महाशिवरात्रि से गूंजेगा उज्जैन: विक्रमोत्सव 2026 का भव्य आगाज
धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी उज्जैन एक बार फिर उत्सव के रंग में रंगने जा रही है। 15 फरवरी 2026, रविवार से विक्रमोत्सव 2026 की शुरुआत हो रही है, जो 19 मार्च तक चलेगा। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आरंभ होने वाला यह महोत्सव संस्कृति, अध्यात्म और व्यापार का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा।
उज्जैन: धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी उज्जैन एक बार फिर उत्सव के रंग में रंगने जा रही है। 15 फरवरी 2026, रविवार से विक्रमोत्सव 2026 की शुरुआत हो रही है, जो 19 मार्च तक चलेगा। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आरंभ होने वाला यह महोत्सव संस्कृति, अध्यात्म और व्यापार का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा।
भव्य उद्घाटन और ‘शिवोह्म’ संगीत संध्या
शाम 7:30 बजे पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में औपचारिक उद्घाटन समारोह आयोजित होगा। कार्यक्रम की शुरुआत शिवनाद और शंख-डमरू वादन से होगी। इसके बाद प्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम की ‘शिवोह्म’ संगीत संध्या मुख्य आकर्षण रहेगी, जो भक्तिमय माहौल तैयार करेगी। रविवार सुबह 10 बजे शासकीय कन्या महाविद्यालय से भव्य कलश यात्रा निकलेगी, जो महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ कार्यालय तक पहुंचेगी।
सुबह 11 बजे शोधपीठ परिसर, विक्रम भवन और कालिदास अकादमी में भारतीय परंपरा पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ होगा। प्रदर्शनी में विक्रमादित्य, अयोध्या, आर्य भारत, महाभारत कालीन अस्त्र-शस्त्र, चक्रव्यूह, 84 महादेव, जनजातीय देवलोक, श्रीकृष्ण प्रभात और रागमाला जैसे विषयों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
इस वर्ष महाभारत पर आधारित एक विशेष खंड भी जोड़ा गया है, जिसमें युद्ध व्यूहों के मॉडल और उनसे जुड़ी विस्तृत जानकारी दर्शकों को उपलब्ध कराई जाएगी। उज्जैन में इस तरह की प्रदर्शनी पहली बार आयोजित की जा रही है।
विक्रम व्यापार मेला: खरीद पर विशेष छूट
इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में विक्रम व्यापार मेले का भी शुभारंभ होगा। मेले में चार पहिया और दोपहिया वाहनों के सैकड़ों स्टॉल के साथ लगभग 60 फूड स्टॉल लगाए गए हैं।
राज्य सरकार ने मेले में खरीदे जाने वाले वाहनों पर 50 प्रतिशत तक मोटरयान कर (रोड टैक्स) में छूट की मंजूरी दी है। पिछले वर्षों में वाहन बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई थी, और इस बार उससे अधिक बिक्री की उम्मीद जताई जा रही है।
संस्कृति, आस्था और व्यापार का संगम
लगभग एक महीने तक चलने वाला विक्रमोत्सव 2026 न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा, बल्कि व्यापारिक दृष्टि से भी शहर को नई गति देगा। उज्जैनवासियों और देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह महोत्सव विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
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