गिलगित-बाल्टिस्तान चुनाव पर भारत का कड़ा विरोध, बोला- अवैध कब्जा वैध नहीं होगा
भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में होने वाले विधानसभा चुनावों का कड़ा विरोध जताया है। Ministry of External Affairs ने कहा कि पाकिस्तान जिस क्षेत्र पर अवैध कब्जा किए हुए है, वहां चुनाव कराना पूरी तरह अस्वीकार्य है। भारत ने दोहराया कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल है, भारत का अभिन्न हिस्सा है।
नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान (Gilgit-Baltistan) में 7 जून को होने वाले विधानसभा चुनावों पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पाकिस्तान की इस योजना का पुरजोर विरोध किया है। भारत ने दो टूक कहा है कि पाकिस्तान जिस क्षेत्र पर अवैध और जबरन कब्जा किए हुए है, वहां चुनाव कराने से जमीनी हकीकत नहीं बदलेगी और न ही उसका अवैध कब्जा वैध होगा।
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख (जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल है) भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और पाकिस्तान को वहां किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधि चलाने का कोई अधिकार नहीं है।
साढ़े पांच साल बाद हो रहे हैं चुनाव
गिलगित-बाल्टिस्तान के 10 जिलों की 24 सीटों पर रविवार (7 जून) को मतदान होगा।
- देरी का कारण:
इससे पहले यहां नवंबर 2020 में चुनाव हुए थे, जिसका 5 साल का कार्यकाल नवंबर 2025 में पूरा हो चुका था। क्षेत्र में भारी बर्फबारी और प्रशासनिक कारणों से चुनाव टालने पड़े थे, जो अब कराए जा रहे हैं। - नया प्रशासनिक ढांचा: गिलगित-बाल्टिस्तान में 'ऑर्डर ऑफ 2018' (जिसके तहत स्थानीय विधानसभा और मुख्यमंत्री को कुछ शक्तियां मिली हैं) के तहत यह दूसरा चुनाव है।
PoK में राजनीतिक अस्थिरता और जनता का आक्रोश
गिलगित-बाल्टिस्तान के बाद 27 जुलाई को PoK की 53 सीटों पर भी चुनाव होने हैं। पिछला कार्यकाल राजनीतिक उठापटक और जनता के गुस्से से भरा रहा:
- 3 बार बदले प्रधानमंत्री:
2021 में इमरान खान की पार्टी की सरकार बनने के बाद से अब तक 3 प्रधानमंत्री (अब्दुल कय्यूम नियाजी, तनवीर इलियास- जो अयोग्य हुए, और वर्तमान में चौधरी अनवरुल हक) बदल चुके हैं। - भारी विरोध प्रदर्शन: पिछले समय में PoK में महंगाई, आटे की किल्लत और बिजली की आसमान छूती कीमतों को लेकर हिंसक आंदोलन हुए, जिसके बाद पाकिस्तान सरकार को घुटने टेककर राहत पैकेज देना पड़ा था।
भारतीय विधानसभा में PoK के लिए 24 सीटें रिजर्व
याद रखने योग्य बात: वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन और नए परिसीमन ढांचे के तहत, भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की विधानसभा में 24 सीटें PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान के क्षेत्रों के लिए आरक्षित (Reserve) रखी गई हैं। चूंकि ये क्षेत्र फिलहाल पाकिस्तान के अवैध नियंत्रण में हैं, इसलिए भारतीय चुनाव के दौरान इन सीटों को खाली रखा जाता है।

