सीधी की कुशमी तहसील में 80 वर्षीय ब्राह्मण पुजारी की निर्मम हत्या

मध्य प्रदेश के सीधी जिले की कुशमी तहसील में 80 वर्षीय ब्राह्मण पुजारी इन्द्रभान द्विवेदी की गड़ासे से हत्या।

सीधी की कुशमी तहसील में 80 वर्षीय ब्राह्मण पुजारी की निर्मम हत्या

सीधी: मध्य प्रदेश के सीधी जिले की कुशमी तहसील में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है.80 वर्षीय ब्राह्मण पुजारी इन्द्रभान द्विवेदी, जो तहसील परिसर स्थित हनुमान मंदिर के पुजारी थे, रास्ते में ही गड़ासे (कुल्हाड़ी) से निर्मम तरीके से मार डाला गया.मृतक का एकमात्र 'गुनाह' बताया जा रहा है कि वे ब्राह्मण थे और नियमित रूप से पूजा-पाठ करते थे।


जानकारी के अनुसार, इन्द्रभान द्विवेदी सुबह मंदिर में पूजा-अर्चना करने गए थे.पूजा समाप्त कर घर लौटते समय तहसील परिसर के निकट ही लाला केवट नाम के शख़्स ने  उन पर अचानक धारदार हथियार (गड़ासे) से हमला कर दिया.हमलावर ने बुजुर्ग पुजारी के सिर और गर्दन पर कई वार किए, जिससे उनका सिर तक कट गया और मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, हमला इतना तेज और क्रूर था कि पुजारी बचाव भी नहीं कर पाए।

आरोपी कौन? 

जानकारी में आरोपी का नाम लाला केवट बताया जा रहा है.कुछ सूत्रों के अनुसार, आरोपी असामाजिक तत्वों या संगठनों से जुड़ा हुआ है.हमले के दौरान जाति-संबंधी गाली-गलौज भी की गई, जिससे यह घटना जातीय हिंसा के रूप में देखी जा रही है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है.अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय लोग दबाव बना रहे हैं कि तुरंत कार्रवाई हो।

परिवार और समाज की प्रतिक्रिया

मृतक पुजारी के परिवार में कोहराम मचा हुआ है.उनके परिजन और स्थानीय ब्राह्मण समाज ने इस घटना को "जातीय आधार पर targeted हत्या" करार दिया है। लोग कह रहे हैं कि एक बुजुर्ग पुजारी, जो कभी किसी से झगड़ा नहीं करता था, सिर्फ पूजा करता था, उसकी हत्या क्यों? क्या अब धार्मिक कार्य करना भी खतरे की बात हो गई है.ब्राह्मण समाज और स्थानीय संगठनों ने तुरंत सीएम हेल्पलाइन और पुलिस अधीक्षक से घर गिरवाने और उस पर तुरंत कार्रवाई करने की मांग कर रहे.लोग चेतावनी दे रहे हैं कि अगर दोषी को शख़्स सजा नहीं मिली तो क्षेत्र में बड़ा आंदोलन करेंगे।

परिवार की भावुक अपील

मृतक पुजारी के बेटे ने कहा -पिताजी 75 साल के थे, कमजोर थे। वे सिर्फ मंदिर जाते थे, पूजा करते थे। क्या उनका अपराध यही था कि वे ब्राह्मण थे? हम न्याय चाहते हैं, सरकार चुप क्यों है? परिवार ने बताया कि घटना के बाद से पूरा घर शोक में डूबा है, लेकिन न्याय न मिलने पर वे और संघर्ष करेंगे।