इंदौर में 15 लाख की फिरौती के लिए 2 बच्चों का अपहरण, पुलिस ने कुछ घंटों में किया रेस्क्यू; 4 आरोपी गिरफ्तार
बच्चों के लापता होने के कुछ ही समय बाद परिजनों के पास व्हाट्सएप कॉल के जरिए 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। इस कॉल के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई थी।
इंदौर। शहर में उस वक्त सनसनी फैल गई जब पलासिया थाना क्षेत्र से दो मासूम बच्चों के अचानक लापता होने की खबर सामने आई। गीता नगर और तिलक नगर इलाके के रहने वाले दोनों बच्चे शाम के समय खेलते-खेलते गायब हो गए। बच्चों के गायब होते ही परिजनों में हड़कंप मच गया और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई और मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी गई।
व्हाट्सएप कॉल पर मांगी 15 लाख की फिरौती
बच्चों के लापता होने के कुछ ही समय बाद परिजनों के पास व्हाट्सएप कॉल के जरिए 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। कॉल करने वाली एक महिला थी, जिसने बच्चों को सुरक्षित छोड़ने के बदले रकम की मांग की। इस कॉल के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई। हालांकि पुलिस ने तुरंत तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज कर दी और कॉल की लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास शुरू किया।

सीसीटीवी फुटेज से मिला बड़ा सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। फुटेज में एक युवती दोनों बच्चों को अपने साथ ले जाती हुई दिखाई दी। यही सुराग पुलिस के लिए अहम साबित हुआ। पुलिस ने इस फुटेज के आधार पर युवती की पहचान और उसके मूवमेंट को ट्रैक करना शुरू किया। साथ ही, पुलिस ने कॉल डिटेल और टॉवर लोकेशन के जरिए भी आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की।

संयुक्त कार्रवाई में बच्चों का सुरक्षित रेस्क्यू
पुलिस ने अलग-अलग टीमों का गठन कर तेजी से कार्रवाई शुरू की। संयोगितागंज, तुकोगंज, राजेंद्र नगर और अन्य थाना क्षेत्रों की पुलिस को भी इस ऑपरेशन में शामिल किया गया। करीब कुछ ही घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस को बच्चों की लोकेशन राजेंद्र नगर इलाके के दत्त नगर स्थित एक मल्टी में मिली। पुलिस टीम ने तुरंत वहां दबिश दी और दोनों बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया। छापेमारी के दौरान आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की घेराबंदी के चलते वे सफल नहीं हो सके और मौके से ही गिरफ्तार कर लिए गए।

चार आरोपी गिरफ्तार, आपसी संबंध चौंकाने वाले
इस मामले में पुलिस ने कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें विनीत प्रजापति, राधिका प्रजापति, ललित सेन और तनीषा सेन शामिल हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि इनमें से दो आरोपी आपस में सगे भाई-बहन हैं, जबकि अन्य दो पति-पत्नी हैं। चारों आरोपी आपस में दोस्त भी बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी बच्चों के परिचित थे, जिसके कारण उन्होंने आसानी से बच्चों को अपने साथ ले जाने में सफलता हासिल की।

बहाने से बच्चों को ले गई थी युवती
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी युवती बच्चों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गई थी। बताया जा रहा है कि उसने बच्चों को पक्षी और जानवर दिखाने का लालच दिया था। बच्चों ने भरोसा कर लिया और उसके साथ चले गए, जिसके बाद उन्हें एक बिल्डिंग में बंधक बनाकर रखा गया।
पैसों की जरूरत बनी अपहरण की वजह
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने पैसों की जरूरत के चलते इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने पहले से योजना बनाकर बच्चों का अपहरण किया और फिरौती मांगने के लिए व्हाट्सएप कॉल का सहारा लिया। पुलिस ने इस मामले में डिजिटल साक्ष्य भी जब्त कर लिए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

बच्चों को नहीं पहुंचाया गया नुकसान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राहत की बात यह रही कि बच्चों को किसी प्रकार का शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचाया गया। रेस्क्यू के बाद दोनों बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराया गया और उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों को सौंप दिया गया। बच्चों के सुरक्षित मिलने के बाद परिवार और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।

पुलिस की तत्परता से टला बड़ा हादसा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे ऑपरेशन में सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की अहम भूमिका रही। तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने महज कुछ घंटों में इस मामले को सुलझा लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस कमिश्नर ने भी इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है और ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस मामले में और लोग भी शामिल हैं। पुलिस को आशंका है कि यह किसी बड़े गिरोह का हिस्सा भी हो सकता है। आने वाले दिनों में मामले से जुड़े और खुलासे होने की संभावना है।
Varsha Shrivastava 
