योगी आदित्यनाथ पर बरसे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद!
वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने UP CM योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला. कहा- गुंडों की भाषा बोल रहे, 40 मुकदमे हटवाए, शर्म आनी चाहिए!
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बीच चल रही जुबानी जंग ने नया मोड़ ले लिया है। शनिवार को वाराणसी में मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य ने CM योगी पर जमकर बरसते हुए उन्हें गुंडों की भाषा बोलने वाला करार दिया और कहा कि उन्हें शर्म आनी चाहिए। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, योगी आदित्यनाथ शर्म करो, गुंडे की भाषा बोल रहे हैं। ये भाषा किसी कानून की किताब में नहीं लिखी है। उन्होंने आगे तंज कसते हुए पूछा, जो शंकराचार्य जनता के लिए सरकार से भिड़ जाता है, वह जनता के खिलाफ कैसे काम करेगा.उन पर ऐसा उल्टा आरोप लगाते हुए शर्म आनी चाहिए।

मुख्य आरोप और बयान:
शंकराचार्य ने जोर देकर कहा कि शंकराचार्य का पद कोई सरकारी नियुक्ति नहीं है, जिसे सरकार इंटरव्यू लेकर या राजनीतिक दल तय कर ले। कोई भी सरकार या राजनीतिक दल यह तय नहीं करेगा कि कौन शंकराचार्य होगा।
CM योगी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, उन पर 40 से ज्यादा मुकदमे थे, जिन्हें CM बनते ही हटवा दिया.क्या यही कानून है? उन्होंने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की और चेतावनी दी, अगर राज्यपाल कार्रवाई नहीं करतीं, तो समझा जाएगा कि UP गुंडों के हाथ में है।
पूज्य शंकराचार्य जी ने योगी आदित्यनाथ पर करारा पलटवार किया..
— उपदेश त्रिपाठी (@UpdeshTripathi) February 14, 2026
पूज्य शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी ने कहा....
नजीर है आदित्यनाथ नाम का व्यक्ति, जिसके ऊपर 40 से ज्यादा मुकदमे थे। जब मुख्यमंत्री बने तो सब मुकदमे अपने ऊपर से हटवा लिए pic.twitter.com/RjVMzpRVku
यह विवाद क्यों भड़का:
यह विवाद शुक्रवार (13 फरवरी) को योगी आदित्यनाथ के विधानसभा में दिए बयान से भड़का, जिसमें उन्होंने बिना नाम लिए कहा था कि हर व्यक्ति खुद को शंकराचार्य नहीं लिख सकता और कानून से कोई ऊपर नहीं है। इससे पहले माघ मेले में स्नान को लेकर प्रशासन और शंकराचार्य के बीच विवाद हो चुका था, जिस पर योगी ने कानून का पालन कराने की बात कही थी।
"हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता,
— Panchjanya (@epanchjanya) February 14, 2026
हर पीठ के आचार्य के रूप में जाकर जहां-तहां वातावरण खराब नहीं कर सकता,
कोई व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं हो सकता, हम भारत की संवैधानिक व्यवस्था से जुड़े हुए लोग हैं और मेरा मानना है भारत के हर नागरिक को कानून को मानना चाहिए..." pic.twitter.com/yTabDMf2Jr
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का पलटवार सीधे CM की भाषा और पिछले रिकॉर्ड पर केंद्रित रहा.उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति संतों की परंपरा को समझता है, वह ऐसी भाषा नहीं बोल सकता।
यह घटना उत्तर प्रदेश की सियासत और धार्मिक हलकों में गरमा-गरमी पैदा कर रही है.दोनों पक्षों के बीच यह टकराव लंबे समय से चल रहा है और अब यह और तेज हो गया है।

