MP Budget 2026: MP सरकार का पहला 'पेपरलेस बजट' पेश, लाड़ली बहनों के लिए 23882 करोड़ का प्रावधान

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने किया मध्यप्रदेश सरकार का पहला पेपरलेस बजट। बजट में कोई नया टैक्स नहीं। 1 लाख किसानों को सोलर पंप देने की घोषणा।

MP Budget 2026: MP सरकार का पहला 'पेपरलेस बजट' पेश, लाड़ली बहनों के लिए 23882 करोड़ का प्रावधान
Mohan Government Budget 2026

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के तीसरे दिन मोहन सरकार ने अपना तीसरा बजट पेश किया। जगदीश देवड़ा ने बतौर वित्त मंत्री 2026-27 के लिए वार्षिक बजट पेश किा। यह मध्य प्रदेश का पहला 'पेपरलेस' बजट है। वहीं, मोहन सरकार का ये तीसरा और बतौर वित्त मंत्री देवड़ा का सातवां बजट है। वित्त मंत्री सूटकेस की जगह टैबलेट लेकर विधानसभा पहुंचें। इससे पहले कैबिनेट बैठक में बजट को मंजूरी मिली। बजट पेश करने के दौरान कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा में हंगामा और नारेबाजी भी की। 

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा का विधानसभा में बजट भाषण

विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा बजट भाषण पढ़ा। वित्त मंत्री ने कहा कि ये पीएम मोदी के सपने को साकार करने वाला बजट। हमारी सरकार का उद्देश्य हर हाथ को काम देना है। युवाओं को रोजगार देना है। हर नारी को न्याय हमारी सरकार का उद्देश्य है। हम देश के तीसरे युवा प्रदेश हैं। युवाओं के हाथ को काम मिले ये हमारा संकल्प है। हमारी सरकार गरीबों की सरकार है। हमारी सरकार के लिए बजट संवैधानिक दायित्वों के साथ कथनी करनी का वादा भी है। पिछले बजट भाषण के ये काम हो चुके हैं। वित्त मंत्री देवड़ा ने बताया कि ग्राम विकास पर केंद्रीय मुख्यमंत्री वृंदावन योजना शुरू की जा चुकी है। अहिल्या बाई कौशल विकास योजना शुरू की जा चुकी है।

मध्य प्रदेश सरकार के बजट 2026-27 के बड़े ऐलान- 

  • बजट 2026 में कोई नया टैक्स लगाने का प्रावधान नहीं।
  • सिंहस्थ के सिए 3060 करोड़ रुपये का प्रावधान।
  • लाड़ली बहना योजना के लिए  23,882 करोड़ रुपये का बजट का प्रावधान।
  • लाड़ली बहना योजना में एक करोड़ 25 लाख महिलाएं रजिस्टर्ड।
  • लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 8 हजार 801 करोड़ का रुपये का प्रावधान। 
  • लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत 52 लाख से अधिक बालिकाओं को लाभान्वित किया गया।
  • 3000 करोड़ से 1 लाख किसानों को सोलर पंप देने की घोषणा की
  • मत्स्य उत्पादन के लिए 412 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
  • 21630 करोड़ की मुख्यमंत्री मजरा–टोला सड़क योजना मंजूर की जा चुकी है।
  • जल जीवन मिशन के लिए 4454 करोड रुपए का प्रबंध किया गया है।
  • सड़कों की मरम्मत के लिए 12690 करोड़ रुपए का प्रावधान।
  • श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित।
  • प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत अब तक 4 करोड़ 61 लाख खाते खोले जा चुके हैं।
  • जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के विकास के लिए 793 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।
  • लाडली बहना योजना में एक करोड़ 25 लाख महिलाएं रजिस्टर्ड। 23 हजार 882 करोड रुपए का प्रावधान।
  • प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3 करोड़ 64 लाख पंजीयन हो चुका है।
  • प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना में 1 करोड़ 54 लाख पंजीयन हो चुका है।
  • अटल पेंशन योजना में 46 लाख पंजीयन हैं।
  • नारी कल्याण की योजनाओं के लिए 1 लाख 27 हजार 555 करोड़ रुपये का बजट।
  • शिक्षा और स्कूलों को बेहत बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट।
  • छात्रावृत्ति के लिए 986 करोड़ का बजट का प्रावधान है।
  • 7 लाख 95 हजार स्टूडेंट्स को आर्थिक सहायता।
  • उद्यम क्रांति योजना में 16451 युवाओं को लोन दिया गया है।
  • खेल विभाग के लिए 815 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान, सभी विधानसभा क्षेत्रों में खेल स्टेडियम बनाए जा रहे है।
  • कुपोषण कम करने के लिए कक्षा 8वीं तक के 80 लाख विद्यार्थियों को दुग्ध की व्यवस्था की जाएगी।
  • आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए 80 लाख दूध पैकेट बंटेंगे, इसके लिए 6,700 करोड़ रुपये का प्रावधान।
  • सिंचाई क्षमता को बढ़ाकर 100 लाख हैक्टेयर से अधिक किया जाएगा, जिससे लाखों किसान लाभान्वित होंगे।
  • 1 लाख 27 हजार 555 करोड़ नारी सशक्तिकरण की अन्य योजनाओं के लिए प्रावधान रखा गया है।
  • 2 साल में 33 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
  • 19,300 एकड़ जमीन पर इंडस्ट्रियल और आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं।
  • पीएम आवास के लिए 6 हजार 850 करोड़ का प्रावधान।
  • पीएम जनमन के लिए 900 करोड़ का प्रावधान।
  • जी रामजी के लिए 10,428 करोड़ के प्रावधान।
  • पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए 40 हजार 62 करोड़ रुपये का प्रावधान। 
  • मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 50 करोड़ रुपए का प्रावधान।
  • धर्म और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए 2 हजार 55 करोड़ रुपए का बजट।
  • मातृ वंदना योजना के लिए 386 करोड़ रुपए का प्रावधान।

किसान कल्याण वर्ष के रुप में मनाया जा रहा पूरा साल

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा बजट ने कहा कि 2026 किसान कल्याण वर्ष के रुप में मनाया जा रहा है। 1 हजार करोड़ रुपये की लागत से किसानों को 1 लाख सोलर पंप मिलेंगे। कृषक उन्नति योजना के तहत 6 लाख 70 हजार किसानों को फायदा दिया गया है। कृषक उन्नति योजना की घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत किसानों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। भावांतर योजना की सफलता से प्रभावित होकर अन्य राज्यों ने भी इसमें रुचि दिखाई है। 

किसान परिवारों को किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष कुल 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। वहीं, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लिए 21 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पंजीकृत किया गया है।

हमारा प्रदेश धान उत्पादन में प्रथम स्थान रखता है। हम तीसरा सबसे बड़ा दूध उत्पादन वाला प्रदेश है। हमारा प्रदेश दाल उत्पादन में प्रथम और गेहूं तिलहन में द्वितीय स्थान रखता है। प्रदेश का संतरा, धनिया और लहसुन में भी अग्रणी है। खेतों में उत्पादन से विक्रय तक में किसानों को सहायता दी जा रही है। मिल्क कैपिटल बनाने के लिए 3 हजार गौशालाएं प्रदेश में चल रही हैं। गौ संवर्धन के लिए 2364 करोड़ रुपये का प्रावधान है। 

दो वर्षों में 33 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त

मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने जानकारी दी कि बीते दो वर्षों में राज्य को लगभग 33 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 19,300 एकड़ भूमि पर इंडस्ट्रियल और आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उद्यम क्रांति योजना के तहत अब तक 16,451 युवाओं को ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिला है। साथ ही 7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों के लिए आर्थिक सहायता का प्रावधान भी किया गया है।

छात्रवृत्ति और लाड़ली लक्ष्मी योजना पर विशेष जोर

वित्त मंत्री ने बताया कि लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 के अंतर्गत अब तक 52 लाख 29 हजार बालिकाओं को लाभ पहुंचाया गया है। इनमें से 14 लाख 12 हजार बालिकाओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए कुल 1,800 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, ताकि बेटियों की शिक्षा में किसी प्रकार की आर्थिक बाधा न आए।

खेल गतिविधियों को बढ़ावा, 815 करोड़ का प्रावधान

युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में स्टेडियम निर्माण की योजना शुरू की है। वर्तमान में प्रदेश में चार स्टेडियमों का निर्माण कार्य जारी है। खेल गतिविधियों के विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 815 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। सीएम युवा शक्ति योजना के अंतर्गत सभी विधानसभा क्षेत्रों में सर्वसुलभ स्टेडियम बनाने की व्यवस्था की जा रही है। 

सड़क निर्माण और मरम्मत के लिए बड़ा बजट

प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने सड़क निर्माण और मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री माजरा टोला योजना के तहत 20,900 किलोमीटर सड़कों के निर्माण की स्थिति प्रस्तुत की गई है। वहीं सड़कों की मरम्मत के लिए 12,690 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। शहरी क्षेत्रों में बढ़ते पलायन को ध्यान में रखते हुए “संध्या छाया” कार्यक्रम भी शुरू किया गया है।

शिक्षा और कोचिंग योजनाओं के लिए व्यापक व्यवस्था

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सरदार पटेल कोचिंग योजना के अंतर्गत 4 हजार छात्रों को लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए 1,651 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

ग्रामीण कनेक्टिविटी और जनजातीय क्षेत्रों का विकास

ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए 21,630 करोड़ रुपये की योजना को स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के विकास के लिए 793 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक छात्रों के छात्रावासों को आदर्श छात्रावास के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

श्रम विभाग के लिए 1,335 करोड़ का प्रावधान

आगामी वित्तीय वर्ष में श्रम विभाग के लिए 1,335 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इसका उद्देश्य मजदूरों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत प्रदेश में 4 करोड़ 61 लाख से अधिक खाते खोले जा चुके हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3 करोड़ 64 लाख से अधिक लोगों का पंजीयन हुआ है, जबकि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से 1 करोड़ 54 लाख से ज्यादा लोग लाभान्वित हो रहे हैं।

8वीं तक के छात्रों को टेट्रा पैक में दूध मिलेगा

वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- अलग-अलग महिला कल्याण योजनाओं के लिए कुल 1,27,555 करोड़ दिए गए हैं। हेल्थ सेक्टर के लिए 23,747 करोड़ दिए गए हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर और उज्जैन में 472 ई-बसें शुरू की गई हैं। 8वीं तक के छात्रों को टेट्रा पैक में दूध मिलेगा।

पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6 हजार 151 करोड़ का प्रावधान

वित्त मंत्री ने देवड़ा ने कहा- कृषि वानिकी योजना शुरू की जाएगी इससे सरकार आमदनी बढ़ाने का काम करेगी। वन पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6 हजार 151 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

पीएम आवास के लिए 6 हजार 850 करोड़ का प्रावधान

वित्त मंत्री ने कहा- 6 हजार 850 करोड़ पीएम आवास के लिए प्रावधान है। पीएम जनमन के लिए 900 करोड़, जी रामजी के लिए 10428 करोड़ के प्रावधान किए गए हैं। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40 हजार 062 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

पुलिस विभाग में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही

वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- पुलिस विभाग में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। पुलिसकर्मियों के लिए 11000 नए आवास बनाए गए हैं। 1 अप्रैल 2026 से परिवार पेंशन के अंतर्गत तलाक शुदा पुत्री को भी परिवार पेंशन देने का फैसला लिया गया है।

मध्यप्रदेश पहला राज्य है जो रोलिंग बजट पेश कर रहा है

वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कि वर्ष 2047 तक 2 ट्रिलियन अर्थ व्यवस्था बने इसके लिए कार्य किया जा रहा है। वर्ष 2047 तक प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 22 लाख 35 हजार रुपये का लक्ष्य रखा गया है। नवाचार में रोलिंग बजट को जोड़ा गया है। देश में मध्यप्रदेश पहला राज्य है जो रोलिंग बजट पेश कर रहा है। इसमें साल 2027 और 2028 के बजट का संक्षेप विवरण है। 

इस प्रणाली में हर साल या तय अवधि के बाद आगे की अवधि को जोड़ते हुए बजट को लगातार अपडेट किया जाता है। सरल शब्दों में कहा जाए तो बजट एक बार बनाकर छोड़ नहीं दिया जाता, बल्कि हर साल नई परिस्थितियों और जरूरतों के अनुसार उसमें बदलाव किया जाता है और आगे के वर्ष जोड़े जाते रहते हैं।

उदाहरण के तौर पर, यदि सरकार ने 2026–27, 2027–28 और 2028–29 का तीन साल का बजट बनाया है, तो 2027–28 आते ही 2026–27 की अवधि बजट से हट जाएगी और उसकी जगह नया वर्ष 2029–30 जोड़ दिया जाएगा। इस तरह बजट हमेशा आने वाले तीन वर्षों के लिए तैयार और अद्यतन रहता है।

युवाओं, किसानों, लाड़ली बहनों बजट से बड़ी उम्मीद

इस साल राज्य का बजट पिछले साल से बड़ा होगा। यह बजट लगभग 4.70 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है। पिछले साल के बजट की तुलना में यह 12 से 15 फीसदी अधिक हो सकता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य का बजट 4.21 लाख करोड़ रुपये था। सरकार ने 2028 तक राज्य के बजट को 7.28 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा था। 

केंद्र सरकार ने 1 फरवरी को आम बजट में सिंहस्थ के लिए एमपी को ज्यादा नहीं दिया है। इसलिए प्रदेश के युवाओं को सरकार से रोजगार, किसानों को सम्मान निधि और लाड़ली बहनों को योजना की राशि बढ़ने की उम्मीद है। वहीं 2028 में होने वाले सिंहस्थ के ज्यादातर बड़े काम 2026-27 वित्तीय वर्ष में ही पूरे होने हैं। ऐसे उम्मीद है कि मोहन सरकार विशेष प्रावधान कर सकती है।

वित्त मंत्री की पत्नी ने आरती उतारी-दही खिलाई 

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा की पत्नी ने बजट पेश करने से पहले आरती उतारी और वित्त मंत्री को दही-शक्कर खिलाई। प्रदेश का बजट पेश करने से पहले मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वित्त मंत्री ने कहा कि यह सर्व स्पर्शी बजट होगा। सबका बजट है सबके लिए होगा। नारी युवा किसान और गरीब को स्तंभ मानकर बजट बना है। उद्योग वर्ष मनाने का लाभ मिला है, काफी इन्वेस्टमेंट आया है।

इस बजट में कोशिश की है कि किसानों को फसलों का पूरा मूल्य मिले। ये साल किसान वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। बजट को लेकर हमने सुझाव भी मांगे थे। बड़ी संख्या में आम जनता के बजट पर सुझाव आए हैं। देशभर के बजट विशेषज्ञों से भी सुझाव लिए। जनता के विश्वास पर पूरी तरह बजट खरा उतरेगा। 

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट से ज्यादा कर्ज के विपक्ष के आरोपों पर कहा कि विपक्ष के पास कोई और मुद्दा नहीं। ये कर्ज नहीं निवेश है, ऐसा कोई राज्य नहीं जो बिना कर्ज के काम करें। मप्र सरकार ने लिमिट में कर्ज लिया है, ब्याज भी समय पर चुकाया है। कांग्रेस की सरकार ने जब कर्ज लिया तो वेतन भत्ते के लिए लिए, हमने हमेशा गरीब कल्याण और विकास के लिए लिया।

वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कि आज कैबिनेट में नई आबकारी नीति को भी मंजूरी मिल सकती है। इस बार रोलिंग बजट बनाया गया है। आने वाले 3 साल की दृष्टि से बजट बना है, इससे लाभ मिलेगा। जनता के आशीर्वाद से आर्थिक संकट की स्थिति नहीं है। 

मध्य प्रदेश विधानसभा का इस बार का बजट पूरी तरह से पेपरलेस होगा इसे डिजिटल स्वरूप में पेश किया जाएगा बजट सत्र की अधिसूचना जारी होने के बाद विधानसभा सचिवालय को 3478 सवालों के नोटिस मिले हैं, जिनमें 1750 तारांकित और 1728 अतारांकित सवाल शामिल हैं। इनमें से 236 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, 10 स्थगन प्रस्ताव, 41 निजी प्रस्ताव और 83 शून्यकाल के लिए हैं।

मध्य प्रदेश सरकार के बजट को लेकर जनता ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार को शिक्षा पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। किसी ने कृषि क्षेत्र, तो किसी ने बढ़ती महंगाई से राहत दिलाने की मांग की। महिलाओं ने किचन से जुड़े सामानों को सस्ता करने की पैरवी की। जनता बोली कि सरकार को सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए बजट बनाना चाहिए। लोगों ने कहा कि हर चीज महंगी होती जा रही है, सोना-चांदी हो या बिल्डिंग मटेरियल, सभी की कीमतें आसमान छू रही हैं। आम आदमी के लिए घर चलाना बहुत मुश्किल हो रहा है, इसलिए बजट में हमारी जरूरतों का ध्यान रखा जाए।