MP Assembly Session: UCC बिल पास, अब राज्यपाल की मंजूरी का इंतजार

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन हंगामे के बीच UCC विधेयक पास, सरकार ने सदन में अनुपूरक बजट पेश किया, जिस पर बुधवार को चर्चा होगी।

MP Assembly Session: UCC बिल पास, अब राज्यपाल की मंजूरी का इंतजार

Bhopal। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का आज मंगलवार को दूसरा दिन है। सदन के अंदर से लेकर बाहर तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक देखने को मिल रही है। सरकार ने सदन में अनुपूरक बजट पेश किया, जिस पर बुधवार को एक घंटे तक चर्चा होगी। वहीं, अनुपूरक बजट पेश होने के बाद सदन में Uniform Civil Code (UCC) विधेयक पर चर्चा शुरू हो गई। सरकार और विपक्ष के बीच इस महत्वपूर्ण विधेयक पर विस्तृत बहस हुई और इसके बाद UCC विधेयक पास हो गया। अब मध्य प्रदेश राजमार्ग संशोधन विधेयक पर चर्चा हो रही है।

UPDATED-04:39 PM: UCC बिल पास, अब राज्यपाल की मंजूरी का इंतजार

विधानसभा से यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) विधेयक पारित होने के बाद इसे राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद इसका राजपत्र (गजट) में नोटिफिकेशन जारी होगा। नोटिफिकेशन प्रकाशित होते ही मध्य प्रदेश में यूसीसी लागू हो जाएगा। सरकार की तैयारी के मुताबिक, इसके जुलाई में ही प्रभावी होने की संभावना है।

UPDATED-04:31 PM: बीजेपी विधायक ऊषा ठाकुर का बयान

भाजपा विधायक ऊषा ठाकुर ने  समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर कहा कि इस मुद्दे को सदन में इसलिए उठाया है क्योंकि उनके अनुसार हिंदू समाज के बच्चों और बच्चियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए विवाह पंजीकरण अनिवार्य होना चाहिए। ऊषा ठाकुर ने कहा कि जिन्हें अपनी प्रतिष्ठा और सम्मान की चिंता है, वे निश्चित रूप से विवाह पंजीकरण कराएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह उत्तराखंड में UCC लागू किया गया है, उसी तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी समान नागरिक संहिता लागू की जानी चाहिए।

UPDATED-03:55 PMजीतू पटवारी बोले- UCC सिर्फ भ्रष्टाचार से ध्यान भटकाने का हथकंडा,

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) विधेयक पेश किए जाने का विरोध करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार अपनी सारी सीमाएं पार कर चुका है। प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की बदहाली और प्रशासनिक भ्रष्टाचार से त्रस्त है, लेकिन भाजपा सरकार इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे विषयों को राजनीतिक प्रोपेगेंडा बनाकर पेश कर रही है। जनता जानना चाहती है कि सरकार भ्रष्टाचार पर कब जवाब देगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय नहीं है। भाजपा सरकार बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे वास्तविक मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए यूसीसी का मुद्दा उठा रही है।

UPDATED-03:15 PMसमान नागरिक संहिता बिल पास

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संबोधन के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने विधायक आरिफ मसूद से कहा कि अगर वह अपने दिए संशोधन पर बहस चाहते हैं तो अपनी सीट पर जाकर बात रखें। इसके बाद सदन में मसूद का संशोधन प्रस्ताव खारिज कर दिया गया। कांग्रेस के हंगामे और विरोध के बीच समान नागरिक संहिता बिल पारित घोषित किया गया।

UPDATED-03:03 PMसीएम का दावा- 93% लोगों ने किया यूसीसी का समर्थन

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पर विधानसभा में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दावा किया कि प्रदेश के 93 प्रतिशत नागरिकों ने यूसीसी का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि सामाजिक और धार्मिक परंपराएं पहले की तरह जारी रहेंगी, लेकिन सभी विवाहों का शासकीय पंजीयन अनिवार्य होगा। पंजीयन नहीं कराने पर जुर्माने का प्रावधान रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी लागू होने के बाद एक पत्नी या पति के रहते दूसरा विवाह मान्य नहीं होगा। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वह सीधी बात को भी तिरछी नजर से देखती है और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान का सम्मान करती है तो उसे इस विधेयक का समर्थन करना चाहिए।

UPDATED-02:48 PMमुख्यमंत्री के भाषण के दौरान कांग्रेस का हंगामा

मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान कांग्रेस विधायक लगातार नारेबाजी करते रहे। इसके बावजूद डॉ. मोहन यादव ने अपना भाषण जारी रखा और कांग्रेस पर तुष्टीकरण तथा वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने यूसीसी पर सुझाव देने वाले प्रदेशवासियों का आभार जताते हुए कहा कि यह कानून सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और न्याय सुनिश्चित करेगा। मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान कांग्रेस विधायक "चंदा चोरों, गद्दी छोड़ो" और "सेम-सेम" के नारे लगाते रहे, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से भी जवाबी नारेबाजी हुई।

UPDATED-02:33 PMसदन में सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच नारेबाजी

यूसीसी पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन में "मुस्लिम तुष्टीकरण बंद करो" और "जय श्रीराम" के नारे लगवाए। हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने व्यवस्था बनाए रखने और सदस्यों से अपनी बात सदन के पटल पर रखने की अपील की, लेकिन दोनों पक्षों की नारेबाजी जारी रही।

UPDATED-02:29 PMरामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस पर साधा निशाना

भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने यूसीसी का विरोध करने पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का विरोध आदिवासियों और हिंदू हितों के खिलाफ है। शर्मा ने कहा कि देश का नागरिक समान नागरिक संहिता के साथ खड़ा है और कांग्रेस के कुछ विधायक इसका विरोध कर समाज को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।

UPDATED-02:16 PMतीसरी बार भी नहीं थमा सदन का हंगामा

15 मिनट के स्थगन के बाद कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन कांग्रेस ने फिर विरोध शुरू कर दिया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजने की मांग दोहराई। दूसरी ओर कांग्रेस विधायक 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भाजपा विधायक सीतासरन शर्मा को बिना व्यवधान बोलने देने का आग्रह किया। लगातार शोर-शराबे के बीच अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सदन में व्यवस्था बनाने की अपील करते रहे।

UPDATED-02:07 PMसीएम बोले- यह सामाजिक समानता और महिला सशक्तीकरण का बिल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यूसीसी महिला सशक्तीकरण, सामाजिक समरसता और सामाजिक समानता का कानून है। उन्होंने सभी सदस्यों से इसका समर्थन करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद अब मध्य प्रदेश भी समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

UPDATED-01:33 PM1947 में भोपाल को पाकिस्तान से मिलाने की कोशिश का किया जिक्र

कांग्रेस के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में देश की आजादी के समय भोपाल को पाकिस्तान से मिलाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने इस घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को अपने कृत्य पर शर्म आनी चाहिए। साथ ही उन्होंने दोहराया कि यूसीसी प्रदेश में समान कानून और समान अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

UPDATED-01:50 PM: सदन की कार्यवाही 2 बार स्थगित

कांग्रेस विधायक वेल में पहुंचकर यूसीसी के विरोध में नारेबाजी करने लगे, जबकि भाजपा विधायक और मंत्री अपनी सीटों पर बैठे रहकर विधेयक पर चर्चा कराने की मांग करते रहे। इसके बाद एक बार 10 मिनट और दूसरी बार 15 मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

यूसीसी पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कांग्रेस विधायक आरिफ अकील और आरिफ मसूद ने विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजने, अनुच्छेद 29 के तहत अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने और इसे राजनीतिक एजेंडा बताते हुए विरोध दर्ज कराया। 

UPDATED-01:21 PM: UCC विधेयक पर सदन में हंगामा

यूसीसी विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजने की मांग को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार लगातार आग्रह करते रहे। इस दौरान सदन में कांग्रेस और भाजपा विधायकों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। कांग्रेस के सभी विधायक अपनी सीटों से उठकर आसंदी (वेल) के पास पहुंच गए और यूसीसी विधेयक के विरोध में नारेबाजी करने लगे। दूसरी ओर भाजपा विधायक और मंत्री अपनी-अपनी सीटों पर बैठे रहे और विधेयक पर चर्चा जारी रखने की मांग करते रहे।

यूसीसी विधेयक पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर के तहत विधायी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार दो दिन पहले कार्यवाही (प्रोसीडिंग) में व्यवस्था दी जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ऐसे में यह विधेयक सदन में कैसे लाया गया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कई बार विशेष परिस्थितियों में उसी दिन विधेयक प्रस्तुत कर उस पर चर्चा कराई जा सकती है। इसलिए इस मामले में प्रक्रिया के अनुरूप ही कार्रवाई की गई है।

UPDATED-01:11 PM: बीजेपी का UCC को समर्थन, विरोध में कांग्रेस 

UCC विधेयक पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर के तहत कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक केवल सरकार नहीं लाई है, बल्कि जनता के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। विजयवर्गीय ने कहा कि यूसीसी जैसा कानून केवल मध्य प्रदेश में ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि एक देश, एक निशान, एक विधान, एक प्रधान की भावना के तहत यह पहल की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि यह केवल सरकार का फैसला नहीं, बल्कि जनमत का प्रतिबिंब है। यूसीसी के संबंध में करीब 10 लाख लोगों ने अपने सुझाव और मत दिए हैं।

वहीं, विधानसभा में UCC विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने प्रस्तावित प्रावधानों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 29 के तहत अल्पसंख्यकों को संरक्षण प्राप्त है, इसलिए आदिवासियों की तरह अल्पसंख्यक समुदाय को भी राहत दी जानी चाहिए और इस संरक्षण को बनाए रखा जाए। आतिफ ने कहा कि जब केंद्र सरकार ने अभी तक समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू नहीं की है, तो मध्य प्रदेश में इसे इतनी जल्दबाजी में लाने की क्या आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक राजनीतिक एजेंडे के तहत लाया जा रहा है।

इधर, कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि यह कानून लाकर एक वर्ग विशेष को परेशान करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि विधेयक को पहले प्रवर समिति (सेलेक्ट कमेटी) के पास भेजा जाए और विस्तृत जांच-पड़ताल के बाद ही सदन में लाया जाए। गुजरात में भी यूसीसी अभी लागू नहीं हुई है, वहां केवल कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 29 के तहत मुसलमानों को जो अधिकार मिले हैं, उन्हें खत्म नहीं किया जाना चाहिए।

UPDATED-12:58 PM: फैक्ट्री विस्फोट में मुआवजे का मुद्दा

कांग्रेस विधायक सोहन लाल वाल्मीकी ने परासिया के ग्राम जमुनिया जेठू स्थित ग्रीन लाइट एसीसी फैक्ट्री में हुए विस्फोट का मामला ध्यानाकर्षण के दौरान उठाया। उन्होंने विस्फोट में घायल मजदूरों को मुआवजा (कंपनसेशन) राशि का भुगतान नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा।

UPDATED-12:32 PM: मझौली गेहूं खरीदी मामले में जांच

जबलपुर के पाटन से भाजपा विधायक अजय बिश्नोई ने मझौली विकासखंड में शासकीय उपार्जन योजना के तहत गेहूं खरीदी के बाद 175 किसानों को भुगतान नहीं मिलने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि 5 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं की फर्जी खरीदी के कारण किसानों का भुगतान अब तक लंबित है, जिससे उनमें रोष है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि फर्जी खरीदी के मामले में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है और मुख्य आरोपी हाईकोर्ट से जमानत पर है।

उन्होंने कहा कि 175 किसानों का भुगतान इसी प्रकरण के कारण लंबित है। अजय बिश्नोई ने आरोप लगाया कि किसानों का जमा गेहूं और धान बाद में गायब कर दिया गया। केंद्र प्रभारी का रजिस्टर भी गायब हो गया और मुख्य आरोपी ने सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर दी। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच समिति बनाने और उसमें स्वयं को सदस्य शामिल करने की मांग की। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सदन में आश्वासन दिया कि मामले की दोबारा जांच कराई जाएगी। इसके लिए समिति गठित की जाएगी, जिसमें विधायक अजय बिश्नोई को भी शामिल किया जाएगा। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

UPDATED-12:04 PM: इन मुद्दों पर भी हुई सदन में चर्चा

1. 16 विधेयकों पर चर्चा के समय को लेकर कांग्रेस का सवाल

कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने विधानसभा में पूछा कि 16 विधेयकों पर चर्चा तय दिन से पहले क्यों कराई गई। उन्होंने सरकार की सदन चलाने की मंशा पर सवाल उठाया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि संबंधित चर्चा के दौरान अपनी बात रखें।

2. मुरैना मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी पर विवाद

कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने मुरैना के पुराने प्रकरण में आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं और गवाहों को परेशान किया जा रहा है। मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि पुलिस ने कार्रवाई की है, चालान पेश हो चुका है और एसआईटी जल्द गिरफ्तारी करेगी।

3. उज्जैन चुनावी अटैचमेंट और भुगतान पर सरकार का जवाब

कांग्रेस विधायक दिनेश जैन ने चुनाव के बाद भी कर्मचारियों के निर्वाचन कार्यालयों में अटैच रहने और भुगतान लंबित होने का मुद्दा उठाया। मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि कोई कर्मचारी अटैच नहीं है और स्टेशनरी, टेंट, लाइट सहित सभी चुनावी भुगतान पूरे हो चुके हैं।

4. सीधी में औद्योगिक विकास पर उठे सवाल

भाजपा विधायक रीति पाठक ने सीधी में नए उद्योगों और निवेश प्रस्तावों की स्थिति पूछी। उद्योग मंत्री कृष्णा गौर ने बताया कि आठ निवेश प्रस्तावों में तीन पर काम शुरू हो गया है, जबकि अन्य प्रस्ताव अलग-अलग चरणों में हैं। सरकार ने रोजगार बढ़ने की उम्मीद जताई।

5. संविदाकर्मियों के नियमितीकरण और सीसीएल पर चर्चा

कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे ने संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और 730 दिन की चाइल्ड केयर लीव की मांग उठाई। मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि संविदाकर्मियों के हित में नीति बनाई गई है, लेकिन सीसीएल का लाभ केवल नियमित कर्मचारियों को मिलता है।

6. छतरपुर सीसीएफ पर कार्रवाई की मांग

कांग्रेस विधायक चंदा सिंह गौर ने छतरपुर के मुख्य वन संरक्षक के खिलाफ कार्रवाई और निलंबन की मांग की। वन राज्यमंत्री चेतन कुमार कश्यप ने कहा कि मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा।

7. बदनावर सिंचाई परियोजना में देरी पर सरकार का जवाब

विधायक नीना वर्मा ने धार की बदनावर उद्वाहन सिंचाई परियोजना में देरी का मुद्दा उठाया। सरकार ने बताया कि परियोजना का काम 63 प्रतिशत पूरा हो चुका है और इसे 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। देरी का कारण कोरोना और तकनीकी चुनौतियां बताई गईं।

8. नर्मदा से दूरी के कारण सिंचाई योजनाओं में देरी: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कई सिंचाई परियोजनाएं नर्मदा नदी से जुड़ी होने और लंबी दूरी के कारण देर से पूरी हो रही हैं। उन्होंने पार्वती-कालीसिंध नदी जोड़ो परियोजना को पानी पहुंचाने के समाधान के रूप में बताया।

9. फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले वन्य जीवों के रेस्क्यू पर फैसला

भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने वन्य जीवों से फसलों को नुकसान के मुद्दे पर सवाल उठाया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि नुकसान पहुंचाने वाले जीवों का रेस्क्यू कर सुरक्षित क्षेत्रों में छोड़ा गया है और जरूरत के अनुसार आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

UPDATED-12:04 PM: UCC पर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने

भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि UCC को लेकर मध्य प्रदेश के 10 लाख से ज्यादा लोगों ने अपनी राय रखी है। हर तरफ से ये बात आ रही है कि UCC लागू होनी चाहिए। प्रदेश में UCC लागू होकर रहेगा, कांग्रेस चाहे कुछ भी कर ले।

वहीं, कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए, जबकि भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने इसे जनता की मांग का विषय बताया। भाजपा विधायक दिलीप सिंह परिहार के 5-5 शादियों वाले बयान पर भी सदन में सियासी तकरार देखने को मिली।

UPDATED-11:41 AM: पुस्तक का विमोचन समारोह

मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के मार्गदर्शन में तैयार पुस्तक "विधान से जन कल्याण : 16वीं विधानसभा के कार्यकाल के दो वर्ष" का विमोचन समारोह है। पुस्‍तक में 16वीं विधान सभा के लगभग 2 साल के कार्यकाल में सदन में अध्‍यक्ष द्वारा दिये गये महत्‍वपूर्ण वक्‍तव्‍यों/व्‍यवस्‍थाओं, विधान सभा की समितियों और उनके सशक्तिकरण के लिए किये गये प्रयासों, सदस्‍यों के लिए सुविधाओं के विस्‍तार के लिए किये गये उल्‍लेखनीय कार्यों, नवाचारों, विधान सभा में आयोजित प्रमुख संसदीय सम्‍मेलनों, विशेष सत्रों, ई-विधान, राष्‍ट्रकुल संसदीय सम्‍मेलन/पीठासीन अधिकारी सम्‍मेलनों में अध्‍यक्ष की सहभागिता के और संसदीय, संवैधानिक सहित सम-सामयिक विषयों पर माननीय अध्‍यक्ष महोदय द्वारा समय-समय लिखे गये आलेखों को समाविष्‍ट किया गया है ।

UPDATED-11:41 AM: यह मुर्दों की सरकार है- उमंग सिंघार

मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल ने सांकेतिक प्रदर्शन कर भाजपा सरकार को "मुर्दों की सरकार" बताया और कहा कि भाजपा असली मुद्दों पर सो रही है। 

प्रदर्शन के दौरान उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्रदेश की जनता की समस्याओं के प्रति मुर्दों की तरह सोई हुई है। किसानों को खाद की कमी का सामना करना पड़ रहा है, युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं, महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और प्रदेश में घोटालों की परतें खुल रही हैं, लेकिन सरकार इन गंभीर मुद्दों पर मौन है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार केवल हिंदू-मुस्लिम विवाद, यूसीसी और तथाकथित लव जिहाद जैसे मुद्दों को उछालकर जनता का ध्यान भटकाने का काम कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और महंगाई जैसे जनहित के विषय सरकार की प्राथमिकता में नहीं हैं।

उमंग सिंघार ने सवाल उठाया कि यदि भाजपा वास्तव में जनता के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है, तो वह किसानों, बेरोजगार युवाओं, महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर चर्चा करने से क्यों बच रही है? उन्होंने कहा कि यूसीसी जैसे विषयों को जल्दबाजी में आगे बढ़ाकर भाजपा सरकार प्रदेश के असली मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस विधायक दल ने स्पष्ट किया कि वह जनता के सरोकारों से जुड़े मुद्दों को विधानसभा के भीतर और बाहर पूरी मजबूती से उठाता रहेगा तथा प्रदेश की जनता के अधिकारों और हितों की लड़ाई निरंतर जारी रखेगा।

UPDATED-11:32 AM: कांग्रेस का अनोखा सांकेतिक विरोध प्रदर्शन 

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया।

इसके जरिए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि BJP सरकार और RSS के लोग युवाओं, छात्रों, किसानों और जनहित के मुद्दों पर सोई रहती है, लेकिन हिंदू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद और भारत-पाकिस्तान जैसे सांप्रदायिक मुद्दों पर मुर्दों की तरह नींद से जागकर तुरंत सक्रिय हो जाते हैं।

UPDATED-09:12 AM: UCC Bill को लेकर सदन में हंगामे के आसार

सोमवार को मानसून सत्र के पहले दिन सरकार ने UCC Bill-2026 सदन के पटल पर रखा था। इस दौरान कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कड़ा विरोध जताते हुए आरोप लगाया कि विधानसभा की मूल कार्यसूची में यह विधेयक शामिल नहीं था और इसे बाद में अनुपूरक कार्यसूची के जरिए जोड़ा गया। कांग्रेस ने इसे प्रक्रिया के खिलाफ बताया।

सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सभी पक्षों की सहमति के बाद अनुपूरक कार्यसूची जारी की गई थी और उसी के अनुसार विधेयक सदन में प्रस्तुत किया गया। आज इस विधेयक पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है, जिसके चलते सदन में तीखी बहस और हंगामे के आसार बने हुए हैं।

UPDATED-09:01 AM: 14 विधेयकों पर होगी चर्चा

UCC Bill के अलावा सदन में करीब 14 अन्य विधेयकों पर भी चर्चा प्रस्तावित है। सरकार इन विधेयकों को पारित कराने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। कांग्रेस विधायक UCC का विरोध करेंगे, वहीं भाजपा इसे प्रदेश और देश के हित में आवश्यक कानून बताते हुए समर्थन करेगी।

UPDATED-08:51 AM: ध्यानाकर्षण के जरिए उठेंगे जनहित के मुद्दे

विधानसभा में नियम 138(1) के तहत दो विधायक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से महत्वपूर्ण विषय उठाएंगे।

BJP MLA Ajay Vishnoi Jabalpur जिले के मझौली विकासखंड में शासकीय उपार्जन योजना के तहत किसानों को धान और गेहूं की खरीदी का भुगतान नहीं मिलने का मुद्दा उठाएंगे और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे।

वहीं विधायक Sohanlal Valmiki परासिया के ग्राम जमुनिया जेठू स्थित ग्रीन लाइट एसीसी ब्लॉक्स फैक्ट्री में हुए विस्फोट के बाद घायल मजदूरों को मुआवजा नहीं मिलने का मामला उठाकर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे।

UPDATED-08:42 AM: ये बड़े मुद्दे भी रहेंगे चर्चा में

सदन में संपत्ति की गाइडलाइन और रजिस्ट्री शुल्क में बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग भी उठेगी। इसके अलावा भोपाल के श्याम नगर क्षेत्र में पेयजल और सीवेज लाइन की समस्या, विदिशा के सिरोंज सिविल अस्पताल में डायलिसिस और सोनोग्राफी सेवाएं शुरू करने, निवाड़ी में शासकीय लॉ कॉलेज की स्थापना, जावरा में कृषि महाविद्यालय खोलने तथा अनूपपुर जिले में आयुर्वेदिक औषधालयों के उन्नयन जैसे जनहित से जुड़े विषय भी विधायक सदन में रखेंगे।

पहले दिन UCC को लेकर हुआ था जोरदार विरोध

मानसून सत्र के पहले दिन UCC Bill को लेकर सदन और विधानसभा परिसर दोनों जगह राजनीतिक गर्माहट देखने को मिली। कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav, केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chouhan और कृषि मंत्री Aidal Singh Kansana के मुखौटे पहनकर गांधी प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने सरकार पर विधेयक को "चोरी-छिपे" कार्यसूची में शामिल करने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा ने कहा कि विरोध के बावजूद UCC लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

इसके अलावा खाद-बीज की उपलब्धता, किसानों की समस्याएं और उज्जैन भूमि खरीदी का मामला भी सदन में गूंजा। वहीं विधानसभा के बाहर 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। दिनभर चली तीखी बहस और हंगामे के बाद विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।