संसद में हंगामा: विपक्ष ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया, अखिलेश बोले- बेटियों के कपड़े फाड़ने का अधिकार किसने दिया?
मानसून सत्र के दौरान संसद में विपक्ष का हंगामा। अखिलेश यादव ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए, राहुल गांधी काले कपड़ों में पहुंचे और विपक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष ने छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर जोरदार हंगामा किया। हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लोकसभा में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान बेटियों के कपड़े तक फाड़ दिए। उन्होंने सवाल उठाया कि "पुलिस को बेटियों के कपड़े फाड़ने का अधिकार किसने दिया?"
वहीं, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष की मांग पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि पेपर लीक और छात्रों पर कार्रवाई जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार जवाब दे।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार पिछले तीन दिनों से लगातार NEET पेपर लीक समेत सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से बच रहा है।
काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे विपक्षी सांसद
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस और INDIA गठबंधन के कई सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। विपक्ष ने इसे छात्रों के समर्थन और पुलिस कार्रवाई के विरोध का प्रतीक बताया।

विपक्ष का आरोप है कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस ने अभद्र व्यवहार किया। इसी मुद्दे के साथ विपक्ष लगातार संसद में विरोध प्रदर्शन कर रहा है।
बार-बार स्थगित हुई सदन की कार्यवाही
लगातार नारेबाजी और हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होने के महज एक मिनट बाद ही स्थगित कर दी गई। दोपहर 12 बजे सदन दोबारा शुरू हुआ, लेकिन करीब पांच मिनट बाद फिर हंगामा शुरू हो गया, जिसके बाद कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
उधर, राज्यसभा में भी विपक्ष के हंगामे के चलते कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।

