इंदौर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, गेहूं खरीदी और जल संरक्षण में मध्य प्रदेश ने बनाया नया रिकॉर्ड
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर दौरे के दौरान प्रदेश में रिकॉर्ड गेहूं खरीदी और जल संरक्षण अभियान की बड़ी उपलब्धियां गिनाईं। सीएम ने बताया कि एमपी देश में जल संरक्षण और गेहूं उपार्जन में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।
इंदौर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को इंदौर दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं को लेकर मीडिया से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस बार किसानों से सर्वाधिक गेहूं खरीदी का रिकॉर्ड मध्य प्रदेश ने बनाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बार लघु और सीमांत किसानों को प्राथमिकता देते हुए खरीदी नीति में बदलाव किया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 13 लाख 46 हजार से अधिक किसानों से रिकॉर्ड स्तर पर गेहूं का उपार्जन किया गया है और राज्य ने अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में किसानों के लिए बिजली समेत कई नई सौगातें दी जाएंगी।
जल गंगा संवर्धन अभियान से बदली तस्वीर, दो लाख से ज्यादा जल संरचनाओं पर काम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में चलाए जा रहे “जल गंगा संवर्धन अभियान” की जानकारी देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से दो लाख से ज्यादा जल संरचनाओं पर कार्य किया जा रहा है।
इन कार्यों में कुएं, बावड़ी, तालाब, नहर और नदी उद्गम स्थलों का संरक्षण शामिल है। साथ ही नए अमृत सरोवरों का निर्माण भी किया जा रहा है, ताकि भविष्य में जल संकट से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।
मध्यप्रदेश ने किसानों से गेहूं खरीदी में पूरे देश में नया इतिहास रचा है।
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) May 28, 2026
13 लाख 46 हजार से अधिक किसानों से रिकॉर्ड गेहूं खरीदी कर प्रदेश ने अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ा है। विशेष संतोष इस बात का है कि पहली बार लघु एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता देते हुए लगभग 34 लाख मीट्रिक टन… pic.twitter.com/U4x9PNIxGo
‘डग-डग नीर’ वाले मालवा में बढ़ रहा जल संकट, सरकार गंभीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार जल दोहन के कारण भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है और जल संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि मालवा क्षेत्र की पहचान कभी ‘डग-डग नीर’ के रूप में होती थी, लेकिन अब यहां भी जल संकट की स्थिति बनने लगी है। सरकार इस चुनौती को गंभीरता से लेते हुए बड़े स्तर पर काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि गंगा दशमी के अवसर पर प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों में 8 लाख से अधिक कार्यकर्ताओं और जलदूतों ने भाग लिया और जल संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।
सादगी का संदेश: लोकल वाहन से उज्जैन रवाना हुए मुख्यमंत्री
इंदौर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सांवेर क्षेत्र में एक बावड़ी के जीर्णोद्धार कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मितव्ययिता संदेश का पालन करते हुए इंदौर से उज्जैन तक लोकल वाहन से यात्रा कर सादगी का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम में मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी और भाजपा के कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
shivendra 
