देवास पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड: SDM और नायब तहसीलदार सहित SDOP निलंबित, सीएम यादव ने लिया सख्त एक्शन

देवास पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एसडीएम, नायब तहसीलदार और एसडीओ (पुलिस) को निलंबित कर दिया है. जांच में कर्तव्य में लापरवाही सामने आने पर यह कदम उठाया गया.

देवास पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड: SDM और नायब तहसीलदार सहित SDOP निलंबित, सीएम यादव ने लिया सख्त एक्शन

Dewas Firecracker Factory Blast: देवास पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड के बाद सरकार ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है. हादसे में हुई जनहानि के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की है. संभागायुक्त उज्जैन ने एसडीएम, नायब तहसीलदार को निलंबित किया है. वहीं राज्य शासन ने एसडीओ (पुलिस) को निलंबित कर दिया है. इस कार्रवाई से साफ संकेत दिया गया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

हादसे के बाद सख्त प्रशासनिक कार्रवाई

देवास जिले में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के बाद प्रशासन हरकत में आया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की गई. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर एसडीएम संजीव सक्सेना, नायब तहसीलदार रवि शर्मा और एसडीओपी (पुलिस) दीपा मांडवे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. शासन की ओर से इसके औपचारिक आदेश भी जारी कर दिए गए हैं.

कर्तव्य में लापरवाही बनी कार्रवाई का कारण

संभागायुक्त उज्जैन के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि एसडीएम और नायब तहसीलदार ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती. जांच में सामने आया कि उनके स्तर पर निरीक्षण और नियंत्रण में ढिलाई रही, जिससे इस तरह की घटना होने की संभावना बनी. इसे अनुशासनहीनता और कदाचार मानते हुए दोनों अधिकारियों पर यह कार्रवाई की गई.

पुलिस अधिकारी पर भी गिरी गाज

हादसे में पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठे. एसडीओ (पुलिस) दीपा मांडवे पर आरोप लगा कि उन्होंने समय-समय पर फैक्ट्री का निरीक्षण नहीं किया और न ही उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी. इसे कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए उन्हें भी निलंबित कर भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय अटैच कर दिया गया.

निलंबन अवधि में कहां रहेंगे अधिकारी

निलंबन के दौरान एसडीएम संजीव सक्सेना और नायब तहसीलदार रवि शर्मा को देवास कलेक्टर कार्यालय से अटैच किया गया है. वहीं, एसडीओ (पुलिस) दीपा मांडवे को भोपाल पुलिस मुख्यालय भेजा गया है. यह व्यवस्था जांच पूरी होने तक प्रभावी रहेगी.

सीएम ने दिए सख्त संदेश और जांच के आदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ कहा है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर पूरी स्थिति का जायजा लेने के निर्देश भी दिए.

मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता

इस दर्दनाक हादसे में कई लोगों की जान चली गई, जिस पर मुख्यमंत्री ने गहरा दुख जताया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. इसके साथ ही घायलों के इलाज के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं.