सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती बोलीं- ‘सरकारी अभियान ठीक नहीं’

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की. मायावती ने इसे गलत बताते हुए रोकने की मांग की, जबकि अखिलेश यादव ने सरकार को सौहार्द बनाए रखने की नसीहत दी.

सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती बोलीं- ‘सरकारी अभियान ठीक नहीं’

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब कार्रवाई तक पहुंच गया है. प्रशासन ने शनिवार, 5 सितंबर की तड़के मस्जिद को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी. कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की कंपनिया तैनात रहीं. 

मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने योगी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने इस तरह की कार्रवाई को गलत बताते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की. वहीं समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी और सरकार को सौहार्द बनाए रखने की जिम्मेदारी की याद दिलाई. 

मायावती ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

मायावती ने सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को गिराए जाने की कार्रवाई पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि ऐसे विवादों को सुलझाने के लिए दूसरे तरीके पर विचार किया जाना चाहिए. मायावती ने उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना कार्रवाई किए जाने पर भी चिंता जताई है.  

उन्होंने आरोपियों के घर गिराए जाने के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर उसके पूरे परिवार को बेदखल करना लोगों को परेशान कर रहा है. 

<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="hi" dir="ltr">1. ज़िला सहारनपुर की मस्जिद सहित पूरे उत्तर प्रदेश में आएदिन मस्जिदों को काफी आपाधापी में अवैध बताकर उनको ध्वस्त करने का जो सरकारी अभियान चल रहा है वह ठीक नहीं है तथा सरकार को ऐसे निगेटिव हालात से बचने के लिये इस पर तुरन्त रोक लगाकर इसके समाधान के अन्य उपाय ज़रूर करने चाहिये। <br>2.…</p>&mdash; Mayawati (@Mayawati) <a href="https://x.com/Mayawati/status/2096105110581772709?ref_src=twsrc%5Etfw">September 5, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>

अखिलेश यादव ने भी सरकार को दी नसीहत

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर सरकार को सौहार्द बनाए रखने की जिम्मेदारी की याद दिलाई. हालांकि, उन्होंने अपनी पोस्ट में सहारनपुर की मस्जिद या कार्रवाई का सीधे तौर पर जिक्र नहीं किया.

वहीं सपा सांसद इकरा हसन ने दावा किया कि उन्हें कैराना स्थित अपने घर में नजरबंद कर दिया गया. उनका कहना है कि वह मस्जिद पर हुई कार्रवाई को लेकर अधिकारियों से मुलाकात करने सहारनपुर जाना चाहती थीं, लेकिन उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया.

<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="hi" dir="ltr">सौहार्द बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी होती है और उपलब्धि भी।</p>&mdash; Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) <a href="https://x.com/yadavakhilesh/status/2096078225449627803?ref_src=twsrc%5Etfw">September 5, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>

क्या है पूरा विवाद?

सहारनपुर के जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय परिसर में बनी इस मस्जिद को लेकर करीब डेढ़ साल से विवाद चल रहा था. बजरंग दल के पूर्व प्रांतीय समन्वयक विकास त्यागी ने शिकायत कर आरोप लगाया था कि सरकारी जमीन पर अवैध रूप से मस्जिद का निर्माण किया गया है.  

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि परिसर में मौजूद कुछ कमरों का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था और उन्हें बाहरी लोगों को किराए पर दिया गया था. मस्जिद कमेटी पर किराया वसूलने का भी आरोप लगाया गया.

सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ हुई थी अपील

मामला सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत तक पहुंचा. 16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह की अदालत ने विवादित जमीन को सरकारी जमीन माना और मस्जिद के निर्माण को अवैध बताया। आदेश में कब्जाधारियों पर करीब 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया और परिसर खाली करने का आदेश दिया गया.

हालांकि मस्जिद कमेटी का दावा था कि जमीन वक्फ संपत्ति है और मस्जिद करीब 150 साल पुरानी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दावे के समर्थन में अदालत के सामने पर्याप्त दस्तावेज पेश नहीं किए जा सके. इसके बाद मस्जिद कमेटी ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को जिला अदालत में चुनौती दी। 2 सितंबर को जिला जज सतेंद्र कुमार की अदालत ने अपील खारिज कर दी और सिटी मजिस्ट्रेट के 16 जुलाई के आदेश को बरकरार रखा.

नेताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जताई थी आपत्ति

मस्जिद हटाए जाने की कार्रवाई से पहले शुक्रवार, 4 सितंबर की रात सहारनपुर में राजनीतिक हलचल बढ़ गई थी. कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने देर रात लाइव आकर मामले पर अपनी बात रखी. सपा विधायक आशु मलिक और एमएलसी शाहनवाज खान समेत कई नेता भी कलेक्ट्रेट पहुंचे. हालांकि नेताओं को कलेक्ट्रेट के गेट पर रोक दिया गया. बाद में नेताओं की जिलाधिकारी अरविंद चौहान से मुलाकात हुई. इस दौरान मस्जिद पर संभावित कार्रवाई को लेकर चिंता जताई गई थी.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस समय प्रशासन की ओर से मस्जिद को सील किए जाने की बात कही गई थी. लेकिन शनिवार तड़के प्रशासन ने मस्जिद को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी.

RAF की पांच कंपनियां तैनात

कार्रवाई के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही. बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ RAF की पांच कंपनियां तैनात की गईं.

सहारनपुर मंडल के DIG अभिषेक सिंह ने कहा कि त्योहारों का समय होने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और RAF की तैनाती की गई है. उन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाह और फेक न्यूज फैलाने वालों को भी चेतावनी दी और कहा कि ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

फिलहाल कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और मस्जिद को हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के बाद इलाके पर पुलिस की निगरानी बनी हुई है.