स्थापना दिवस पर CM डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान: छोटे उद्योगों को मिलेगी जमीन और सुविधाएं
मध्य प्रदेश सरकार MSME औद्योगिक विकास कंपनी (MSME-IDC) बनाएगी. छोटे उद्यमियों को औद्योगिक जमीन, फ्लैटेड फैक्ट्री, सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाएं मिलेंगी.
Madhya Pradesh MSME: मध्य प्रदेश में छोटे और मझोले उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार एक नई कंपनी बनाने जा रही है. इसका नाम 'एमएसएमई औद्योगिक विकास कंपनी' (MSME-IDC) होगा. मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश में बड़े उद्योगों के लिए जिस तरह मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) काम कर रहा है, उसी तर्ज पर अब MSME सेक्टर के लिए भी अलग व्यवस्था बनाई जाएगी.
सरकार का कहना है कि किसी भी प्रदेश की आर्थिक ताकत सिर्फ बड़े उद्योगों से नहीं बनती, बल्कि छोटे और मझोले उद्योग भी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं. गांवों, कस्बों और शहरों में चलने वाली छोटी औद्योगिक इकाइयां हजारों लोगों को रोजगार देती हैं. ऐसे में इन उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अलग कंपनी बनाने का फैसला किया गया है.

छोटे उद्योगों के लिए होगी अलग कंपनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक बड़े उद्योगों के लिए मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम के माध्यम से जमीन, अधोसंरचना और निवेश से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. लेकिन एमएसएमई क्षेत्र की जरूरतें अलग हैं. छोटे उद्यमियों को भी जमीन, बिजली, पानी और दूसरी बुनियादी सुविधाओं के लिए एक व्यवस्थित व्यवस्था की जरूरत होती है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार एमएसएमई औद्योगिक विकास कंपनी का गठन करेगी. यह राज्य सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाली शासकीय कंपनी होगी और इसका पूरा फोकस सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के विकास पर रहेगा.
छोटे उद्यमियों को आसानी से मिलेगी जमीन
नई कंपनी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी एमएसएमई इकाइयों के लिए औद्योगिक जमीन की व्यवस्था करना होगी. कंपनी जमीन का चिन्हांकन, अधिग्रहण, आवंटन और प्रबंधन जैसे काम संभालेगी. इससे छोटे उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को जमीन के लिए अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
इसके अलावा कंपनी एमएसएमई औद्योगिक पार्क भी विकसित करेगी. इन पार्कों में छोटे भूखंडों के साथ फ्लैटेड फैक्ट्री और प्लग-एंड-प्ले जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है. यानी उद्यमियों को उद्योग शुरू करने के लिए पहले से तैयार बुनियादी सुविधाओं वाला स्थान मिल सकेगा.

सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी
एमएसएमई औद्योगिक विकास कंपनी औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास और रखरखाव का काम भी करेगी. इसके साथ ही प्रदेश में एमएसएमई निवेश को बढ़ावा देने और उद्यमियों को एक ही जगह जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी इसी कंपनी की होगी.
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से छोटे उद्योगों को स्थापित करने में लगने वाला समय और लागत कम होगी. नए उद्योग शुरू होने से प्रदेश में निवेश बढ़ेगा और अलग-अलग जिलों में रोजगार के अवसर भी तैयार होंगे.
MPIDC की तर्ज पर काम करेगी MSME-IDC
दरअसल, मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) बड़े निवेश और उद्योगों के लिए औद्योगिक जमीन और सुविधाएं विकसित करने का काम करता है. अब सरकार इसी मॉडल पर एमएसएमई क्षेत्र के लिए अलग कंपनी बना रही है.
इसका मकसद है कि छोटे उद्यमियों को भी बड़े निवेशकों की तरह संस्थागत सहयोग मिल सके. खासकर ऐसे युवा जो अपने जिले में ही उद्योग या कारोबार शुरू करना चाहते हैं, उन्हें जमीन और बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े.
नई कंपनी के गठन से प्रदेश के एमएसएमई सेक्टर को किस तरह का फायदा मिलेगा, यह इसके अमल में आने के बाद साफ होगा. फिलहाल सरकार ने इसके जरिए छोटे और मझोले उद्योगों के लिए अलग औद्योगिक व्यवस्था तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाने की घोषणा की है.
निजी निवेशक भी बना सकेंगे औद्योगिक पार्क
मुख्यमंत्री ने निजी निवेशकों को लेकर भी बड़ी घोषणा की है. अब प्रदेश में निजी निवेशक भी औद्योगिक पार्क विकसित कर सकेंगे. सरकार इसके लिए 50 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर के हिसाब से अनुदान देगी. इसका मकसद प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार करना और छोटे उद्योगों के लिए ज्यादा से ज्यादा जगह तैयार करना है.
इस व्यवस्था से औद्योगिक पार्क विकसित करने में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी. साथ ही छोटे और मझोले उद्योगों को अपनी इकाइयां लगाने के लिए नए विकल्प मिल सकेंगे.
दो महीने में सभी जिलों में मिलेगी MSME के लिए जमीन
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में MSME इकाइयों के लिए जमीन की कमी को लेकर भी अहम घोषणा की है. उन्होंने कहा कि अगले दो महीने में प्रदेश के सभी जिलों में छोटे उद्योगों के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाएगी.
दरअसल, प्रदेश के करीब 22 जिलों में MSME उद्योगों के लिए उपलब्ध औद्योगिक जमीन खत्म हो गई है. ऐसे में नए उद्योग लगाने के इच्छुक उद्यमियों को जमीन मिलने में परेशानी हो रही है। सरकार अब इस समस्या को दूर करने के लिए सभी जिलों में जमीन उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है.

