गंभीर के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी दिया 'ट्रांजिशन फेज' का हवाला, लेकिन क्या यही है हार की असली वजह?
इंग्लैंड के खिलाफ लगातार हार के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम के ट्रांजिशन फेज का हवाला दिया। जानिए क्यों उठ रहे हैं इस दलील पर सवाल और क्या है पूरी कहानी।
नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टी20 मुकाबले में हार के बाद भारतीय टीम एक बार फिर सवालों के घेरे में है. लगातार खराब प्रदर्शन के बीच कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी वही दलील दी, जो पिछले कुछ समय से हेड कोच गौतम गंभीर देते आ रहे हैं. टीम ट्रांजिशन फेज से गुजर रही है. हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञों और फैंस का सवाल है कि क्या सिर्फ ट्रांजिशन फेज ही लगातार हार की वजह हो सकता है?
इंग्लैंड दौरे पर पहला टी20 मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया था. इसके बाद खेले गए तीनों मैचों में भारत को हार का सामना करना पड़ा. अब टीम सीरीज में क्लीन स्वीप के खतरे का सामना कर रही है.
हार के बाद क्या बोले श्रेयस अय्यर?
ब्रिस्टल में मिली हार के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि 158 रन का स्कोर चुनौतीपूर्ण नहीं था और इंग्लैंड ने 14 ओवर में लक्ष्य हासिल कर यह साबित भी कर दिया. उन्होंने कहा कि टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है और ऐसे समय में गलतियां होना स्वाभाविक है. अय्यर ने कहा कि खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना होगा. साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि टीम के खिलाड़ी तेजी से सीख रहे हैं और प्रदर्शन का आकलन कर सुधार करेंगे.
क्या पहले भी ट्रांजिशन फेज में रही है टीम इंडिया?
भारतीय क्रिकेट के इतिहास पर नजर डालें तो टीम इससे पहले भी कई बड़े ट्रांजिशन फेज से गुजर चुकी है, लेकिन तब प्रदर्शन इतना खराब नहीं रहा.
टेस्ट टीम ने दिया था शानदार उदाहरण
साल 2025 में विराट कोहली और रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया. इसके बाद युवा कप्तान शुभमन गिल को इंग्लैंड दौरे पर टीम की कमान सौंपी गई. उस समय माना जा रहा था कि अनुभवहीन टीम संघर्ष करेगी, लेकिन भारत ने इंग्लैंड में 2-2 से सीरीज ड्रॉ कर सभी को चौंका दिया. इस प्रदर्शन को किसी जीत से कम नहीं माना गया.
टी20 में भी बदलाव के बाद नहीं टूटा था भारत
टी20 विश्व कप 2024 जीतने के बाद रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविंद्र जडेजा ने इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया. इसके बाद सूर्यकुमार यादव को कप्तान बनाया गया. तीन दिग्गज खिलाड़ियों के जाने के बावजूद भारत ने मजबूत बेंच स्ट्रेंथ के दम पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया और करीब दो साल तक कोई टी20 सीरीज नहीं हारी. इसी दौरान टीम ने एक और टी20 विश्व कप अपने नाम किया.
फिर इस बार क्या बदला?
मौजूदा टीम में बड़े बदलाव भी नहीं हुए हैं. सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को कप्तानी मिली, जबकि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल किया गया. इसके अलावा अधिकांश खिलाड़ी वही हैं, जो पिछले सफल अभियान का हिस्सा रहे थे. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सिर्फ ट्रांजिशन फेज लगातार हार की वजह है, या फिर टीम चयन, रणनीति, कप्तानी और कोचिंग से जुड़े फैसलों की भी समीक्षा की जरूरत है.
अब बढ़ेगा दबाव
लगातार हार के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर और हेड कोच गौतम गंभीर दोनों पर दबाव बढ़ गया है. टीम प्रबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती खिलाड़ियों का आत्मविश्वास लौटाने और जीत की लय हासिल करने की होगी. आने वाले मुकाबलों में भारत का प्रदर्शन तय करेगा कि ट्रांजिशन फेज की दलील कितनी मजबूत है और टीम इस दौर से कितनी जल्दी बाहर निकल पाती है.

