मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का 9वां दिन: प्रश्नकाल से शुरुआत, अनुदान मांगों पर होगा मतदान

मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज नौवां दिन है। कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी।

मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का 9वां दिन: प्रश्नकाल से शुरुआत, अनुदान मांगों पर होगा मतदान
MP Assembly Budget Session

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज नौवां दिन है। कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी, जिसमें विधायक विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेंगे। इसके बाद सदन की पटल पर विभिन्न पत्र और प्रतिवेदन रखे जाएंगे।

आज सदन में दो ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी लगाए गए हैं। विधायक अभय मिश्रा रीवा जिले में बिजली कार्यों में कथित अनियमितताओं का मामला उठाएंगे। वहीं विधायक लखन घनोरिया प्रदेश की शालाओं में बरती जा रही उदासीनता और व्यवस्थागत कमियों का मुद्दा सदन में रखेंगे।

इसके अलावा वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा के बाद मतदान भी प्रस्तावित है। ऐसे में आज का दिन वित्तीय मामलों और जनहित के मुद्दों को लेकर अहम माना जा रहा है। विपक्ष की ओर से सरकार को घेरने की रणनीति भी तय मानी जा रही है, जबकि सत्ता पक्ष अपने कामकाज और योजनाओं का पक्ष सदन में रखेगा।

8वें दिन निराश्रित गोवंश, अदाणी कोल माइंस, टूटते पुलों को लेकर हंगामा

मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन सदन में निराश्रित गोवंश, अदाणी कोल माइंस, मास्टर प्लान और टूटते पुलों के मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस के चलते कार्यवाही कई बार बाधित हुई।

कोल माइंस के लिए पेड़ों की कटाई के मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई। कांग्रेस का कहना था कि कोल माइंस परियोजना के लिए की जा रही पेड़ कटाई गैर जरूरी है और इससे पर्यावरण को नुकसान होगा। वहीं भाजपा की ओर से जवाब दिया गया कि पेड़ कटाई से कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा और सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार की जा रही हैं।

कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने इंदौर के मास्टर प्लान को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मंत्री कह रहे हैं कि मास्टर प्लान बनाकर मुख्यमंत्री को सौंप दिया गया है और वह उनके पास लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री और मुख्यमंत्री के बीच समन्वय की कमी के कारण इंदौर जैसे ऐतिहासिक शहर का मास्टर प्लान अटका हुआ है।

वहीं तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने लोक निर्माण विभाग को घेरते हुए कहा कि जब से राकेश सिंह पीडब्ल्यूडी मंत्री बने हैं, तब से पुल टूटने के मामलों में रिकॉर्ड बन रहा है। उन्होंने भोपाल में बने 90 डिग्री एंगल वाले ब्रिज का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि पुल सही बना था तो संबंधित अधिकारियों को प्रोत्साहित क्यों नहीं किया गया और उन्हें निलंबित क्यों किया गया। उन्होंने सरकार से इस पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।