मध्यप्रदेश में 1 और 7 अप्रैल से शुरू होगी गेहूं खरीदी, 2625 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा भाव
इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 1 अप्रैल को शेष संभागों में 7 अप्रैल से होगी गेहूं खरीदी। गेहूं उपार्जन के लिये 19 लाख से ज्यादा किसानों ने कराया पंजीयन।
भोपाल। मध्यप्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तैयारी पूरी कर ली गई है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 1 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू होगी, जबकि शेष संभागों में यह प्रक्रिया 7 अप्रैल से प्रारंभ की जाएगी।
उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए खरीदी केंद्रों पर शासकीय कार्य दिवसों में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक गेहूं की खरीदी की जाएगी। इस वर्ष सरकार ने किसानों को राहत देते हुए समर्थन मूल्य पर 40 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस देने का निर्णय लिया है। इसके बाद प्रदेश में गेहूं का कुल समर्थन मूल्य 2625 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।

मंत्री राजपूत के अनुसार, इस बार गेहूं उपार्जन के लिए किसानों में काफी उत्साह देखा गया है। प्रदेश भर में कुल 19 लाख 4 हजार 651 किसानों ने पंजीयन कराया है, जो कि पिछले वर्ष के 15 लाख 44 हजार किसानों की तुलना में काफी अधिक है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि किसानों का भरोसा सरकारी खरीदी व्यवस्था पर लगातार बढ़ रहा है।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी पंजीयन की संख्या उल्लेखनीय रही है। उज्जैन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, देवास और सागर जैसे जिलों में बड़ी संख्या में किसानों ने पंजीकरण कराया है। सरकार ने खरीदी केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

इंदौर में 71713, झाबुआ में 7120, धार में 44466, अलीराजपुर में 476, खण्डवा में 35104, बुरहानपुर में 523, बड़वानी में 4724, खरगोन में 27557, शाजापुर में 73878, नीमच में 19445, उज्जैन में 123281, आगर-मालवा में 42446, मंदसौर में 65195, देवास में 76442, रतलाम, 45912, अशोक नगर में 16454, दतिया में 19118, शिवपुरी में 21312, ग्वालियर में 13763, गुना में 22914, भिण्ड में 12788, मुरैना में 10893, श्योपुर में 17617, डिण्डौरी में 4478, मण्डला में 19611, जबलपुर में 49642, कटनी में 52126, सिवनी में 53288, नरसिंहपुर में 38416, छिन्दवाड़ा में 29163, बालाघाट में 4383, पांढुर्णा में 863, नर्मदापुर में 71831, बैतूल में 18686, हरदा में 40273, भोपाल में 37129, रायसेन में 76264, विदिशा में 86479, सीहोर में 101793, राजगढ़ 98537, सीधी में 12813, सिंगरौली में 10970, महूगंज में 8018, सतना में 56376, मैहर में 19787, रीवा में 46923, अनुपपुर में 882, शहडोल में 9479, उमरिया में 13445, टीकमगढ़ में 15552, निवाड़ी में 4116, सागर में 75791, पन्ना में 30052, दमोह में 39938 और जिला छतपुर में 34378 किसानों ने पंजीयन कराया है।
सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिले और खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम बने। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
Varsha Shrivastava 
