ट्विशा शर्मा केस: रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को HC का नोटिस, SC में SG ने कहा- सास गिरिबाला जांच में बाधा बन रहीं

ट्विशा शर्मा मौत मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आरोपी सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी कर दिया है।

ट्विशा शर्मा केस: रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को HC का नोटिस, SC में SG ने कहा- सास गिरिबाला जांच में बाधा बन रहीं

एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़ा मामला आज एक बार फिर चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट में इस केस को लेकर जहां सुनवाई हुई। वहीं मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आरोपी सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी किया है।

इस केस की जांच अब CBI करेगी। एजेंसी की टीम सोमवार को दिल्ली से भोपाल के लिए रवाना हो गई। टीम आज शाम तक भोपाल पहुंचकर स्थानीय पुलिस से केस का हेंडओवर लेगी।

सनसनीखेज न बनाए मामला, निष्पक्ष जांच जरूरी- SC

ट्विशा शर्मा केस में सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत की की अध्यक्षता वाली 3 जजों की विशेष बेंच ने महत्वपूर्ण सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस केस में दो या तीन पहलू थे। एक तो दूसरे पोस्टमॉर्टम से जुड़ा था, जो अब पूरा हो चुका है। CJI ने दूसरे पोस्टमॉर्टम को लेकर हाईकोर्ट के काम की सराहना करते हुए कहा गया कि HC ने सराहनीय काम किया है। CJI ने राज्य सरकार के CBI जांच की सिफारिश करने के फैसले की भी सराहना की।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि कुछ हरकतों की वजह से हमें थोड़ी तकलीफ हुई है। चीजों को कानून और प्रक्रिया के हिसाब से ही आगे बढ़ने दें। कोर्ट ने मीडिया को भी निर्देश दिया गया है कि परिजनों का इंटरव्यू न लिया जाए, साथ ही केस को सनसनीखेज बनाने से बचने के लिए भी कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम पीड़ित और आरोपी दोनों के परिवार वालों से आग्रह करते हैं कि वे सार्वजनिक रूप से या मीडिया के सामने बयान देने के बजाय जांच एजेंसी के समक्ष अपना पक्ष दर्ज कराएं ताकि चल रही जांच पर कोई प्रभाव न पड़े।

वहीं, सॉलिसिटर जनरल (SG) ने कहा कि गिरिबाला सिंह जांच में बाधा बन रहीं है। SG ने बताया कि ट्विशा केस की जांच अब CBI अपने हाथ में लेगी। वहीं, ट्विशा परिवार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने FIR दर्ज करने में देरी और जांच प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।

CJI सूर्यकांत ने ये भी कहा कि मृतका की सास एक रिटायर्ड जिला जज हैं। यह अफसोस की बात है कि ऐसा कहा जा रहा है कि न्यायपालिका निष्पक्ष सुनवाई की इजाजत नहीं दे रही। हमें कोई शक नहीं है कि पीड़ित और आरोपी दोनों ही जांच में सहयोग करेंगे। हमें अपनी राज्य एजेंसियों या CBI पर भी कोई शक नहीं है। जो भी जांच करेगा, वह निश्चित रूप से जांच को उसके अंजाम तक पहुंचाएगा और सच का पता लगाएगा।

रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को हाईकोर्ट का नोटिस

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस राज्य शासन और ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा की उस याचिका पर जारी किया गया है, जिसमें उन्होंने ट्रायल कोर्ट द्वारा गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत को चुनौती दी है।

सुनवाई के दौरान जहां महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कहा कि गिरिबाला जांच में मदद नहीं कर रही हैं। वहीं, गिरिबाला के वकील मृगेंद्र सिंह ने कहा- यह कहना गलत होगा कि जांच में हमारी ओर से शासन को मदद नहीं की जा रही है।

इस पर मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- अगर वे (गिरिबाला सिंह) अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दे सकती हैं और उन्हें वह रातों-रात मिल सकती है, तो हम तत्काल सुनवाई की मांग क्यों नहीं कर सकते?”

भोपाल जिला अदालत में सबूत सुरक्षित रखने की मांग

भोपाल जिला अदालत में भी इस केस से जुड़े एक अहम आवेदन पर सुनवाई सूचीबद्ध है। इसमें ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह की 12 मई से 20 मई तक की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और भोपाल एम्स के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने की मांग की गई है। यह सबूत जांच के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि इससे घटना से जुड़ी परिस्थितियों को स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।

मामला अभी शुरुआती कानूनी चरण में

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मुद्दा जांच की निष्पक्षता को लेकर है। मायके पक्ष का आरोप है कि यह हत्या का मामला है और सही तरीके से जांच नहीं हो रही है। वहीं, ससुराल पक्ष का कहना है कि यह आत्महत्या का मामला है। फिलहाल यह मामला शुरुआती कानूनी प्रक्रिया में है और अलग-अलग अदालतों में सुनवाई प्रस्तावित है।