राम मंदिर चढ़ावा घोटाले के आरोपों पर कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

इंदौर में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने राम मंदिर चढ़ावा घोटाले के आरोपों को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच, फोरेंसिक ऑडिट और नए ट्रस्ट के गठन की मांग की।

राम मंदिर चढ़ावा घोटाले के आरोपों पर कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

इंदौर। अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। इंदौर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने आरोप लगाया कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े राम मंदिर में आर्थिक गड़बड़ियों के आरोप बेहद गंभीर हैं और पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।

हरीश चौधरी ने कहा कि देशभर के करोड़ों लोगों ने भगवान राम के मंदिर निर्माण के लिए अपनी मेहनत की कमाई, बचत और श्रद्धा से दान दिया था। ऐसे में यदि चढ़ावे और मंदिर की वित्तीय व्यवस्था में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है, तो यह केवल आर्थिक मामला नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ विश्वासघात है।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार की देखरेख में हुआ था और इसकी प्रशासनिक व्यवस्था में प्रधानमंत्री कार्यालय की भी भूमिका रही है। ऐसे में यदि ट्रस्ट पर सवाल उठ रहे हैं तो जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। चौधरी ने यह सवाल भी उठाया कि यदि सब कुछ पारदर्शी था, तो ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा को इस्तीफा क्यों देना पड़ा।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

कांग्रेस ने इस पूरे मामले में कई मांगें रखीं। पार्टी का कहना है कि कथित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में विशेष जांच कराई जाए। इसके अलावा दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए, राम मंदिर से जुड़े सभी चंदों, चढ़ावों, भूमि खरीद और खर्चों का फोरेंसिक ऑडिट कराया जाए तथा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग कर पारदर्शी व्यवस्था के साथ नए ट्रस्ट का गठन किया जाए।

हरीश चौधरी ने कहा कि भगवान राम किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था के केंद्र हैं। इसलिए मंदिर के नाम पर जुटाए गए धन में यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो उस पर पर्दा डालने की बजाय सच्चाई देश के सामने लाई जानी चाहिए।

दिग्विजय सिंह की यात्रा पर क्या बोले?

दशहरा के अवसर पर महाकाल मंदिर से अयोध्या तक प्रस्तावित दिग्विजय सिंह की यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर हरीश चौधरी ने कहा कि यह उनकी निजी यात्रा है और स्वयं दिग्विजय सिंह भी इसे निजी बता चुके हैं। हालांकि जब उनसे पूछा गया कि क्या वे इस यात्रा में शामिल होंगे, तो उन्होंने इस सवाल का सीधा जवाब देने से परहेज किया।

जीतू पटवारी के भाई से जुड़े सवालों पर चुप्पी

प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को हिरासत में लिए जाने और ड्रग्स सेवन से जुड़े सवाल भी पूछे गए। हालांकि हरीश चौधरी ने इन सवालों पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी और जवाब देने से बचते नजर आए।

आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं

फिलहाल कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप राजनीतिक बयान के रूप में सामने आए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों की ओर से इस विषय पर आधिकारिक प्रतिक्रिया आने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्ष ही अंतिम रूप से निर्णायक होंगे।