मऊगंज में जंगली जानवरों का आतंक: सियार के हमले से युवक घायल, गांव में दहशत का माहौल

सियार ने हमला कर युवक को किया लहूलुहान। घायल का इलाज सीएचसी नईगढ़ी में जारी। उपचार छत्रगढ़ गांव में घटी घटना। 

मऊगंज में जंगली जानवरों का आतंक: सियार के हमले से युवक घायल, गांव में दहशत का माहौल

मऊगंज से रिपोर्टर राजेंद्र पयासी। जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत छत्रगढ़ गांव में जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला 28 जून की सुबह का है, जब अपने घर के सामने बैठे एक युवक पर सियार ने अचानक हमला कर दिया। इस घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया है।

घर के बाहर बैठे युवक पर अचानक हमला

घटना में सुरेश साहू, पिता रामकिशोर साहू, उम्र 32 वर्ष, निवासी छत्रगढ़, सुबह अपने घर के सामने बैठे थे। तभी झाड़ियों में छिपे एक सियार ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और खून से लथपथ हो गया। घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद सियार मौके से भाग निकला। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नईगढ़ी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार युवक की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

हमले के बाद से गांव में दहशत का माहौल

घटना के बाद छत्रगढ़ सहित आसपास के गांवों में डर और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से जंगली जानवरों की आवाजाही गांवों के आसपास बढ़ गई है। इससे पहले भी कई गांवों में इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसमें लोग घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग को बार-बार सूचना देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

वन संपदा के दोहन और ब्लास्टिंग पर सवाल

स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि जंगल क्षेत्रों में अवैध खनन और क्रेशर मशीनों के लिए की जा रही भारी ब्लास्टिंग के कारण जंगली जानवर अपने प्राकृतिक आवास छोड़कर गांवों की ओर आ रहे हैं। इसके अलावा जंगलों की कटाई और शिकार की घटनाएं भी बढ़ रही हैं, जिससे वन्यजीवों का संतुलन बिगड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी नईगढ़ी क्षेत्र के शिवराजपुर, शाहपुर, रामपुर, अकौरी और महेवा जैसे गांवों में सियार और अन्य जंगली जानवरों द्वारा कई लोगों पर हमले किए जा चुके हैं। कुछ मामलों में गंभीर चोटें आईं, जबकि एक मासूम की मौत भी हो चुकी है।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि जंगलों में हो रहे अवैध खनन और ब्लास्टिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में वन्यजीवों की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल घायल युवक का उपचार जारी है और गांव में भय का माहौल बना हुआ है।