल थे। फालता में 29 अप्रैल को मतदान हुआ था, लेकिन EVM छेड़छाड़ और गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने सभी 285 बूथों पर दोबारा मतदान कराने का फैसला किया है।
सुप्रीम कोर्ट में TMC की लड़ाई..
TMC ने 31 सीटों पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। पार्टी का दावा है कि इन सीटों पर भाजपा की जीत का अंतर Special Intensive Revision (SIR) के दौरान हटाए गए वोटों की संख्या से कम है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर जीत का मार्जिन हटाए गए वोटों से कम है तो ऐसी शिकायतों पर विचार किया जा सकता है। कोर्ट में TMC सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने इस मामले को उठाया। भाजपा ने 30 हजार से कम मार्जिन वाली 176 सीटों में से 128 सीटें जीती हैं। वहीं TMC की 44 सीटों पर मार्जिन 30 हजार से कम रहा। 2021 के मुकाबले इस बार भाजपा की कम मार्जिन वाली जीत का प्रतिशत घटा है, लेकिन कुल सीटों में भारी बढ़ोतरी हुई है।

संगठनात्मक बदलाव की तैयारी..
ममता ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे हार को स्वीकार करें और आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि पार्टी दफ्तरों को फिर से सक्रिय करना, कार्यकर्ताओं को जोड़ना और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना अब प्राथमिकता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बैठक में हार के कारणों पर विस्तार से चर्चा हुई। कुछ नेता बागी रुख अपनाने लगे हैं और कई नवनिर्वाचित TMC विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए। ऐसे में ममता का “जाना चाहते हो तो जाओ” वाला बयान पार्टी में साफ संदेश देने वाला माना जा रहा है।

राजनीतिक मायने..
यह बैठक TMC के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है। 15 साल सत्ता में रहने के बाद विपक्ष में बैठने की चुनौती अब पार्टी के सामने है। ममता बनर्जी ने स्पष्ट कर दिया है कि वे इस्तीफा नहीं देंगी और विपक्ष की भूमिका में भी पार्टी को मजबूत करेंगी। भाजपा की जीत को ऐतिहासिक बताते हुए केंद्र सरकार इसे ‘जनता की इच्छा’ बता रही है। वहीं TMC लगातार EVM और वोटर लिस्ट संशोधन (SIR) को लेकर सवाल उठा रही है। ममता का यह बयान न केवल पार्टी के अंदरूनी कलह को संबोधित करता है बल्कि कार्यकर्ताओं में नई लड़ाई की चिंगारी जगाने की कोशिश भी है। उन्होंने जोर दिया कि जो लोग बचे रहेंगे, वे भविष्य की TMC के असली स्तंभ बनेंगे।

