भोपाल के भोज वेटलैंड पर NGT सख्त, FTL और बफर जोन से अतिक्रमण हटाने के दिए निर्देश

NGT ने भोपाल के भोज वेटलैंड में FTL और बफर जोन से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम और कलेक्टर से 29 जुलाई तक प्रगति रिपोर्ट मांगी गई है।

भोपाल के भोज वेटलैंड पर NGT सख्त, FTL और बफर जोन से अतिक्रमण हटाने के दिए निर्देश

भोपाल। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की सेंट्रल ज़ोन बेंच ने भोपाल के भोज वेटलैंड (बड़ा तालाब) में अतिक्रमण और वेटलैंड नियमों के उल्लंघन को लेकर राज्य सरकार और भोपाल नगर निगम (BMC) पर कड़ी नाराजगी जताई है। ट्रिब्यूनल ने साफ निर्देश दिए हैं कि वेटलैंड के FTL (फुल टैंक लेवल) और बफर जोन में मौजूद सभी अतिक्रमण नियमों के अनुसार हटाए जाएं और इसकी प्रगति रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले पेश की जाए।

छह साल बाद भी नहीं हुई प्रभावी कार्रवाई

जस्टिस श्यो कुमार सिंह और एक्सपर्ट मेंबर सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने कहा कि यह मामला वर्ष 2020 से विभिन्न रूपों में लंबित है, लेकिन करीब छह साल बीत जाने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। ट्रिब्यूनल ने टिप्पणी की कि इससे ऐसा प्रतीत होता है कि अधिकारियों को कानून के शासन की कोई परवाह नहीं है।

NGT ने कहा कि वेटलैंड क्षेत्र की पहचान, सीमांकन और अतिक्रमण हटाने के लिए पहले भी कई निर्देश दिए जा चुके हैं, यहां तक कि उच्च स्तर की समिति भी गठित की गई थी, लेकिन अब तक वास्तविक सीमांकन और अतिक्रमण की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।

अवैध निर्माणों को संरक्षण देने की आशंका

पीठ ने कहा कि अधिकारियों की निष्क्रियता से यह संकेत मिलता है कि वेटलैंड के प्रतिबंधित क्षेत्र में किए गए कुछ निर्माणों को संरक्षण देने की कोशिश हो रही है, जो पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन है।

नगर निगम ने क्या कहा?

भोपाल नगर निगम की ओर से अधिवक्ता ने ट्रिब्यूनल को बताया कि वेटलैंड, निजी भूमि और कुछ सरकारी परिसरों में भी अतिक्रमण मौजूद हैं। कुछ मामलों में प्रभावित पक्ष हाईकोर्ट पहुंचे हैं, जहां अंतरिम आदेश लागू हैं।

इस पर NGT ने स्पष्ट किया कि जहां उच्च न्यायालय के आदेश हैं, उनका पालन किया जाए, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि अवैध निर्माण जारी रहने दिए जाएं। नगर निगम को पहले यह तय करना होगा कि संबंधित निर्माण वेटलैंड नियम, 2017 के तहत प्रतिबंधित क्षेत्र में हैं या नहीं।

29 जुलाई तक मांगी प्रगति रिपोर्ट

NGT ने भोपाल नगर निगम और कलेक्टर भोपाल को निर्देश दिया है कि FTL और बफर जोन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले प्रस्तुत करें।

मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने ट्रिब्यूनल को भरोसा दिलाया कि अगली सुनवाई से पहले आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई 2026 को होगी।