बजट से पहले MP सरकार ने लिया ₹5600 करोड़ का कर्ज
मध्यप्रदेश सरकार ने बजट पेश होने से एक दिन पहले ₹5,600 करोड़ का नया कर्ज लिया, जिससे राज्य का कुल कर्ज बढ़कर ₹4.90 लाख करोड़ हो गया।
18 फरवरी को मध्य प्रदेश का बजट पेश होने वाला है। लेकिन उससे पहले प्रदेश सरकार ने नया कर्ज लेकर सबको चौंका दिया है। बजट पेश होने से ठीक 24 घंटे पहले प्रदेश सरकार ने ₹5,600 करोड़ रुपए का कर्ज लिया है, जिसकी वजह से अब राज्य पर कुल कर्ज ₹4.90 लाख करोड़ हो गया है। हैरानी की बात यह है कि यह कर्ज इस बार के बजट से भी ज्यादा है। इस साल का बजट करीब ₹4.21 लाख करोड़ रखा गया है।

हाल ही में हुए आर्थिक सर्वेक्षण में दावा किया गया कि प्रदेश की विकास दर 8.04% हो गई है और राज्य तेजी से विकास कर रहा है। लेकिन सवाल यह है कि जब राज्य में आर्थिक विकास हो रहा है तो फिर सरकार को इतना कर्ज क्यों लेना पड़ रहा है। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने 17 फरवरी को विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें कहा गया था कि सरकार द्वारा लिया गया कर्ज कभी भी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तय सीमा से ज्यादा समय के लिए नहीं लिया जा रहा है।

साथ ही राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) और कर्ज का अनुपात 2004-05 में 39.5% था, जो 2023-24 में घटकर 27.99% हो गया है। यानी प्रदेश पर कर्ज का बोझ कम हुआ है। लेकिन अनुमान है कि आने वाले 2025-26 तक यह अनुपात बढ़कर 31.30% हो सकता है, क्योंकि प्रदेश पर कर्ज अब बढ़ता ही जा रहा है।

बता दें कि इसी साल प्रदेश सरकार ने करीब ₹70 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज लिया है। इतना ही नहीं, प्रदेश में खर्च इतना ज्यादा बढ़ गया है कि 2025-26 वित्तीय वर्ष के शुरू होने से पहले ही सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के खर्चों को पूरा करने के लिए अनुपूरक बजट भी सदन में पारित कर दिया है।


