Vidhya Bharti School : CM शुभेंदु का बड़ा फैसला, शिक्षा क्षेत्र में होगा विकास; एक साल में 1000 स्कूल खोलने का लक्ष्य

Vidhya Bharti School : पश्चिम बंगाल में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव करने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अगले एक साल में राज्य में करीब 1000 विद्या भारती स्कूल खोलने का लक्ष्य रखा है।

Vidhya Bharti School : CM शुभेंदु का बड़ा फैसला, शिक्षा क्षेत्र में होगा विकास; एक साल में 1000 स्कूल खोलने का लक्ष्य

Vidhya Bharti School : पश्चिम बंगाल में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव करने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अगले एक साल में राज्य में करीब 1000 विद्या भारती स्कूल खोलने का लक्ष्य रखा है। यह ऐलान कोलकाता में विद्या भारती की 74वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में किया गया। मुख्यमंत्री ने संगठन से हर जिले, नगरपालिका और पंचायत स्तर तक अपनी पहुंच बढ़ाने की अपील की। फिलहाल राज्य में विद्या भारती के 313 स्कूल संचालित होने की जानकारी दी गई है।

विद्या भारती के विस्तार को लेकर चर्चा

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान विद्या भारती के वरिष्ठ पदाधिकारियों को राज्य सचिवालय आने का न्योता भी दिया। इसका उद्देश्य राज्य में विद्या भारती के विस्तार को लेकर आगे की रणनीति तैयार करना बताया गया। देशभर में विद्या भारती के 12 हजार से अधिक स्कूल और करीब 10 हजार बाल संस्कार केंद्र संचालित होने की जानकारी दी गई है।

1952 में गोरखपुर से हुई थी शुरुआत

विद्या भारती से जुड़े स्कूलों की शुरुआत 1952 में गोरखपुर से हुई थी। शुरुआती दौर में इसका नाम सरस्वती शिशु मंदिर रखा गया था। बाद में संगठन के विस्तार के साथ अलग-अलग राज्यों में सरस्वती शिशु मंदिर, सरस्वती विद्या मंदिर और अन्य नामों से स्कूल संचालित होने लगे।

इन स्कूलों में गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं पर भी जोर दिया जाता है। प्रार्थना सभा, योग और सूर्य नमस्कार जैसी गतिविधियां भी कई स्कूलों की दिनचर्या का हिस्सा हैं। कुछ स्कूलों में शुरुआती कक्षाओं में मातृभाषा में पढ़ाई को प्राथमिकता दी जाती है।

कम फीस, लेकिन विचारधारा को लेकर बहस

विद्या भारती स्कूलों की एक खासियत अपेक्षाकृत कम फीस बताई जाती है। इससे निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बच्चों की शिक्षा का खर्च कुछ हद तक आसान हो सकता है। संगठन के स्कूल ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों तक संचालित होते हैं। हालांकि, इन स्कूलों को लेकर राजनीतिक और वैचारिक बहस भी होती रही है। आलोचकों का आरोप है कि यहां शिक्षा के साथ एक खास विचारधारा पर भी जोर दिया जाता है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राज्य के चार शिक्षा विभागों को एक प्रशासनिक व्यवस्था के तहत लाने का प्रस्ताव भी रखा। इनमें स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और अल्पसंख्यक शिक्षा विभाग शामिल हैं। उन्होंने मदरसा शिक्षा के लिए अलग प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाया और पिछली टीएमसी सरकार की शिक्षा व्यवस्था की आलोचना की।