झारखंड: छात्र आंदोलन पर बड़ा एक्शन, 500 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों पर FIR

झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। विधानसभा घेराव के दौरान हुए हंगामे के बाद पुलिस ने करीब 600 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनमें करीब 100 नामजद और लगभग 500 अज्ञात लोग शामिल हैं। पुलिस CCTV और वीडियो फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान कर रही है।

झारखंड: छात्र आंदोलन पर बड़ा एक्शन, 500 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों पर FIR

रांची। झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब और तेज हो गया है। 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान हुए टकराव के बाद पुलिस ने करीब 600 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनमें करीब 100 लोग नामजद, जबकि लगभग 500 अज्ञात प्रदर्शनकारियों को आरोपी बनाया गया है।

बैरिकेडिंग टूटने के बाद बिगड़े हालात

JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची में विधानसभा की ओर मार्च कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस, वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। पुलिस का आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, जबकि प्रदर्शनकारी पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

CCTV से होगी पहचान

पुलिस ने FIR में नामजद लोगों के साथ बड़ी संख्या में अज्ञात प्रदर्शनकारियों को भी आरोपी बनाया है। अब CCTV फुटेज और उपलब्ध वीडियो के आधार पर हिंसा तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में कथित रूप से शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।

अभ्यर्थियों की क्या मांग है?

छात्र संगठन भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच, विवादित परीक्षाओं की समीक्षा/रद्द करने, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और पूरे मामले की CBI जांच की मांग कर रहे हैं। आंदोलन कई सप्ताह से जारी है और विधानसभा घेराव के बाद विवाद और गहरा गया है।

अब आंदोलन का अगला पड़ाव

FIR के बाद भी छात्रों का आंदोलन थमता नजर नहीं आ रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक प्रदर्शनकारी 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव की तैयारी कर रहे हैं। इसके मद्देनजर रांची प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और मुख्यमंत्री आवास के आसपास अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।

यानी झारखंड में नौकरी की परीक्षाओं को लेकर शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन अब FIR, पुलिस कार्रवाई और मुख्यमंत्री आवास के प्रस्तावित घेराव तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में यह मामला राज्य सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।