भोपाल ट्विशा शर्मा केस: CBI की FIR में दहेज मांगने का जिक्र, कोर्ट में आज CDR और CCTV पर सुनवाई

भोपाल के ट्विशा शर्मा डेथ केस में आज भोपाल जिला कोर्ट में CDR-CCTV फुटेज सुरक्षित रखने पर सुनवाई। सास गिरिबाला और पति समर्थ पर CBI द्वारा दर्ज FIR में दहेज की डिमांड का जिक्र।

भोपाल ट्विशा शर्मा केस: CBI की FIR में दहेज मांगने का जिक्र, कोर्ट में आज CDR और CCTV पर सुनवाई

भोपाल की एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत का मामला अब लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस केस की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के हाथों में है। मामले में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने की मांग को लेकर भोपाल जिला अदालत में अलग-अलग आवेदन लगाए गए हैं। इन आवेदनों पर आज मंगलवार 26 मई को सुनवाई होनी है।

सोमवार को इस मामले में सुनवाई निर्धारित थी, लेकिन भोपाल पुलिस अदालत में जरूरी रिपोर्ट पेश नहीं कर सकी। रिपोर्ट दाखिल नहीं होने के कारण कोर्ट ने सुनवाई आगे बढ़ा दी और पुलिस को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय दिया। अब माना जा रहा है कि मंगलवार को पुलिस अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेगी, जिसके बाद अदालत इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के संबंध में निर्देश जारी कर सकती है।

CDR और CCTV फुटेज माने जा रहे अहम सबूत

इस पूरे मामले में कॉल डिटेल रिकॉर्ड और CCTV फुटेज को बेहद महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। ट्विशा के परिवार की ओर से उनके वकील अंकुर पांडे ने अदालत में आवेदन देकर CDR सुरक्षित रखने की मांग की है। परिवार का मानना है कि मोबाइल कॉल रिकॉर्ड से कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

वहीं दूसरी ओर, ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की ओर से भी CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के लिए अदालत में आवेदन दायर किया गया है। दोनों पक्ष इस बात पर जोर दे रहे हैं कि तकनीकी साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए ताकि जांच और ट्रायल के दौरान किसी प्रकार की कानूनी या तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो।

CBI ने ट्विशा के पति और सास पर दर्ज किया मामला

मामले की जांच अब CBI कर रही है। एजेंसी की टीम सोमवार को भोपाल पहुंची और कटारा हिल्स थाने में पहले से दर्ज FIR को री-रजिस्टर किया। इसके बाद ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु से जुड़ा मामला दर्ज किया गया।

जांच एजेंसी ने अपनी FIR में यह माना है कि शादी के बाद अतिरिक्त पैसों की मांग की जा रही थी। पुलिस जांच में करीब 20 लाख रुपए की अतिरिक्त डिमांड सामने आई थी। इसी आधार पर CBI ने दहेज प्रताड़ना और दहेज मृत्यु के एंगल को शामिल किया है।

सोमवार शाम करीब 7:30 बजे SIT की टीम समर्थ सिंह के बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित घर पहुंची। वहां समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह से करीब ढाई घंटे तक पूछताछ की गई। टीम ने घटनास्थल का स्पॉट वेरिफिकेशन भी किया और घर के विभिन्न हिस्सों की जांच की।

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पुलिस को सूचना देने में देरी पर भी सवाल

CBI अब इस बात की भी जांच कर रही है कि ट्विशा की मौत की सूचना पुलिस तक देर से क्यों पहुंचाई गई। जानकारी के मुताबिक ट्विशा ने 12 मई की रात करीब 10:20 बजे फांसी लगाई थी, जबकि एम्स से 13 मई की सुबह करीब 5 बजे मर्ग कायम कराया गया।

परिजनों का आरोप है कि मामले को प्रभावित करने की नीयत से समय पर पुलिस को सूचना नहीं दी गई। परिवार का यह भी कहना है कि समर्थ सिंह अस्पताल में ट्विशा की मौत की पुष्टि होने के बाद घर लौट आया था और इसी दौरान घटनास्थल पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका है।

ट्विशा के परिजन लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि समर्थ सिंह क्रिमिनल लॉयर होने के कारण कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी रखता था और उसने उसी का फायदा उठाने की कोशिश की। CBI ने भी अपनी FIR में सूचना देने में हुई अतिरिक्त देरी और संभावित साक्ष्य प्रभावित करने की आशंका का उल्लेख किया है।

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मंगलवार की सुनवाई पर टिकी नजरें

अब पूरे मामले में मंगलवार को होने वाली सुनवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अदालत पुलिस रिपोर्ट देखने के बाद CDR और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दे सकती है। वहीं CBI की जांच आगे बढ़ने के साथ इस हाई-प्रोफाइल केस में नए खुलासे होने की संभावना भी जताई जा रही है।

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