मप्र में डेटा सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला : मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी राज्य डेटा गवर्नेंस समिति
MP Data Governance Committee : मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी डेटा की सुरक्षा और नागरिकों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए राज्य डेटा गवर्नेंस समिति बनाई है। मुख्य सचिव होंगे अध्यक्ष।
MP Data Governance Committee : भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी विभागों के डेटा को सुरक्षित रखने और उसके बेहतर इस्तेमाल के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य में राज्य डेटा गवर्नेंस समिति का गठन किया गया है। इसका उद्देश्य अलग-अलग सरकारी विभागों के बीच डेटा का सुरक्षित और व्यवस्थित आदान-प्रदान सुनिश्चित करना है। साथ ही नागरिकों की निजी जानकारी की गोपनीयता बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने समिति के गठन को लेकर आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
मुख्य सचिव होंगे समिति के अध्यक्ष
नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के मुख्य सचिव समिति के अध्यक्ष होंगे। वहीं, मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (MPSEDC) के प्रबंध संचालक को सदस्य-संयोजक बनाया गया है। समिति में नगरीय विकास एवं आवास, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, वित्त, गृह और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। इन विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर डेटा प्रबंधन की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
डेटा सुरक्षा और गोपनीयता पर रहेगी नजर
समिति की प्रमुख जिम्मेदारी सरकारी विभागों में डेटा साझा करने के नियमों में एकरूपता लाना है। इसके अलावा सरकारी डेटा का मानकीकरण, साइबर सुरक्षा और नागरिकों की निजी जानकारी की सुरक्षा की निगरानी भी की जाएगी। विभागों के बीच डेटा साझा करने में आने वाली समस्याओं का समाधान किया जाएगा। समिति डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम-2023 के प्रावधानों के पालन के लिए भी जरूरी दिशा-निर्देश जारी करेगी।
केंद्र की समिति के साथ भी होगा समन्वय
प्रदेश की यह समिति केंद्र सरकार की नेशनल डेटा गवर्नेंस कमेटी (NDGC) के साथ समन्वय बनाकर काम करेगी। इस व्यवस्था में एनआईसी, एमपी सर्ट और डेटा प्रोटेक्शन ऑफिसर को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे सरकारी डेटा की सुरक्षा और तकनीकी निगरानी को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
सभी विभागों के डेटा की बनेगी सूची
सरकार अब प्रदेश के सभी विभागों के सरकारी डेटासेट की सूची तैयार कराने पर जोर दे रही है। इसके लिए एकीकृत स्टेट डेटा एक्सचेंज प्लेटफॉर्म विकसित करने की तैयारी है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए विभाग जरूरत के अनुसार सुरक्षित तरीके से एक-दूसरे के साथ जानकारी साझा कर सकेंगे। इससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रशासनिक कामकाज और डिजिटल सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।



